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भारत सरकार के सरकारी ई-मार्केटप्लेस पर पंजीकरण हेतु सहायता केंद्र

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GeM पोर्टल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया | GeM पंजीकरण के फायदे | उत्पाद और सेवाएं अपलोड करने की पूरी गाइड

GeM पोर्टल पर उत्पाद और सेवाएं अपलोड करने की चरण-दर-चरण प्रक्रिया

GeM (Government e-Marketplace) पर सेलर रजिस्ट्रेशन करके आप सीधे सरकारी विभागों, मंत्रालयों और PSU को अपने उत्पाद और सेवाएं बेच सकते हैं। यह पूरी प्रक्रिया 100% डिजिटल, पारदर्शी और बिचौलियों से मुक्त है।

इस गाइड में हम GeM पोर्टल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज़, Caution Money नियम और प्रोडक्ट या सर्विस अपलोड करने के चरण-दर-चरण तरीके को विस्तार से समझेंगे।

GeM पोर्टल क्या है

GeM (Government e-Marketplace) भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय (Ministry of Commerce and Industry) द्वारा शुरू किया गया एक डिजिटल नेशनल पब्लिक प्रोक्योरमेंट पोर्टल है। अगस्त 2016 में लॉन्च किए गए इस प्लेटफ़ॉर्म का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार के मंत्रालयों, सरकारी विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) और स्वायत्त निकायों (Autonomous Bodies) द्वारा की जाने वाली सामान और सेवाओं (Goods & Services) की खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, कुशल और डिजिटल बनाना है। आधिकारिक पोर्टल gem.gov.in के जरिए अब पूरी प्रोक्योरमेंट व्यवस्था ऑनलाइन संचालित होती है।

GeM पोर्टल की कार्यप्रणाली और खरीदार नियम (Procurement Rules)

GeM पोर्टल एक एंड-टू-एंड ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की तरह काम करता है, जहाँ सरकारी खरीदार (Buyers) और निजी विक्रेता (Sellers/Vendors) एक जगह जुड़ते हैं। सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीदारी के लिए जनरल फाइनेंशियल रूल्स (GFR Rule 149) के तहत निम्नलिखित नियम तय किए गए हैं:

  • Direct Purchase (डायरेक्ट परचेज): ₹10,000 तक की वैल्यू के सामान या सेवाओं को सरकारी बायर किसी भी रजिस्टर्ड सप्लायर से बिना कंपैरिजन के सीधे खरीद सकता है।
  • L1 Procurement (L-1 खरीदारी): ₹10,000 से ऊपर और ₹5,000,000 (50 लाख रुपये) तक के आर्डर के लिए पोर्टल पर कम से कम 3 अलग-अलग मैन्युफैक्चरर्स/सेलेर्स के प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता और प्राइस की तुलना की जाती है, और सबसे कम रेट देने वाले (Lowest Cost - L1) से प्रोक्योरमेंट किया जाता है।
  • e-Bidding और Reverse Auction (RA): ₹50 लाख से अधिक के आर्डर या विशिष्ट सेवाओं के लिए ई-बिडिंग (e-Bidding) या रिवर्स ऑक्शन की प्रक्रिया अनिवार्य होती है, जहाँ विक्रेताओं के बीच पारदर्शी कंपटीटिव बिडिंग होती है।

छोटे व्यापारियों, स्टार्टअप्स और सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों (MSME) के लिए यह एक बहुत बड़ा बिजनेस अपॉर्चुनिटी प्लेटफॉर्म है। अगर आप अपने बिजनेस को सरकारी सप्लाई से जोड़ना चाहते हैं, तो MSME के लिए GeM पोर्टल का महत्व और आसान रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को समझकर पोर्टल पर अपना प्रोफाइल बनाना एक बड़ा रणनीतिक कदम हो सकता है। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होती है और डायरेक्ट सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स पाने का मौका मिलता है।

GeM रजिस्ट्रेशन के फायदे

Government e-Marketplace (GeM) पर एक विक्रेता (Seller) के रूप में रजिस्टर करना भारतीय MSME, Startups और बिज़नेस ओनर्स के लिए सरकारी procurement मार्केट के बड़े अवसर खोलता है। पारंपरिक सरकारी टेंडरिंग प्रक्रिया की तुलना में GeM portal ने पूरी व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और सुलभ बना दिया है।

1. 60,000+ सरकारी खरीदारों तक सीधी पहुँच

GeM पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन पूरा होते ही विक्रेताओं को देश भर के 60,000 से अधिक सरकारी खरीदार संगठनों (Central & State Ministries, PSUs, Defence Establishments और Gram Panchayats) तक सीधी एक्सेस मिलती है। बिना किसी बिचौलिये (Middlemen) के अपने Products और Services का कैटलॉग सीधे सरकारी अधिकारियों के सामने प्रस्तुत किया जा सकता है।

2. 10-15 दिनों में समयबद्ध और सुरक्षित भुगतान

छोटे व्यवसायों के लिए सबसे बड़ी चुनौती टाइमली पेमेंट की होती है। GeM पोर्टल के सख्त नियमों के तहत, डिलीवरी स्वीकार होने और Consignee Receipt and Acceptance Certificate (CRAC) जारी होने के 10 से 15 दिनों के भीतर भुगतान विक्रेता के लिंक बैंक अकाउंट में सीधे क्रेडिट कर दिया जाता है। इससे बिज़नेस का Working Capital चक्र प्रभावित नहीं होता।

3. MSME और Startups के लिए विशेष छूट (Exemptions) और कोटा

भारत सरकार की Public Procurement Policy के तहत registered MSME विक्रेताओं को GeM पर कई बड़े वित्तीय और प्रक्रियात्मक लाभ मिलते हैं:

  • EMD (Earnest Money Deposit) Waiver: Udyam Registered MSEs को टेंडर में भाग लेते समय EMD यानी बयाना राशि जमा करने से पूरी छूट मिलती है।
  • Prior Experience और Turnover में राहत: नए MSME और DPIIT Recognized Startups के लिए न्यूनतम टर्नओवर और पिछले अनुभव की अनिवार्य शर्तों में विशेष छूट दी जाती है।
  • 25% Purchase Preference: कुल सरकारी खरीद का न्यूनतम 25% कोटा Micro & Small Enterprises (MSEs) के लिए आरक्षित रहता है। इस 25% कोटा के भीतर 4% SC/ST उद्यमियों और 3% महिला उद्यमियों (Women Entrepreneurs) के लिए विशेष प्रावधान है।

यदि आप अपने छोटे बिज़नेस को सरकारी सप्लाई से जोड़ना चाहते हैं, तो MSME के लिए GeM पोर्टल का महत्व और आसान रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया | सरकारी खरीद गाइड समझकर तुरंत अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करें।

GeM पोर्टल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया – आसान और चरण-दर-चरण गाइड

Government e-Marketplace (GeM) पर Seller या Service Provider के रूप में जुड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन, पारदर्शी और पेपरलेस है। यदि आपके पास सभी आवश्यक दस्तावेज़ उपलब्ध हैं, तो आप मात्र 15 से 20 मिनट में अपना Seller Account एक्टिवेट कर सकते हैं। नीचे दी गई गाइड के माध्यम से GeM पोर्टल रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया स्टेप-बाय-स्टेप समझें:

Step 1: GeM Portal पर जाएं और Sign Up करें

सबसे पहले आधिकारिक वेब पोर्टल gem.gov.in पर जाएं और होमपेज पर ऊपर दिए गए 'Sign Up' विकल्प में जाकर 'Seller' पर क्लिक करें। इसके बाद अपने बिजनेस का सही प्रकार चुनें (जैसे Proprietorship, Partnership, Private Limited या Micro/Small Enterprise)।

Step 2: Aadhaar / PAN और OTP सत्यापन

Seller Account बनाने के लिए अधिकृत व्यक्ति (Proprietor या Authorized Signatory) का Aadhaar Number दर्ज करें। ध्यान रखें कि आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP को दर्ज करके Instant Verification पूरा करना होगा। इसके बाद अपनी संस्था का PAN दर्ज करें, जिसे GeM सिस्टम CBDT डेटाबेस से रियल-टाइम में ऑटो-वेरिफाई कर लेता है।

Step 3: Udyam और GSTIN मैपिंग

अपने व्यवसाय को सरकारी प्राथमिकताओं से जोड़ने के लिए Udyam और GST डिटेल्स लिंक करें:

Step 4: Bank Account जोड़ने और Caution Money जमा करने की प्रक्रिया

सरकारी ऑर्डर का भुगतान प्राप्त करने के लिए अपने बिजनेस का प्राइमरी Bank Account Number और IFSC Code दर्ज करें। पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) द्वारा बैंक खाते की पुष्टि होने के बाद, टर्नओवर के अनुसार Caution Money (₹5,000 से ₹25,000 तक) पोर्टल पर डिपॉजिट करनी होती है। Caution Money जमा होते ही आपका GeM Seller Dashboard पूरी तरह से सक्रिय हो जाता है और आप प्रोडक्ट लिस्टिंग शुरू कर सकते हैं।

GeM रजिस्ट्रेशन के लिए आवश्यक दस्तावेज़

GeM पोर्टल (Government e-Marketplace) पर सेलर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को बिना किसी रुकावट के पूरा करने के लिए आपके पास सभी प्राथमिक और कानूनी दस्तावेज़ तैयार होने चाहिए। आपके बिजनेस स्ट्रक्चर (Proprietorship, Partnership या Private Limited) के आधार पर आवश्यक दस्तावेज़ों की विस्तृत चेकलिस्ट नीचे दी गई है:

1. सभी सेल्लर्स के लिए अनिवार्य बेसिक दस्तावेज़

  • PAN Card: प्रोप्राइटर का पर्सनल PAN कार्ड (Proprietorship के लिए) या फर्म/कंपनी के नाम पर जारी PAN Card।
  • Aadhaar Card: ऑथराइज्ड सिग्नेटरी का आधार कार्ड, जो एक्टिव मोबाइल नंबर से लिंक हो (e-OTP सत्यापन के लिए अनिवार्य)।
  • GSTIN (GST Number): एक्टिव GST रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और एड्रेस वेरिफिकेशन।
  • बैंक डिटेल्स & Cancelled Cheque: कंपनी/फर्म के नाम का बैंक खाता संख्या, IFSC कोड और अकाउंट वेरिफिकेशन के लिए स्पष्ट बैंक कैंसिल चेक या पासबुक कॉपी।
  • ITR (Income Tax Returns): टर्नओवर वेरिफिकेशन और फाइनेंशियल असेसमेंट के लिए पिछले 1 से 3 वर्षों की ITR फाइलिंग डिटेल्स और Computations।
  • Udyam Certificate: छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए एमएसएमई सर्टिफिकेट जरूरी है, जिससे टेंडर में EMD Exemption (बयाना राशि की छूट) और सिक्योरिटी डिपॉजिट में राहत मिलती है। अधिक जानकारी के लिए एमएसएमई के लिए Udyam Certificate 2025 | उद्यम पंजीकरण का महत्त्व | छोटे व्यवसायों के लिए लाभ और अवसर गाइड देखें।

2. बिजनेस टाइप के अनुसार आवश्यक अतिरिक्त दस्तावेज़ (Checklist)

  • Sole Proprietorship (एकल स्वामित्व): प्रोप्राइटर का PAN, आधार, GSTIN, शॉप एक्ट लाइसेंस या ट्रेड लाइसेंस, और एक्टिव बैंक अकाउंट डिटेल्स।
  • Partnership Firm: रजिस्टर्ड पार्टनरशिप डीड (Partnership Deed), फर्म का PAN Card, सभी पार्टनर्स की लिस्ट, और GeM अकाउंट ऑपरेट करने के लिए ऑथराइज्ड पार्टनर का Authorization Letter।
  • Private Limited / LLP / OPC: MCA द्वारा जारी Certificate of Incorporation (CoI), कंपनी का PAN Card, MOA & AOA, बोर्ड रेजोल्यूशन (Board Resolution for Authorized Signatory), और डायरेक्टर्स का DIN (Director Identification Number)।

रजिस्ट्रेशन के समय इन सभी डॉक्यूमेंट्स की स्कैन्ड कॉपी (PDF या JPEG फॉर्मेट) तैयार रखें ताकि e-KYC और प्रोफाइल वेरिफिकेशन तुरंत पूरा हो सके। रजिस्ट्रेशन से जुड़े लेटेस्ट गाइडलाइंस के लिए आप आधिकारिक GeM Portal पर भी जानकारी ले सकते हैं।

GeM बायर पंजीकरण (Buyer Registration)

GeM पोर्टल पर केवल सेलर (विक्रेता) ही रजिस्ट्रेशन नहीं करते, बल्कि केंद्र व राज्य सरकार के मंत्रालयों, विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs), और स्वायत्त निकायों (Autonomous Bodies) के अधिकारियों के लिए Buyer Registration अनिवार्य होता है। सरकारी खरीद (Government Procurement) को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए बायर अकाउंट की संरचना बेहद व्यवस्थित रखी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप GeM खरीदार पंजीकरण 2025 पर विस्तृत गाइड भी देख सकते हैं।

1. पात्रता और HOD (Head of Department) स्वीकृति

GeM पर खरीदार बनने के लिए अधिकारी के पास @gov.in या @nic.in वाली ऑफिशियल गवर्नमेंट ईमेल आईडी (Official Govt Email ID) और आधार से लिंक मोबाइल नंबर होना अनिवार्य है। इसके साथ ही, रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू करने से पहले विभाग के Head of Department (HOD) की स्वीकृति (Verification) की आवश्यकता होती है।

2. प्राइमरी बायर बनाम सेकेंडरी बायर (Roles and Rights)

GeM पोर्टल पर बायर अकाउंट्स को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा गया है:

  • Primary Buyer (प्राइमरी बायर): यह अकाउंट विभाग के HOD या उनके द्वारा अधिकृत (Authorized) Deputy Secretary/Director स्तर के अधिकारी द्वारा बनाया जाता है।
    • अधिकार: संगठन/विभाग का प्रोफाइल सेट करना, संगठन का स्ट्रक्चर तैयार करना, और सेकेंडरी बायर्स (Secondary Buyers) के अकाउंट क्रिएट, ट्रांसफर या डिसेबल करना।
    • नोट: प्राइमरी बायर सीधे पोर्टल से उत्पाद या सेवाएं खरीदने (Direct Purchase/Bidding) का काम नहीं कर सकता।
  • Secondary Buyer (सेकेंडरी बायर): प्राइमरी बायर द्वारा विभाग के अन्य अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारी के अनुसार सेकेंडरी बायर के रूप में जोड़ा जाता है।
    • अधिकार व भूमिकाएं:
      • Buyer: एल-1 (L1) डायरेक्ट परचेज, L1 कम्पेरिज़न, और डायरेक्ट बिडिंग/टेंडर निकालने का काम करता है।
      • Consignee: डिलीवरी प्राप्त करता है और सामान की जांच के बाद CRAC (Consignee Receipt and Acceptance Certificate) जारी करता है।
      • DDO / PAO: बिल प्रोसेसिंग, फंड आवंटन और सप्लायर को समय पर पेमेंट जारी करने के लिए जिम्मेदार होते हैं।

3. पंजीकरण प्रक्रिया

अधिकारी gem.gov.in पर जाकर 'Register' टैब में 'Buyer' विकल्प चुनते हैं। आधार और NIC ईमेल वेरिफिकेशन के बाद HOD की डिटेल्स दर्ज की जाती हैं। OTP वेरिफिकेशन पूरा होते ही Primary Buyer का अकाउंट एक्टिवेट हो जाता है, जिसके बाद वे अपने विभाग के बजट और आवश्यकताओं के अनुसार Secondary Buyers को रोल असाइन कर सकते हैं।

GeM पोर्टल पर सेवाएं अपलोड करने की प्रक्रिया

GeM पोर्टल (Government e-Marketplace) पर केवल भौतिक उत्पाद ही नहीं, बल्कि विभिन्न प्रकार की सर्विसेज (Services) जैसे - Manpower Outsourcing, IT Services, Catering, और Vehicle Hiring (वाहन किराया) भी लिस्ट की जा सकती हैं। सर्विस कैटलॉग बनाने की प्रक्रिया प्रोडक्ट्स से अलग होती है क्योंकि यहाँ मूल्य निर्धारण यूनिट-बेस्ड न होकर सर्विस पैरामीटर्स और सर्विस लेवल एग्रीमेंट (SLA) पर आधारित होता है।

विभिन्न सेवाओं के लिए कैटलॉग निर्माण के मुख्य चरण:

  • सर्वेश कैटेगरी का चयन: अपने Seller Dashboard में लॉगिन करें, 'Catalogue' टैब के तहत 'Services' पर क्लिक करें और अपनी सेवा (जैसे- Manpower, IT, Vehicle, Catering) चुनें।
  • सेवा विवरण और पैरामीटर्स दर्ज करना:
    • Manpower Services: इसमें कर्मचारियों की योग्यता, कार्य अनुभव, वर्किंग आवर्स और Minimum Wages Act का पालन सुनिश्चित करते हुए जॉब रोल डिफाइन करें।
    • Vehicle Hiring: वाहन का प्रकार (Sedan, SUV), फ्यूल टाइप (Diesel, EV, Petrol), मॉडल वर्ष और पैकेज (जैसे 800 KM / 80 Hours प्रति माह) सिलेक्ट करें।
    • IT Services: डेवलपर/इंजीनियर का अनुभव स्तर, प्रोजेक्ट का स्कोप, और मैन-मंथ/मैन-डे बिलिंग मॉडल सेट करें।
    • Catering Services: प्रति थाली/मील रेट, वेज/नॉन-वेज मेन्यू, और मिनिमम आर्डर कैपेसिटी निर्धारित करें।
  • प्राइस मैट्रिक्स (Price Matrix) और SLA सेट करना: सर्विस की प्राइसिंग तय करने के लिए GeM के इन-बिल्ट प्राइस मैट्रिक्स का उपयोग करें। इसमें बेस प्राइस, ओवरटाइम चार्जेस, एक्स्ट्रा किलोमीटर रेट्स और पेनल्टी क्लॉज (SLA Violations) को सही ढंग से सेट करना अनिवार्य है।
  • जरूरी लाइसेंस और दस्तावेज़: संबंधित सेवा के अनुसार आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें, जैसे कैटरिंग के लिए FSSAI License, वाहन सेवा के लिए RTO Commercial Permit, या मैनपावर के लिए Labour Registration Certificate।

दस्तावेज़ और प्राइस मैट्रिक्स सबमिट करने के बाद GeM सिस्टम आपके कैटलॉग का रिव्यू करता है। अप्रूवल मिलने के बाद आपकी सेवा GeM पोर्टल पर लाइव हो जाती है। इसके बाद आप डायरेक्ट सर्विस ऑर्डर प्राप्त कर सकते हैं या L1 बिडिंग में भाग ले सकते हैं। सेवा टेंडर में भाग लेने की पूरी विधि समझने के लिए GeM पर टेंडर कैसे करें? | GeM टेंडर आवेदन प्रक्रिया, डॉक्यूमेंट, रजिस्ट्रेशन और जीतने के टिप्स 2026 लेख पढ़ें।

सर्विस लिस्टिंग से जुड़ी नवीनतम नीतियों और सर्विस वाइज स्टैंडर्ड्स को देखने के लिए आप GeM Official Portal पर जा सकते हैं।

GeM पोर्टल रजिस्ट्रेशन शुल्क और Caution Money नियम

कई नए विक्रेताओं के मन में यह सवाल होता है कि GeM पोर्टल रजिस्ट्रेशन शुल्क कितना है? इसका सीधा उत्तर है कि GeM Official Portal पर अकाउंट बनाना और प्राथमिक GeM पोर्टल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी तरह से फ्री (Free of Cost) है। भारत सरकार पोर्टल पर प्राइमरी साइन-अप या अकाउंट क्रिएशन के लिए कोई शुल्क नहीं लेती है।

हालांकि, व्यापारिक विश्वसनीयता बनाए रखने, गलत बिडिंग को रोकने और ऑर्डर पूरा करने की प्रतिबद्धता सुनिश्चित करने के लिए GeM ने Caution Money Deposit और Vendor Assessment जैसी व्यवस्थाएं लागू की हैं।

1. Caution Money Deposit (वार्षिक टर्नओवर के आधार पर नियम)

GeM पोर्टल पर प्रोडक्ट या सर्विस अपलोड करने और सीधे ऑर्डर या टेंडर में भाग लेने के लिए विक्रेताओं को अपने पिछले वित्तीय वर्ष के Turnover के अनुसार Caution Money डिपॉजिट करनी होती है। यह राशि सेलर के GeM ई-वॉलेट में जमा रहती है:

  • वार्षिक टर्नओवर ₹1 करोड़ से कम: ₹5,000
  • वार्षिक टर्नओवर ₹1 करोड़ से ₹10 करोड़ तक: ₹10,000
  • वार्षिक टर्नओवर ₹10 करोड़ से अधिक: ₹25,000

यह राशि केवल सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में रहती है। यदि सेलर किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं करता (जैसे ऑर्डर कैंसिल करना या घटिया सामान सप्लाई करना), तो यह डिपॉजिट सुरक्षित रहता है। छोटे व्यवसायों और सूक्ष्म उद्यमों के लिए यह न्यूनतम शुल्क प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी बनाता है। अधिक जानकारी के लिए आप MSME के लिए GeM पोर्टल का महत्व और आसान रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया वाला ब्लॉग पढ़ सकते हैं।

2. Vendor Assessment Fee (वेंडर असेसमेंट शुल्क)

यदि आप GeM पर निर्माता (OEM - Original Equipment Manufacturer) के रूप में खुद को रजिस्टर करते हैं, तो Quality Council of India (QCI) द्वारा आपकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और क्वालिटी स्टैंडर्ड का असेसमेंट किया जाता है। इसके लिए लगभग ₹11,200 + GST का असेसमेंट शुल्क देना होता है। हालांकि, Udyam Certificate धारक Micro & Small Enterprises (MSEs) और DPIIT-मान्यता प्राप्त Startups को कुछ श्रेणियों में इस Vendor Assessment से छूट प्राप्त होती है।

GeM पर ऑर्डर प्राप्त करने के तरीके: Direct Purchase, L1 और Tendering

GeM (Government e-Marketplace) पर विभिन्न सरकारी विभाग, राज्य सरकारें, मंत्रालय और PSUs अपनी दैनिक आवश्यकताओं के अनुसार उत्पाद (Products) और सेवाएं (Services) खरीदते हैं। एक रजिस्टर्ड सेलर (Seller) के रूप में आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि सरकारी खरीदार (Buyers) किस बजट लिमिट के आधार पर ऑर्डर्स जारी करते हैं। GeM नियमों के अनुसार, खरीदारी प्रक्रिया को मूल्य सीमा (Value Thresholds) के आधार पर तीन प्रमुख श्रेणियों में बांटा गया है:

1. Direct Purchase (डायरेक्ट परचेज - ₹25,000 तक)

यदि किसी सरकारी कार्यालय की कुल खरीदारी का मूल्य ₹25,000 तक है, तो बायर को टेंडर या कंपैरिजन करने की आवश्यकता नहीं होती। इस प्रक्रिया में बायर पोर्टल पर उपलब्ध किसी भी ऐसे सेलर से सीधे सामान खरीद सकता है जो उनकी क्वालिटी और डिलीवरी टाइमलाइन को पूरा करता हो। छोटे व्यापारियों और नए MSME सेलर्स के लिए जल्दी पहला ऑर्डर पाने का यह सबसे आसान तरीका है। इसके लिए अपने कैटलॉग में प्रोडक्ट्स की सही प्राइसिंग और स्टॉक्स मेंटेन रखना जरूरी है।

2. L1 Comparison (L1 कंपैरिजन - ₹25,000 से ₹5 लाख तक)

जब खरीदारी का बजट ₹25,000 से अधिक और ₹5,000,000 (₹5 लाख) तक होता है, तो बायर को डायरेक्ट परचेज की अनुमति नहीं होती। इस स्थिति में बायर को GeM पोर्टल पर उपलब्ध कम से कम 3 अलग-अलग मैन्युफैक्चरर्स/सेलर्स के प्रोडक्ट्स का ऑनलाइन कंपैरिजन करना अनिवार्य है। पोर्टल स्वचालित रूप से सबसे कम दाम वाले सेलर को L1 (Lowest Bidder) के रूप में सिलेक्ट करता है और ऑर्डर उसी L1 सेलर को दिया जाता है।

3. Bidding / Tendering (₹5 लाख से अधिक)

₹5,000,000 से अधिक के मूल्य वाले सभी सामानों या सर्विसेज की खरीद के लिए बायर को e-Bidding या Reverse Auction (RA) आयोजित करना अनिवार्य होता है। इसमें देश भर के पात्र सेलर्स ऑनलाइन अपनी वित्तीय और तकनीकी बिड (Technical & Financial Bid) जमा करते हैं। यदि आप बड़े मूल्य के सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स जीतना चाहते हैं, तो GeM पर टेंडर कैसे करें गाइड की मदद से बिडिंग की शर्तों और एलिजिबिलिटी को समझकर आसानी से भाग ले सकते हैं।

खरीदारी की इन सभी प्रक्रियाओं के विस्तृत नियमों और समय-समय पर होने वाले पॉलिसी बदलावों के लिए आप सरकार के आधिकारिक पोर्टल gem.gov.in पर भी दिशानिर्देश देख सकते हैं। अपनी प्रोडक्ट लिस्टिंग को सही कैटेगरी में अपडेट रखकर आप तीनों श्रेणियों में ऑर्डर्स हासिल कर सकते हैं।

निष्कर्ष: GeM पोर्टल से अपने व्यवसाय को सरकारी बाजार से जोड़ें

GeM (Government e-Marketplace) आज भारतीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) और व्यापारियों के लिए सरकारी विभागों में सीधे सामान और सेवाएं बेचने का सबसे पारदर्शी और प्रभावी माध्यम बन चुका है। भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, राज्य सरकारों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) द्वारा सालाना 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की खरीद GeM के जरिए की जा रही है। ऐसे में यदि आप अपने बिजनेस का टर्नओवर बढ़ाना चाहते हैं, तो GeM पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराना बेहद आवश्यक है।

केवल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी कर लेना ही काफी नहीं है; सरकारी सप्लाई ऑर्डर (Government Purchase Orders) हासिल करने के लिए विक्रेताओं को इन महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान देना चाहिए:

  • 100% Profile Completion: अपने Seller Account की प्रोफाइल को 100% पूरा करें। अपना PAN, GST, Udyam Registration और बैंक विवरण सत्यापन (Bank Account Verification) सही ढंग से लिंक करें ताकि आपकी प्रोफाइल विश्वसनीयता रेटिंग (Vendor Assessment) बेहतर हो सके।
  • Catalog Management: अपने प्रोडक्ट्स और सर्विसेज को सही कैटेगरी, OEM विवरण और प्रतिस्पर्धी दरों (competitive pricing) के साथ नियमित रूप से अपडेट करें। उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें और सटीक टेक्निकल स्पेसिफिकेशन अपलोड करने से बायर का भरोसा बढ़ता है।
  • Bids और Tenders में सक्रिय भागीदारी: ₹25,000 तक के ऑर्डर के लिए Direct Purchase और ₹5,00,000 तक L1 खरीद प्रक्रिया से लाभ उठाएं। बड़े ऑर्डर्स के लिए कस्टम बीड्स में भाग लें। बोली लगाने और जीतने की रणनीति समझने के लिए आप GeM पर टेंडर कैसे करें? | GeM टेंडर आवेदन प्रक्रिया, डॉक्यूमेंट, रजिस्ट्रेशन और जीतने के टिप्स 2026 पर हमारा विस्तृत गाइड पढ़ सकते हैं।

सरकारी खरीद में MSME और स्टार्ट-अप्स को मिलने वाली प्राथमिकताओं (जैसे EMD छूट और 25% रिजर्वेशन) का लाभ उठाकर आप अपने छोटे व्यवसाय को एक राष्ट्रीय ब्रांड बना सकते हैं। आज ही अपने दस्तावेज तैयार करें, आधिकारिक पोर्टल gem.gov.in पर अपना पंजीकरण पूरा करें और सरकारी बाजार के असीमित अवसरों से जुड़ें।

GeM पोर्टल पर टर्नओवर के अनुसार Caution Money और खरीदारी थ्रेशोल्ड की तालिका

विक्रेता श्रेणी / टर्नओवर स्लैब (Turnover Slab) Caution Money Deposit (रुपये में) खरीदारी मोड और थ्रेशोल्ड सीमा (Procurement Limits) आवश्यक दस्तावेज़ और छूट नियम (Documents & Exemptions)
MSEs एवं Startups (सूक्ष्म व लघु उद्योग) ₹5,000 Direct Purchase (₹25,000 तक) और L1 Purchase (₹5 लाख तक) में प्राथमिकता Udyam Registration, PAN Card, Cancelled Cheque (Vendor Assessment में छूट लागू)
वार्षिक टर्नओवर < ₹1 करोड़ (Non-MSE) ₹5,000 Direct Purchase (₹25,000 तक) व L1 Comparison मोड में बिक्री योग्य GSTIN, Active PAN, Bank Account, 1-2 वर्ष की ITR कॉपी
वार्षिक टर्नओवर ₹1 करोड़ से ₹10 करोड़ ₹10,000 L1 Comparison, Custom Bidding और Reverse Auction में भाग लेने का अधिकार पिछले 3 वर्षों की ITR, Audited Balance Sheet, GST Returns, OEM Authorization
वार्षिक टर्नओवर > ₹10 करोड़ ₹25,000 असीमित ई-बिडिंग (e-Bids), पैन-इंडिया सप्लाई और कस्टम सर्विस लिस्टिंग CA Certified Turnover Certificate, Vendor Assessment, ISO/Quality Certificates
GeM पोर्टल रजिस्ट्रेशन शुल्क व नियम ₹0 (पोर्टल रजिस्ट्रेशन पूर्णतः निःशुल्क है) खरीद नियम: Direct Purchase (≤₹25k), L1 Purchase (₹25k-₹5L), Bidding (>₹5L) Updated: August 2026

Frequently Asked Questions

क्या GeM पोर्टल पर सेलर रजिस्ट्रेशन बिल्कुल फ्री है?

जी हां, GeM पोर्टल पर सेलर रजिस्ट्रेशन (Seller Registration) प्रक्रिया पूरी तरह से फ्री (निःशुल्क) है। सरकार सेलर रजिस्ट्रेशन के लिए कोई भी पोर्टल फीस या हिडन चार्ज नहीं लेती है। हालांकि, प्रोफाइल पूरी करने और बिडिंग में भाग लेने के लिए विक्रेताओं को अपने टर्नओवर के अनुसार Refundable Caution Money जमा करनी होती है।
Source: Government e-Marketplace (GeM)

GeM पोर्टल पर Caution Money कितनी जमा करनी पड़ती है?

GeM पर Caution Money विक्रेता के वार्षिक टर्नओवर पर आधारित होती है। 1 लाख रुपये तक टर्नओवर पर ₹2,000, 1 लाख से 10 लाख रुपये तक ₹5,000, और 10 लाख रुपये से अधिक टर्नओवर होने पर ₹10,000 की Caution Money जमा करनी होती है। यह राशि नियमों के उल्लंघन न होने पर सेलर वॉलेट में सुरक्षित रहती है।
Source: Government e-Marketplace (GeM)

क्या बिना GST नंबर के GeM पर सेलर रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है?

जी हां, यदि आपका व्यवसाय GST छूट (Exempted) श्रेणी में आता है या टर्नओवर GST थ्रेशोल्ड सीमा से कम है, तो आप बिना GSTIN के रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इसके लिए PAN Card, बैंक खाता विवरण और Udyam Registration या स्व-घोषणा (Self-Declaration) का उपयोग करके GeM पोर्टल पर सेलर अकाउंट बनाया जा सकता है।
Source: Ministry of Commerce and Industry

GeM Vendor Assessment क्या है और यह किसे करवाना अनिवार्य है?

GeM Vendor Assessment निर्माताओं (OEMs) के उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता सत्यापन की एक प्रक्रिया है, जो Quality Council of India (QCI) द्वारा संचालित की जाती है। यह उन सभी OEMs के लिए अनिवार्य है जो अपने ब्रांडेड उत्पाद GeM पर बेचना चाहते हैं। हालांकि, रजिस्टर्ड MSEs और BIS लाइसेंस धारकों को इस असेसमेंट से छूट प्रदान की जाती है।
Source: Quality Council of India (QCI)

GeM पोर्टल पर सामान बेचने के बाद भुगतान कितने दिनों में मिलता है?

GeM नीतियों के अनुसार, खरीदार (Government Buyer) द्वारा Goods Receipt Note (CRAC) जारी करने के 10 दिनों के भीतर विक्रेता को भुगतान करना अनिवार्य होता है। ऑनलाइन पेमेंट गेटवे और PFMS इंटीग्रेशन के माध्यम से राशि सीधे विक्रेता के पंजीकृत बैंक खाते में स्थानांतरित की जाती है। भुगतान में देरी होने पर नियमानुसार ब्याज का भी नियम है।
Source: Government e-Marketplace (GeM)

क्या MSME रजिस्टर्ड विक्रेताओं को EMD या सिक्योरिटी डिपॉजिट में छूट मिलती है?

जी हां, Ministry of MSME की पब्लिक प्रोक्योरमेंट पॉलिसी के तहत Udyam Portal पर रजिस्टर्ड Micro & Small Enterprises (MSEs) को GeM पर बोली (Bidding) लगाते समय EMD (Earnest Money Deposit) जमा करने से पूरी तरह छूट मिलती है। इसके लिए टेंडर में भाग लेते समय वैध MSME / Udyam सर्टिफिकेट अपलोड करना आवश्यक होता है।
Source: Ministry of MSME

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Last Updated: 27/06/2026 © Gem Online Portal. All Rights Reserved