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GeM पर टेंडर कैसे करें? | GeM टेंडर आवेदन प्रक्रिया, डॉक्यूमेंट, रजिस्ट्रेशन और जीतने के टिप्स 2026

जीएम पर टेंडर की प्रक्रिया और दायर करने के टिप्स 2026

क्या आप अपने व्यवसाय को सरकारी विभागों तक पहुंचाना चाहते हैं? Government e-Marketplace (GeM) पोर्टल पर टेंडर भरकर MSME और छोटे विक्रेता लाखों-करोड़ों रुपये के सरकारी सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

इस गाइड में पढ़ें GeM पर टेंडर कैसे करें, आवश्यक टेंडर दस्तावेज़, MSME के लिए EMD छूट और GeM टेंडर आवेदन प्रक्रिया का पूरा स्टेप-बाय-स्टेप तरीका ताकि आप सही L1 बोली लगाकर टेंडर जीत सकें।

GeM पोर्टल क्या है?

GeM (Government e-Marketplace) भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (Ministry of Commerce and Industry) द्वारा शुरू किया गया एक वन-स्टॉप राष्ट्रीय पब्लिक प्रोक्योरमेंट पोर्टल (National Public Procurement Portal) है। इसे वर्ष 2016 में लॉन्च किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य सरकारी विभागों, मंत्रालयों और सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) द्वारा की जाने वाली गुड्स और सर्विसेज की खरीदारी को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और डिजिटल बनाना है।

आज GeM पोर्टल भारतीय अर्थव्यवस्था और बिजनेस इकोसिस्टम का एक प्रमुख स्तंभ बन चुका है। वित्तीय वर्ष 2023-24 तक GeM ने एनुअल ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) में ₹4 लाख करोड़ से अधिक का रिकॉर्ड कारोबार दर्ज किया है, जिसमें 50% से ज्यादा ऑर्डर MSME और छोटे कारोबारियों को मिले हैं। छोटे और मध्यम उद्यमियों के लिए व्यापार के अवसरों को समझने के लिए आप MSME के लिए GeM पोर्टल का महत्व और आसान रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया | सरकारी खरीद गाइड पढ़ सकते हैं।

GeM पोर्टल पर मुख्य खरीदार (Major Buyers) कौन हैं?

GeM पर देश के सभी प्रमुख सरकारी निकाय बायर (Buyer) के रूप में पंजीकृत हैं और अपनी दैनिक जरूरतों से लेकर बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए खरीदारी करते हैं:

  • केंद्रीय मंत्रालय और विभाग (Central Ministries): रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence), रेल मंत्रालय, गृह मंत्रालय आदि।
  • राज्य सरकार के विभाग (State Departments): विभिन्न राज्यों के सरकारी विभाग, पुलिस प्रशासन और स्थानीय निकाय (Municipal Corporations)।
  • सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSUs): NTPC, BHEL, ONGC, IOCL, GAIL जैसे नवरत्न और महारत्न उपक्रम।
  • स्वायत्त संस्थाएं (Autonomous Bodies): IITs, IIMs, AIIMS, केंद्रीय विश्वविद्यालय और अनुसंधान संस्थान (ICAR, DRDO)।

GeM पोर्टल ने पुरानी और जटिल टेंडरिंग प्रक्रियाओं को समाप्त कर दिया है। यह एक पूरी तरह से Contactless, Paperless, और Cashless ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जो डायरेक्ट परचेज (Direct Purchase), L1 बिडिंग, और रिवर्स ऑक्शन (Reverse Auction) जैसे पारदर्शी तरीकों से खरीद सुनिश्चित करता है। अधिक जानकारी और आधिकारिक आंकड़ों के लिए आप gem.gov.in पर विजिट कर सकते हैं।

GeM टेंडर दस्तावेज़ क्या चाहिए?

GeM (Government e-Marketplace) पर किसी भी L1 या Custom Bid में भाग लेने के लिए दस्तावेज़ (Documents) सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अगर आपके डॉक्यूमेंट्स अधूरे या अमान्य (invalid) हैं, तो आपकी Bid तकनीकी मूल्यांकन (Technical Evaluation) के दौरान ही Reject हो सकती है। इसलिए टेंडर सबमिट करने से पहले नीचे दिए गए आवश्यक दस्तावेज़ों की चेकलिस्ट ज़रूर तैयार रखें:

1. प्राथमिक पहचान और टैक्स दस्तावेज़ (Identity & Tax Documents)

  • PAN Card: प्रोपराइटरशिप, पार्टनरशिप फर्म या कंपनी का वैलिड पैन कार्ड।
  • GST Registration Certificate: एक्टिव GSTIN नंबर और 3-पेज का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (Form GST REG-06)।
  • Bank Details / Cancelled Cheque: GeM वॉल्ट और टेंडर प्रोसेस से जुड़े पेमेंट्स के लिए बैंक खाता विवरण।

2. MSME / Start-up छूट दस्तावेज़

  • Udyam Registration Certificate: यदि आप EMD (Earnest Money Deposit) या Past Turnover / Experience क्राइटेरिया में छूट (Exemption) का लाभ उठाना चाहते हैं, तो वैलिड उद्यम सर्टिफिकेट सबमिट करना अनिवार्य है। इसके विस्तृत विवरण के लिए MSME Registration कैसे करें की गाइड देख सकते हैं।
  • DPIIT Recognition Certificate: यदि आप स्टार्ट-अप श्रेणी में आते हैं और EMD/Turnover में छूट का दावा कर रहे हैं।

3. वित्तीय और अनुभव प्रमाण पत्र (Financial & Experience Certificates)

  • CA Certified Turnover Certificate: पिछले 3 वित्तीय वर्षों (Financial Years) का टर्नओवर सर्टिफिकेट, जिस पर Chartered Accountant (CA) के सिग्नेचर, स्टैम्प और 18-डिजिट का UDIN (Unique Document Identification Number) होना अनिवार्य है।
  • Past Experience / Work Orders: सरकारी विभागों या प्रतिष्ठित निजी कंपनियों के पिछले 3 साल के सम्पादित वर्क ऑर्डर, Purchase Orders और Work Completion Certificates।
  • ITR (Income Tax Returns): पिछले 3 वर्षों की IT Return Ackowledgment और Profit & Loss Statements।

4. उत्पाद और तकनीकी दस्तावेज़ (Product & Technical Documents)

  • OEM Authorization Certificate (MAF): यदि आप किसी ब्रांडेड सामान के रीसेलर (Reseller) हैं, तो मूल निर्माता (Original Equipment Manufacturer) से प्राप्त ऑथराइजेशन लेटर।
  • Product Quality Certifications: टेंडर आवश्यकतानुसार BIS, ISO, CE सर्टिफिकेट्स या NABL Accredited Lab Test Report.
  • Self-Declarations / Undertakings: नॉन-ब्लैकलिस्टिंग एफिडेविट (Non-Blacklisting Declaration), Make in India Compliance Certificate और Land Border Sharing Affidavit.

टेंडर में भाग लेने से पहले आधिकारिक GeM Portal से संबंधित Bid Document की ATC (Additional Terms and Conditions) फ़ाइल डाउनलोड करके टेंडर-विशेष डॉक्यूमेंट आवश्यकताओं को ध्यान से पढ़ लें।

MSME के लिए GeM टेंडर – क्या फायदे हैं?

भारत सरकार की Public Procurement Policy के तहत माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज (MSEs) को GeM पोर्टल पर बिडिंग करने के लिए विशेष छूट और प्रिविलेज मिलते हैं। यदि आपका बिजनेस Udyam Portal पर रजिस्टर्ड है, तो MSME के लिए GeM पोर्टल का महत्व और अधिक बढ़ जाता है क्योंकि आप बिना बड़े फाइनेंशियल ब्लॉक के सीधे सरकारी टेंडर में हिस्सा ले सकते हैं।

GeM पर MSME/MSE विक्रेताओं को मिलने वाले प्रमुख नीतिगत फायदे नीचे दिए गए हैं:

  • EMD (Earnest Money Deposit) Exemption: MSE विक्रेताओं को GeM टेंडर में भाग लेते समय EMD (बिड सिक्योरिटी) जमा करने से पूरी तरह छूट मिलती है। इससे स्मॉल बिजनेस का working capital ब्लॉक होने से बचता है।
  • Tender Fee Waiver: GeM पोर्टल पर टेंडर अप्लाई करने के लिए MSMEs से कोई भी टेंडर फॉर्म फीस या प्रोसेसिंग चार्ज नहीं लिया जाता है।
  • L1 + 15% Price Preference (मूल्य प्राथमिकता): यदि टेंडर में कोई नॉन-MSME विक्रेता L1 (सबसे कम बोली) आता है, और कोई रजिस्टर्ड MSE विक्रेता L1 + 15% के प्राइस ब्रैकेट में बोली लगाता है, तो उस MSE को L1 की कीमत मैच (Match) करने का अवसर दिया जाता है। प्राइस मैच करने पर टेंडर की कुल मात्रा का कम से कम 25% ऑर्डर उस MSE को दिया जाता है।
  • 25% अनिवार्य सरकारी खरीद (Mandatory Procurement): केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों, सरकारी विभागों और CPSEs के लिए अपनी कुल वार्षिक खरीद का न्यूनतम 25% हिस्सा MSEs से ही खरीदना कानूनन अनिवार्य है।
  • Reserved Category Procurement: 25% के कुल कोटा में से 4% SC/ST स्वामित्व वाले MSEs के लिए और 3% महिला उद्यमियों (Women Entrepreneurs) के लिए विशेष रूप से आरक्षित है। इसके अलावा 358 से अधिक वस्तुएं ऐसी हैं जिनकी खरीद केवल MSEs से ही की जा सकती है।

इन सभी सरकारी प्राथमिकताओं का लाभ उठाने के लिए आपके पास Ministry of MSME द्वारा जारी वैलिड Udyam Registration होना चाहिए और वह आपके GeM Seller Account से लिंक होना अनिवार्य है।

GeM पर टेंडर भरने की गाइड – Real Practical Tips

GeM पोर्टल पर टेंडर अप्लाई करना सिर्फ प्राइस टाइप कर देने जितना आसान नहीं है। कई बार सेल्लर्स बिना पूरी जानकारी के कम रेट्स पर बिड सबमिट कर देते हैं और बाद में हैवी पेनाल्टी या ब्लैकलिस्टिंग का शिकार हो जाते हैं। अगर आप सोच रहे हैं कि GeM पर टेंडर कैसे करें और हर टेंडर में अपनी जीत की संभावना बढ़ाएं, तो बिड सबमिट करने से पहले इन प्रैक्टिकल टिप्स को जरूर फॉलो करें:

  • Additional Terms & Conditions (ATC) को गहराई से समझें: GeM पोर्टल पर बायर्स जनरल टेंडर कंडीशंस के अलावा कस्टम ATC क्लॉज जोड़ते हैं। इसमें एक्सपीरिएंस सर्टिफिकेट, एनुअल टर्नओवर रिक्वायरमेंट, लोकल कंटेंट प्रतिशत (Make in India policy) और सैंपल अप्रूवल जैसी शर्तें होती हैं। अगर आप ATC की किसी एक शर्त को भी मिस करते हैं, तो आपकी बिड टेक्निकली रिजेक्ट (Technical Disqualification) हो जाएगी।
  • All-Inclusive Pricing कैलकुलेट करें: GeM portal पर जो प्राइस आप कोट करते हैं, वह All-Inclusive (Product Cost + Freight Charges + Packaging + GST + Insurance) होना चाहिए। अगर डिलीवरी लोकेशन दूर है, तो लॉजिस्टिक्स और फ्रेट कॉस्ट पहले से कैलकुलेट कर लें, ताकि बिड जीतने के बाद आपका वर्किंग कैपिटल और प्रॉफिट मार्जिन प्रभावित न हो।
  • Delivery Schedule और Liquidated Damages (LD) चेक करें: टेंडर डॉक्यूमेंट में डिलीवरी टाइमलाइन जरूर देखें। GeM नियमों के तहत तय समय पर डिलीवरी न देने पर 0.5% प्रति सप्ताह (अधिकतम 10%) तक Liquidated Damages (LD) पेनल्टी लागू होती है। उतने ही टेंडर में बिड करें जिसकी सप्लाई आपके पास रेडी हो या तय समय सीमा में डिलीवर हो सके।
  • MSME EMD Exemption का फायदा उठाएं: अगर आप MSME रजिस्टर्ड हैं, तो आपको Earnest Money Deposit (EMD) और टेंडर फीस से छूट मिलती है। इसके लिए बिड सबमिट करते समय अपना वैलिड उद्यम सर्टिफिकेट अटैच करें। बिडिंग की पूरी जानकारी के लिए आप हमारी विस्तृत पोस्ट ऑनलाइन टेंडर बिडिंग कैसे करें पढ़ सकते हैं।
  • कैश फ्लो और वर्किंग कैपिटल का आंकलन करें: किसी भी सरकारी टेंडर का साइज और बायर का पेमेंट साइकिल देखने के बाद ही कोटेशन दें। हमेशा अपनी क्रेडिट लिमिट और वर्किंग कैपिटल को ध्यान में रखकर ही बड़ी वैल्यू वाले बिड्स में भाग लें।

GeM पर टेंडर जीतने के प्रोफेशनल टिप्स

GeM (Government e-Marketplace) पर टेंडर में भाग लेना जितना सरल दिखता है, प्रतिस्पर्धा (competition) के इस दौर में लगातार बिड जीतना उतना ही रणनीति पर निर्भर करता है। कई नए सेलर बिना सही कैलकुलेशन और तैयारी के बिड लगा देते हैं, जिससे उनका आवेदन या तो तकनीकी रिजेक्शन (technical rejection) का शिकार हो जाता है या फिर गलत प्राइसिंग के कारण नुकसान उठाना पड़ता है।

यदि आप GeM पर नियमित रूप से सरकारी ऑर्डर हासिल करना चाहते हैं, तो इन प्रोफेशनल टिप्स को जरूर फॉलो करें:

  • 1. सटीक L1 कॉस्ट की कैलकुलेशन करें (Accurate L1 Costing): GeM पर अधिकतर टेंडर L1 (Lowest Bidder) मॉडल पर काम करते हैं। प्राइस कोट करने से पहले अपनी बेस कॉस्ट, एप्लीकेबल GST, फ्रेट/लॉजिस्टिक्स (delivery charges), पैकेजिंग और आकस्मिक खर्चों (contingencies) को जोड़कर कुल लैंडेड कॉस्ट निकालें। केवल टेंडर जीतने के लिए बहुत कम रेट न डालें, वरना सप्लाई न कर पाने पर बयाना राशि (EMD) जब्त और अकाउंट ब्लैकलिस्ट हो सकता है।
  • 2. सेलर रेटिंग 4.5 स्टार से ऊपर बनाए रखें (Maintain >4.5 Seller Rating): GeM Portal पर आपकी परफॉरमेंस रेटिंग बहुत मायने रखती है। अपनी Vendor Rating को हमेशा 4.5 से अधिक रखें। इसके लिए ऑन-टाइम डिलीवरी रेश्यो (On-time Delivery Ratio) 95% से ऊपर रखें और बायर की शिकायतों (Incident Management) का तुरंत समाधान करें।
  • 3. शुरुआत छोटे टेंडर से करें (Start with Smaller Bids): नए MSME विक्रेताओं को शुरुआत में ₹50,000 से ₹5 लाख तक के छोटे टेंडर या डायरेक्ट L1 बिड्स में भाग लेना चाहिए। इससे आपका बिडिंग ट्रैक रिकॉर्ड और पोर्टल प्रोफाइल मजबूत होती है, जिससे बड़े वैल्यू वाले टेंडर में विश्वसनीयता मिलती है।
  • 4. डॉक्यूमेंट मिसमैच एरर से बचें (Zero Document Mismatch): GeM टेंडर में लगभग 35-40% रिजेक्शन डॉक्यूमेंट की गलतियों की वजह से होते हैं। अपने GST सर्टिफिकेट, Udyam Registration, CA प्रमाणित Turnover Certificate और ATC (Additional Terms and Conditions) डॉक्यूमेंट में कंपनी का नाम, पता और वित्तीय आंकड़े एक समान रखें।

अगर आप टेंडर प्रक्रिया को गहराई से समझना चाहते हैं, तो हमारी गाइड ऑनलाइन टेंडर बिडिंग कैसे करें? | स्टेप बाय स्टेप गाइड | Online Tender Registration & Bidding Process पढ़ें और अपनी बिडिंग स्ट्रेटजी को और मजबूत बनाएं।

GeM Buyers और Vendor Communication कैसे होता है?

GeM (Government e-Marketplace) पर Buyer (खरीदार विभाग) और Seller/Vendor के बीच पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरा Communication System डिजिटल और ऑनलाइन होता है। इसमें किसी भी तरह के ऑफलाइन पत्राचार या पर्सनल ईमेल की अनुमति नहीं होती है। जब आप official GeM portal पर टेंडर प्रक्रिया में भाग लेते हैं, तो पूरी बातचीत और डॉक्यूमेंट एक्सचेंज डैशबोर्ड के माध्यम से ट्रैक किए जाते हैं।

1. Representation and Clarification Module

बिडिंग प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता बनाए रखने के लिए GeM दो प्रमुख कम्यूनिकेशन टूल देता है:

  • Pre-bid Representation: टेंडर पब्लिश होने के बाद यदि Seller को किसी Tender Specification, ATC (Additional Terms and Conditions) या एलिजिबिलिटी में कोई आपत्ति है, तो वे Bid Publish होने के 4 दिनों के भीतर ऑनलाइन Representation सबमिट कर सकते हैं। Buyer को इसका जवाब पोर्टल पर पब्लिश करना होता है।
  • Technical Evaluation Clarification: Technical Bid खोलते समय यदि Buyer को आपके सबमिट किए गए GeM टेंडर दस्तावेज़ (जैसे GST, Udyam Certificate या Turnover CA Certificate) में कोई स्पष्टता चाहिए, तो वे ऑनलाइन Clarification रेज करते हैं। Seller को इसका जवाब आमतौर पर 24 से 48 घंटे की दी गई समयावधि के भीतर पोर्टल पर अपलोड करना होता है।

2. Technical Disqualification पर Challenge Representation

यदि आपकी बिड को Technical Round में Reject कर दिया जाता है, तो Buyer को उसका ठोस कारण दर्ज करना पड़ता है। Disqualification का नोटिफिकेशन मिलते ही Seller को इसके खिलाफ Challenge/Representation सबमिट करने के लिए 48 घंटे (2 दिन) का समय मिलता है। Buyer को इस रिप्रजेंटेशन का निपटारा किए बिना Financial Bid खोलने की अनुमति नहीं होती।

3. Purchase Order (PO) Acceptance और Delivery

L1 Vendor के रूप में चुने जाने के बाद, Buyer पोर्टल के माध्यम से डिजिटल Purchase Order (PO) जारी करता है। Seller को अपने डैशबोर्ड पर जाकर नियत समय में इस Contract/PO को Accept करना अनिवार्य होता है। यह ऑनलाइन टेंडर बिडिंग कैसे करें प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण चरण है, जिसके बाद सामान या सर्विस की सप्लाई शुरू होती है।

4. CRAC (Consignee Receipt and Acceptance Certificate) Generation

सामान Consignee के पते पर डिलीवर होने के बाद कम्यूनिकेशन और पेमेंट का अंतिम चरण CRAC होता है:

  • डिलीवरी मिलते ही Consignee पहले Provisional Receipt Certificate (PRC) जनरेट करता है।
  • सामान की जांच (Inspection) पूरी होने के बाद, डिलीवरी के 10 दिनों के भीतर Buyer/Consignee को पोर्टल पर CRAC (Consignee Receipt and Acceptance Certificate) जनरेट करना अनिवार्य है।
  • CRAC जनरेट होने के बाद ही Seller का ऑटोमेटेड बिल पेमेंट प्रोसेस के लिए आगे बढ़ता है।

GeM पर टेंडर कैसे Apply करें? (GeM tender kaise apply kare)

GeM (Government e-Marketplace) पर एक्टिव सरकारी टेंडर्स के लिए पार्टिसिपेट करना बहुत ही आसान और पारदर्शी प्रक्रिया है। यदि आपका सेलर अकाउंट एक्टिव और फुली वेरिफाइड है, तो आप नीचे दिए गए स्टेप-बाय-स्टेप गाइड को फॉलो करके किसी भी एक्टिव टेंडर (Bid) में भाग ले सकते हैं:

1. डैशबोर्ड लॉगिन और बिड सर्च (Bid Search)

सबसे पहले आधिकारिक GeM पोर्टल पर अपने Seller Credentials (User ID और Password) के जरिए लॉग इन करें। लॉगिन के बाद डैशबोर्ड पर टॉप मेन्यू में दिए गए 'Bids' टैब में जाएं और 'Ongoing Bids/RA' विकल्प पर क्लिक करें। यहां आप अपने प्रोडक्ट/सर्विस की कैटेगरी, मिनिस्ट्री, डिपार्टमेंट, NIC Code या Bid Number के जरिए एक्टिव टेंडर्स फिल्टर करके खोज सकते हैं।

2. Bid Document (ATC) डाउनलोड और एलिजिबिलिटी चेक

संबंधित टेंडर मिलने पर उसके Bid Document और Buyer Added Bid Specific ATC (Additional Terms and Conditions) को डाउनलोड करें। खरीदार की शर्तें जैसे - Turnover Requirement, Past Experience, OEM Authorization Certificate, और Delivery Schedule को ध्यान से पढ़ें। MSME/Udyam रजिस्टर्ड सेेलर्स के लिए टेंडर फीस और EMD (Earnest Money Deposit) में मिलने वाली छूट की जांच करें।

3. Technical Bid और डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें

टेंडर में भाग लेने के लिए 'Participate' बटन पर क्लिक करें। इसके बाद मांगी गई सभी टेक्निकल डिटेल्स भरें और आवश्यक सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स (जैसे GST सर्टिफिकेट, ITR, Past Performance Proof, और Compliance Sheet) को साफ़ PDF फॉर्मेट में अपलोड करें। यदि आप प्रोसेस में नए हैं, तो सही तरीके से बिडिंग समझने के लिए हमारी गाइड ऑनलाइन टेंडर बिडिंग कैसे करें? | स्टेप बाय स्टेप गाइड | Online Tender Registration & Bidding Process पढ़ सकते हैं।

4. Financial Bid / Price Schedule भरें

टेक्निकल डिटेल्स सबमिट करने के बाद Financial Offer सेक्शन में जाएं। यहां अपना ब्रेक-अप रेट (Base Price, Taxes, Transportation Charges) एंटर करें। GeM पोर्टल में आमतौर पर L1 (Lowest Bidder) को प्राथमिकता दी जाती है, इसलिए अपना प्राइस कॉम्पिटिटिव और कैलकुलेटिव रखें।

5. e-Sign / DSC और फाइनल OTP सबमिशन

सभी डिटेल्स रीव्यू करने के बाद बिड सबमिशन के लिए Aadhaar-based OTP Verification या Class-3 Digital Signature Certificate (DSC) का विकल्प चुनें। पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आए OTP को दर्ज करके 'Submit' पर क्लिक करें। सबमिट होते ही आपकी स्क्रीन पर "Bid Submitted Successfully" का मैसेज और 'Bid Acknowledgement Receipt' आ जाएगी, जिसे डाउनलोड करके अपने पास सुरक्षित रखें।

GeM Bidding के प्रकार: Direct Purchase, L1 Bidding, RA और Custom Bid

GeM (Government e-Marketplace) पोर्टल पर सरकारी विभाग अपनी जरूरतों के अनुसार अलग-अलग तरीकों से सामान और सेवाएं खरीदते हैं। एक सेलर या MSME के रूप में, आपके लिए इन Bidding Modes और Procurement Thresholds को समझना बेहद जरूरी है ताकि आप अपने बजट और कैपेसिटी के हिसाब से सही टेंडर में भाग ले सकें।

1. Direct Purchase (डायरेक्ट खरीद)

₹25,000 तक के छोटे ऑर्डर्स के लिए सरकारी खरीदार बिना किसी बिडिंग या टेंडर प्रोसेस के सीधे सामान खरीद सकते हैं। इसमें बायर केवल क्वालिटी और मार्केट प्राइस चेक करता है। अगर आपका प्रोडक्ट कैटलॉग में सही प्राइस पर लिस्टेड है, तो आपको बिना किसी टेंडर प्रक्रिया के सीधा परचेज ऑर्डर मिल सकता है।

2. L1 Bidding (एल1 कंपैरिजन और बिडिंग)

₹25,000 से लेकर ₹5,00,000 (5 लाख रुपये) तक की खरीदारी के लिए बायर को पोर्टल पर कम से कम 3 अलग-अलग OEM या सेलर्स के प्रोडक्ट्स का प्राइस कंपैरिजन करना होता है। इसमें सबसे कम रेट ऑफर करने वाले यानी L1 (Lowest Bidder) को ऑर्डर दिया जाता है। ₹5 लाख से ऊपर की खरीद के लिए ऑनलाइन बिडिंग अनिवार्य हो जाती है।

3. Reverse Auction (RA - रिवर्स ऑक्शन)

रिवर्स ऑक्शन में टेक्निकल इवैल्यूएशन पास करने वाले क्वालिफाइड सेलर्स के बीच रियल-टाइम प्राइस कॉम्पिटिशन होता है। इसमें बिडिंग विंडो ओपन होने के बाद सेलर्स को एक-दूसरे से कम प्राइस (Lowest Quote) कोट करना होता है। निर्धारित समय खत्म होने पर जो सेलर सबसे कम रेट ऑफर करता है, उसे ऑर्डर दे दिया जाता है।

4. Custom Bid (कस्टम बिड)

अगर किसी विभाग को ऐसी विशिष्ट सर्विस या कस्टमाइज्ड प्रोडक्ट चाहिए जो GeM की मौजूदा स्टैंडर्ड कैटलॉग श्रेणियों में उपलब्ध नहीं है, तो बायर 'Custom Bid' क्रिएट करता है। इसमें बायर अपनी शर्तें और टेक्निकल स्पेसिफिकेशन्स खुद अपलोड करता है और सेलर्स उसके अनुसार अपनी बोली लगाते हैं।

अगर आप पोर्टल पर पहली बार बिडिंग शुरू कर रहे हैं, तो विस्तृत प्रक्रिया समझने के लिए हमारी पोस्ट ऑनलाइन टेंडर बिडिंग कैसे करें? | स्टेप बाय स्टेप गाइड | Online Tender Registration & Bidding Process को पढ़ सकते हैं। इससे आपको डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने और सही बिड सबमिट करने में मदद मिलेगी।

GeM EMD (Earnest Money Deposit) और ePBG सिक्योरिटी नियम 2026

GeM पर टेंडर भरते समय Sellers को दो मुख्य वित्तीय सिक्योरिटी जमा करनी होती हैं— EMD (Earnest Money Deposit) और ePBG (Electronic Performance Bank Guarantee)। यदि आप पोर्टल पर बिडिंग कर रहे हैं, तो इन दोनों के नियमों, फीस और Exemption (छूट) की सही जानकारी होना बेहद जरूरी है ताकि आपका टेंडर रिजेक्ट न हो।

1. EMD (Earnest Money Deposit) के नियम और Exemption

EMD टेंडर बिडिंग के समय जमा की जाने वाली प्राथमिक सिक्योरिटी राशि है, जिसका उद्देश्य केवल सीरियस बिडर्स को टेंडर प्रक्रिया में शामिल करना होता है।

  • EMD Percentage: यह सामान्यतः Estimated Bid Value का 2% से 5% तक होता है, जिसे Net Banking, Demand Draft, या e-Bank Guarantee के रूप में जमा किया जाता है।
  • Validity Period: EMD की वैधता Bid Validity Period से 45 दिनों से 90 दिनों तक अधिक होनी चाहिए।
  • Exemption Criteria (छूट के नियम): Micro & Small Enterprises (MSEs) जिनके पास वैध Udyam Certificate है, उन्हें EMD भुगतान से 100% Exemption मिलती है। यदि आप MSME के लिए GeM पोर्टल के तहत रजिस्टर्ड हैं या DPIIT-recognized Startup हैं, तो आप बिना EMD दिए टेंडर में भाग ले सकते हैं। इसके लिए बिड अप्लाई करते समय 'EMD Exemption Requested' सेलेक्ट करके अपना Certificate अपलोड करना अनिवार्य है।

2. ePBG (Electronic Performance Bank Guarantee) जमा प्रक्रिया

टेंडर जीतने और Contract Award होने के बाद Seller को अनुबंध के सफल निष्पादन (Contract Execution) के लिए ePBG जमा करना होता है।

  • ePBG Percentage: सामान्यतः यह टेंडर के कुल Order Value का 3% से 5% (बिड डॉक्यूमेंट की विशिष्ट शर्तों के अनुसार) होता है।
  • Online Submission Process: GeM पोर्टल पर ePBG की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है। Seller को अपने एडवाइजिंग बैंक के माध्यम से SFMS (Structured Financial Messaging System) द्वारा डायरेक्ट ePBG जनरेट करवाकर GeM Official Portal पर ऑनलाइन लिंक और वेरीफाई करना होता है।
  • Validity Period: ePBG की वैधता पूरी Contract Period और उसके बाद सामान्यतः 60 दिनों की अतिरिक्त अवधि (Warranty / Defect Liability Period) के लिए आवश्यक होती है।
  • Important Note: MSEs या Startups को EMD में तो छूट मिलती है, लेकिन ePBG (Performance Guarantee) जमा करने में सामान्यतः कोई स्वचालित Exemption नहीं मिलता है, जब तक कि Bid Document में इसका विशेष प्रावधान न हो।

GeM Procurement Methods: Direct Purchase, L1 Bids, RA और Custom Bid की तुलना

Procurement Method (खरीद का प्रकार) Order Value Limit (वैल्यू सीमा) Process & Timeline (प्रक्रिया व समय) Required Documents (मुख्य दस्तावेज़) MSME / Startup Benefits (विशेष छूट)
Direct Purchase (डायरेक्ट खरीद) ₹25,000 तक (बिना बिडिंग) तत्काल / Instant Order (कोई तुलना नहीं) GSTIN, PAN, Bank Details, Active Seller Profile EMD और Tender Fee से पूर्ण छूट
L1 Purchase (L1 तुलनात्मक खरीद) ₹25,000 से ₹5,00,000 तक 1 से 3 दिन (कम से कम 3 L1 Suppliers में ऑटो-तुलना) Product Catalog, OEM Auth Letter, GST/PAN EMD से छूट, डायरेक्ट ऑर्डर का अवसर
Standard Bid / Reverse Auction (RA) ₹5,00,000 से अधिक 10 से 21 दिन (Technical + Financial Evaluation) CA Certificate, Turnover Proof, Past Performance, Compliance Sheet EMD Exemption, Prior Turnover और Experience क्राइटेरिया में छूट
Custom Bid / BOQ Bid ₹5,00,000 से अधिक (कस्टम सर्विसेज/आइटम) 14 से 21 दिन (Buyer Specifications आधारित) Scope of Work Compliance, Past Order Copies, Technical Docs MSME Purchase Preference (15% L1 Band में L1 Matching का मौका)
Updated: August 2026

Frequently Asked Questions

GeM पोर्टल पर टेंडर भरने के लिए रजिस्ट्रेशन फीस कितनी है?

GeM पोर्टल पर Seller Registration completely free है। सरकार पोर्टल पर अकाउंट बनाने या टेंडर बिड करने के लिए कोई प्राथमिक फीस नहीं लेती है। हालांकि, टेंडर जीतने के बाद ऑर्डर वैल्यू के आधार पर एक मामूली Transaction Fee या Caution Money deposit देना पड़ सकता है। प्राथमिक रजिस्ट्रेशन और टेंडर में भाग लेने की प्रक्रिया पूरी तरह मुफ्त है।
Source: Government e-Marketplace (GeM)

क्या MSME विक्रेताओं को GeM टेंडर में EMD (Earnest Money Deposit) देना पड़ता है?

नहीं, Micro and Small Enterprises (MSMEs) को GeM पोर्टल पर EMD (Earnest Money Deposit) जमा करने से छूट (exemption) मिलती है। इसके लिए MSME विक्रेता के पास valid Udyam Registration सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। बिड सबमिट करते समय पोर्टल पर EMD Exemption का विकल्प चुनकर Udyam Certificate अपलोड करना होता है।
Source: Ministry of MSME

GeM टेंडर में L1 का क्या अर्थ है और L1 bidder कैसे तय होता है?

GeM टेंडर में L1 का अर्थ Lowest 1 यानी सबसे कम बोली लगाने वाला (Lowest Evaluated Bidder) होता है। जब Financial Bid खुलती है, तो जो सेलर टेक्निकल मापदंडों को पूरा करते हुए सबसे कम प्राइस (Lowest Financial Quote) कोट करता है, उसे L1 घोषित किया जाता है। नियमों के अनुसार L1 बिडर को ही ऑर्डर दिया जाता है।
Source: Government e-Marketplace (GeM)

GeM पर टेंडर सबमिट करने के बाद पेमेंट कितने दिनों में मिलता है?

GeM पोर्टल के नियमों के अनुसार, सेलर द्वारा सामान की डिलीवरी और बायर्स द्वारा Consignee Receipt-cum-Acceptance Certificate (CRAC) जनरेट होने के बाद 10 दिनों के भीतर पेमेंट जारी करना अनिवार्य है। यदि बायर्स द्वारा CRAC जनरेट करने में देरी होती है, तो सिस्टम ऑटो-जनरेटेड अप्रूवल के साथ निर्धारित समय सीमा में भुगतान प्रक्रिया शुरू कर देता है।
Source: Government e-Marketplace (GeM)

क्या बिना OEM Authorization के GeM टेंडर में बिड लगाई जा सकती है?

अगर आप Reseller के रूप में बिड कर रहे हैं और टेंडर की शर्तों में OEM Authorization Certificate (MAF) मांगा गया है, तो इसके बिना बिड खारिज हो सकती है। हालांकि, अगर टेंडर में ऐसी बाध्यता नहीं है या आप खुद Product Manufacturer/OEM हैं, तो आप बिना किसी अतिरिक्त ऑथराइजेशन के डायरेक्ट बिड लगा सकते हैं।
Source: Government e-Marketplace (GeM)

GeM पोर्टल पर टेंडर का स्टेटस (Bid Status & Result) कैसे चेक करें?

GeM पोर्टल पर अपने अकाउंट में लॉगिन करने के बाद 'Bids' सेक्शन में जाकर 'All Bids' विकल्प पर क्लिक करें। वहां आपके द्वारा अप्लाई किए गए टेंडर की लिस्ट दिखेगी। टेंडर के सामने 'View Bid Details' पर क्लिक करके आप अपनी टेक्निकल बिड का स्टेटस, इवैल्यूएशन रिपोर्ट और यह देख सकते हैं कि L1 बिडर कौन बना है।
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Last Updated: 27/06/2026 © Gem Online Portal. All Rights Reserved