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ऑनलाइन टेंडर कैसे भरें और बिडिंग की प्रक्रिया क्या है? आज के डिजिटल समय में सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के प्रोजेक्ट्स हासिल करने के लिए ऑनलाइन टेंडर बिडिंग सबसे पारदर्शी और आसान तरीका बन चुका है।
इस गाइड में आप टेंडर रजिस्ट्रेशन, आवश्यक टेंडर दस्तावेज़ तैयार करने और GeM पोर्टल समेत अन्य ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल्स पर सफलतापूर्वक बिड सबमिट करने की पूरी स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया समझेंगे।
ऑनलाइन टेंडर (E-tendering) एक पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से केंद्र व राज्य सरकार के विभाग, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSUs) और प्राइवेट संस्थान अपनी वस्तुओं (goods), सेवाओं (services) और कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स के लिए योग्य सप्लायर्स से बोलियां (bids) मंगाते हैं। इसमें टेंडर पब्लिश होने से लेकर टेंडर दस्तावेज़ डाउनलोड करने, ई-सिग्नेचर से बिड सबमिट करने और टेंडर रजिस्ट्रेशन तक का सारा काम ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सुरक्षित तरीके से पूरा होता है।
पुराने समय में टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह से पेपर-बेस्ड होती थी। वेंडर्स को सीलबंद लिफाफों में ऑनलाइन टेंडर के बजाय हार्ड कॉपी में डॉक्यूमेंट्स और फाइनेंशियल बिड जमा करनी पड़ती थी। इसमें कागजी कार्रवाई में हफ्तों का समय लगता था, रिश्वतखोरी का खतरा रहता था और छोटे व्यापारियों (MSME) की पहुंच सीमित रहती थी। इसके विपरीत, आधुनिक E-tendering प्रणाली में हर बिडर को समान अवसर मिलता है। Government e-Marketplace (GeM) और CPPP जैसे पोर्टल पर सारी फाइलें डिजिटल होती हैं, जिससे समय और प्रोसेसिंग फीस दोनों की भारी बचत होती है।
जब आप ऑनलाइन टेंडर बिडिंग में हिस्सा लेते हैं, तो टेंडर का आवंटन (award of contract) मुख्य रूप से दो बिडिंग मोड के आधार पर किया जाता है:
अगर आप सीख रहे हैं कि ऑनलाइन टेंडर कैसे भरें, तो सही बिडिंग मोड और डॉक्यूमेंटेशन समझना सबसे जरूरी पहला कदम है। सरकारी पोर्टल पर शुरुआत करने के लिए आप GeM पर टेंडर कैसे करें? | GeM टेंडर आवेदन प्रक्रिया, डॉक्यूमेंट, रजिस्ट्रेशन और जीतने के टिप्स 2026 पढ़ सकते हैं।
सरकारी विभागों और PSU (Public Sector Undertakings) के टेंडर में भाग लेने के लिए आपको e-Procurement पोर्टल्स पर ऑनलाइन वेंडर रजिस्ट्रेशन करना होता है। चाहे आप Central Public Procurement Portal (eprocure.gov.in) पर रजिस्ट्रेशन कर रहे हों या राज्य सरकारों के ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल्स पर, सही डॉक्यूमेंट्स और तकनीकी सेटअप के बिना बिडिंग प्रोफाइल एक्टिव नहीं होती है।
ऑनलाइन टेंडर पोर्टल पर अपनी वेंडर प्रोफाइल बनाने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें:
रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद पोर्टल द्वारा आपकी डिटेल्स वेरीफाई की जाती हैं, जिसके बाद आप लाइव टेंडर सर्च करके अपने बिजनेस के लिए बिड सबमिट कर सकते हैं।
टेंडर दस्तावेज़ (Tender Document या RFP - Request for Proposal) वह आधिकारिक डॉक्यूमेंट सेट होता है, जिसे सरकारी विभाग या बायर्स अपनी खरीद आवश्यकताओं (Procurement Requirements) को पूरा करने के लिए जारी करते हैं। ऑनलाइन टेंडर बिडिंग की प्रक्रिया में सही बोली (Bid) लगाने के लिए टेंडर दस्तावेज़ों के हर हिस्से को ध्यान से पढ़ना और समझना बेहद जरूरी है। यदि आप बिना पूरी जानकारी के बिड सबमिट करते हैं, तो आपकी बिड Technical Disqualification का शिकार हो सकती है।
किसी भी ऑनलाइन टेंडर बिडिंग में भाग लेने से पहले इन सभी शर्तों का मूल्यांकन करें ताकि आपकी बिड रिजेक्ट न हो। अगर आप गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस पर टेंडर प्रक्रिया को विस्तार से समझना चाहते हैं, तो हमारी GeM पर टेंडर कैसे करें गाइड जरूर पढ़ें।
सरकारी विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) द्वारा जारी किए जाने वाले टेंडरों में भाग लेने के लिए GeM Portal या eProcurement पोर्टल का उपयोग किया जाता है। ऑनलाइन टेंडर बिडिंग प्रक्रिया में सही क्रम का पालन करना बेहद जरूरी है ताकि आपकी बिड रिजेक्ट न हो।
सबसे पहले CPPP (Central Public Procurement Portal) या संबंधित राज्य के ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर लॉगिन करें। अपनी बिज़नेस कैटेगरी, सर्विस या टेंडर आईडी (Tender ID) के जरिए एक्टिव टेंडर सर्च करें। इसके बाद टेंडर डॉक्यूमेंट (NIT/RFP) डाउनलोड करें और प्री-क्वालिफिकेशन क्राइटेरिया, टेंडर फीस और ईएमडी (EMD) की शर्तें ध्यान से समझें।
अधिकांश सरकारी टेंडरों में 'Two-Packet System' लागू होता है। पहले पैकेट में 'Technical Bid' जमा करनी होती है। इसमें मांगे गए सभी आवश्यक टेंडर दस्तावेज़ जैसे GST रजिस्ट्रेशन, CA सर्टिफाइड टर्नओवर सर्टिफिकेट, एक्सपीरियंस/वर्क ऑर्डर और टेक्निकल स्पेसिफिकेशन फाइलें PDF फॉर्मेट में अपलोड करें। अगर आपके पास MSME रजिस्ट्रेशन है, तो EMD Exemption क्लेम करने के लिए डॉक्यूमेंट्स भी इसी सेक्शन में अपलोड करें। GeM से जुड़ी विस्तृत बिडिंग जानकारी के लिए आप GeM पर टेंडर कैसे करें? | GeM टेंडर आवेदन प्रक्रिया, डॉक्यूमेंट, रजिस्ट्रेशन और जीतने के टिप्स 2026 आर्टिकल देख सकते हैं।
फाइनेंशियल बिड के तहत पोर्टल से निर्धारित BOQ (Bill of Quantities) Excel शीट डाउनलोड करें। इस BOQ फाइल में केवल अनुमति वाले (Highlighted) सेल्स में ही अपनी प्राइज कोटेशन या रेट्स दर्ज करें। एक्सेल फ़ाइल के फॉर्मूले या फॉर्मेटिंग में कोई बदलाव न करें। फाइल सेव करने के बाद इसे 'Financial Cover' वाले सेक्शन में अपलोड करें। याद रखें, टेक्निकल और फाइनेंशियल बिड को कभी भी एक साथ या गलत कवर में अपलोड न करें।
दोनों बिड्स अपलोड होने के बाद, अपने क्लास-3 डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (Class-3 DSC) के जरिए पूरे बिड पैकेज को डिजिटली साइन (Digitally Sign) करें। इसके बाद 'Submit Bid' बटन पर क्लिक करें। सबमिशन पूरा होते ही सिस्टम द्वारा जनरेट हुई Bid Submission Acknowledgment Slip को डाउनलोड करके भविष्य के रेफरेंस के लिए प्रिंट ले लें।
Government e-Marketplace (GeM) पर सरकारी विभागों के लिए ऑनलाइन टेंडर कैसे भरें, यह समझना हर एमएसएमई और सेलर के लिए बहुत जरूरी है। GeM पोर्टल पर कस्टम टेंडर (Custom Bids), BOQ Bids और L1 Bidding प्रक्रिया बहुत ही पारदर्शी होती है। आधिकारिक वेबपोर्टल gem.gov.in पर टेंडर बिडिंग की पूरी प्रैक्टिकल स्टेप-बाय-स्टेप गाइड नीचे दी गई है:
अपने Registered Seller Account में लॉगिन करें। सेलर डैशबोर्ड पर मुख्य मेन्यू में 'Bids' विकल्प पर जाएं और 'List of Bids' पर क्लिक करें। यहाँ आप अपने Product/Service Category, Ministry/Department, Bid Value और Location के आधार पर एक्टिव टेंडर्स फ़िल्टर कर सकते हैं।
अपनी पसंद के टेंडर पर क्लिक करके Bid Document (PDF) डाउनलोड करें। इसमें निम्नलिखित टेक्निकल और फाइनेंशियल एलिजिबिलिटी शर्तें ध्यान से जांचें:
मान लीजिए कि किसी सरकारी विभाग को ₹10 लाख के ऑफिस फर्नीचर सप्लायर की आवश्यकता है और आप इसमें पार्टिसिपेट करना चाहते हैं:
बिड सबमिट करने के बाद आपको एक यूनिक Bid Participation Number मिलेगा। यदि आप GeM पोर्टल पर टेंडर रजिस्ट्रेशन, बिडिंग स्ट्रैटेजी और जीतने के व्यावहारिक टिप्स विस्तार से जानना चाहते हैं, तो GeM पर टेंडर कैसे करें? वाला हमारा गाइड ज़रूर पढ़ें।
ऑनलाइन टेंडर बिडिंग प्रक्रिया (Online Tender Bidding) में हिस्सा लेते समय बिडर्स को दो प्रमुख वित्तीय शर्तों को पूरा करना होता है—Tender Fee और EMD (Earnest Money Deposit)। इन दोनों का उद्देश्य टेंडर प्रक्रिया को पारदर्शी और गंभीर बिडर्स तक सीमित रखना है:
सरकारी पोर्टल्स (जैसे GeM या CPPP) पर EMD का भुगतान निम्नलिखित माध्यमों से किया जा सकता है:
केंद्र सरकार की पब्लिक प्रोक्योरमेंट पॉलिसी (Public Procurement Policy) के तहत माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेस (MSEs) को बड़ी राहत दी गई है। यदि आपकी फर्म MSME या NSIC में रजिस्टर्ड है, तो आपको EMD (Bid Security) और Tender Fee जमा करने से 100% छूट मिलती है। इस एग्जॉम्पशन का लाभ उठाने के लिए बिड सबमिट करते समय वैध उद्यम सर्टिफिकेट अपलोड करना अनिवार्य है। अगर आपकी फर्म अभी तक रजिस्टर्ड नहीं है, तो आप हमारी विस्तृत गाइड MSME Registration कैसे करें | उद्यम रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया | MSME सर्टिफिकेट डाउनलोड गाइड पढ़कर अपना सर्टिफिकेट आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, MSME Ministry के नियमों के अनुसार स्टार्टअप्स (DPIIT Recognized) को भी EMD छूट की पात्रता मिलती है।
टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद EMD रिफंड की प्रक्रिया स्वतः शुरू हो जाती है:
सरकारी या GeM पर टेंडर कैसे करें यह जानना जितना जरूरी है, उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण यह समझना है कि ऑनलाइन टेंडर सबमिट करते समय बिड खारिज (reject) क्यों हो जाती है। थोड़ी सी तकनीकी चूक या डॉक्यूमेंटेशन की गलती आपकी हफ्तों की मेहनत और वर्किंग कैपिटल की योजना पर पानी फेर सकती है। नीचे 5 सबसे आम कारण और उनसे बचने के प्रैक्टिकल टिप्स दिए गए हैं:
ऑनलाइन टेंडर बिडिंग और ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल्स पर सिर्फ Class 3 DSC ही स्वीकार किया जाता है। कई बिडर्स Signing Certificate तो अपलोड कर देते हैं लेकिन Encryption Certificate भूल जाते हैं, या फिर Individual DSC का इस्तेमाल करते हैं जबकि टेंडर क्लॉज में Organization DSC की आवश्यकता होती है।
बचाव: बिड सबमिट करने से पहले सुनिश्चित करें कि आपके पास वैध Class 3 Both (Signing + Encryption) Organization DSC मौजूद हो और उसका ड्राइवर सिस्टम में अपडेटेड हो।
बिड सबमिशन की तारीख पर यदि आपका GST Return Proof, CA Certified Turnover Certificate, ISO सर्टिफिकेट या डिबारमेंट डिक्लेरेशन एक्सपायर हो चुका है, तो आपकी Technical Bid तुरंत रीजेक्ट कर दी जाएगी। धुंधली (Blur) PDF फाइल्स भी रीजेक्शन का बड़ा कारण बनती हैं।
बचाव: टेंडर भरने से 2 दिन पहले सभी सर्टिफिकेट्स की वैलिडिटी चेक करें और 200 DPI कलर मोड में स्कैन की गई लेजिबल (पढ़ने योग्य) PDF फाइल्स ही अपलोड करें।
फाइनेंशियल बिड भरते समय पोर्टल से डाउनलोड किए गए Excel BOQ फाइल का नाम बदलना, उसकी सेल्स (cells) को अनप्रोटेक्ट करना या फॉर्मूला से छेड़छाड़ करना टेंडर डिसक्वालिफिकेशन का सबसे बड़ा कारण है। ऑटोमेटेड इवैल्यूएशन सिस्टम ऐसी फाइल को रीड नहीं कर पाता।
बचाव: BOQ फाइल डाउनलोड करने के बाद सिर्फ हाइलाइटेड ग्रीन/वाइट सेल्स में अपनी प्राइस कोटेशन भरें। फाइल का मूल नाम और एक्सटेंशन (.xls/.xlsx) बिल्कुल न बदलें।
गलत EMD अमाउंट ट्रांसफर करना, ऑफलाइन पेमेंट इंस्ट्रूमेंट (DD/BG) की स्कैन कॉपी सही समय पर न लगाना, या MSME/NSIC बिडर्स द्वारा बिना वैध डॉक्यूमेंट के EMD Exemption क्लेम करना बिड को अमान्य कर देता है।
बचाव: यदि आप MSME बिडर हैं, तो EMD छूट पाने के लिए अपना एक्टिव Udyam Registration सर्टिफिकेट लगाएं, जिसका वेरिफिकेशन क्रय अधिकारी gem.gov.in या CPPP पोर्टल पर आसानी से कर सकें।
टेंडर सबमिशन ड्यू डेट के आखिरी 2-3 घंटों में पोर्टल पर सर्वर ट्रैफिक काफी बढ़ जाता है। नेटवर्क स्लो होने या DSC टोकन न डिटेक्ट होने के कारण कई बिडर्स समय पर पेमेंट या फाइनल सबमिट नहीं कर पाते हैं।
बचाव: टेंडर सबमिशन की डेडलाइन समाप्त होने से कम से कम 24 घंटे पहले अपनी बिड सबमिट करें और सिस्टम से जनरेटेड Bid Submission Acknowledgement Receipt डाउनलोड करके रख लें।
| तुलना के मापदंड (Parameters) | Technical Bid (तकनीकी बोली) | Financial Bid (वित्तीय बोली / Price Bid) |
|---|---|---|
| मुख्य उद्देश्य (Primary Purpose) | बिडर की तकनीकी क्षमता, अनुभव और पात्रता (Eligibility) की जांच करना। | प्रॉडक्ट या सर्विस की अंतिम कीमत (Pricing Structure) का मूल्यांकन करना। |
| ज़रूरी दस्तावेज़ (Required Documents) | GST Registration, MSME/Udyam Certificate, ITR, Turnover Certificate, Past Experience/Work Orders, EMD Slip. | BOQ (Bill of Quantities) Excel Sheet, Price Schedule, Taxes Breakdown, Commercial Terms. |
| ओपनिंग और मूल्यांकन का क्रम (Evaluation Stage) | टेंडर प्रोसेस में सबसे पहले (Stage-1) Technical Bid ही ओपन की जाती है। | केवल Technically Qualified बिडर्स की Financial Bid ही खोला जाता है (Stage-2)। |
| EMD और फीस जमा करना | EMD (Earnest Money Deposit) या MSME Exemption Certificate अपलोड करना अनिवार्य। | प्राइस बिड में अलग से EMD दस्तावेज़ संलग्न करने की आवश्यकता नहीं होती। |
| टेंडर आवंटन का नियम (Selection Rule) | यह Pass/Fail आधार पर होता है; निर्धारित मानदंड पूरे करने अनिवार्य हैं। | सामान्यतः सबसे कम कीमत बताने वाले (L1 Bidder) को टेंडर आवंटित किया जाता है। |
| Updated: August 2026 | ||
ऑनलाइन टेंडर भरने के लिए आपको कुछ मुख्य टेंडर दस्तावेज़ों की आवश्यकता होती है। इनमें Company Registration Certificate, PAN Card, GST Registration, Udyam/MSME Certificate, ITR Documents (पिछले 2-3 वर्षों के), Bank Solvency Certificate, और Audited Balance Sheet शामिल हैं। इसके अलावा, ऑथराइज्ड सिग्नेटरी के लिए Class 3 Digital Signature Certificate (DSC) और Work Experience Certificates भी अनिवार्य होते हैं।
Source: Central Public Procurement Portal (CPPP)
हाँ, MSME/Udyam रजिस्टर्ड कंपनियों को सरकारी टेंडर प्रक्रिया में विशेष लाभ मिलते हैं। Public Procurement Policy के तहत Micro और Small Enterprises (MSEs) को Earnest Money Deposit (EMD) जमा करने से छूट (exemption) दी जाती है और टेंडर डॉक्यूमेंट फीस भी माफ होती है। इसके लिए बिडिंग करते समय वैलिड Udyam Registration Certificate अपलोड करना अनिवार्य होता है।
Source: Ministry of MSME
नहीं, बिना Class 3 Digital Signature Certificate (DSC) के आप e-Procurement पोर्टल्स या GeM पोर्टल पर ऑनलाइन टेंडर नहीं भर सकते। टेंडर दस्तावेज़ों को वर्चुअली साइन करने, बिड सिक्योरिटी सुनिश्चित करने और डॉक्यूमेंट्स की ऑथेंटिसिटी बनाए रखने के लिए Class 3 Signing and Encryption DSC का होना पूरी तरह अनिवार्य है। बिडिंग प्रोसेस शुरू करने से पहले वैलिड DSC बनवा लें।
Source: Government e-Marketplace (GeM)
ऑनलाइन टेंडर बिडिंग में L1 (Lowest 1) का मतलब उस बिडर से होता है जिसने सबसे कम प्राइस कोट किया है। सर्विस और गुड्स प्रोक्योरमेंट में L1 बिडर को ही टेंडर अलॉट किया जाता है। वहीं H1 (Highest 1) बिडर वह होता है जो ई-ऑक्शन या रेवेन्यू जनरेटिंग टेंडर्स (जैसे स्क्रैप सेल) में सबसे ऊंची बोली लगाता है।
Source: Government e-Marketplace (GeM)
यदि टेंडर कैंसिल हो जाता है या किसी नॉन-रिस्पॉन्सिव बिड के कारण रद्द किया जाता है, तो जमा की गई Earnest Money Deposit (EMD) राशि सीधे आपके रजिस्टर्ड बैंक अकाउंट में ऑटोमैटिक रिफंड कर दी जाती है। अनसक्सेसफुल बिडर्स को भी टेंडर फाइनल होने या L1 डिक्लेयर होने के बाद EMD रिफंड कर दी जाती है, जिसकी ऑनलाइन स्टेटस अपडेट पोर्टल पर मिलती है।
Source: Central Public Procurement Portal (CPPP)
GeM (Government e-Marketplace) पोर्टल पर सेलर रजिस्ट्रेशन और टेंडर/बिड में भाग लेना बिल्कुल फ्री है। इसके लिए पोर्टल कोई रजिस्ट्रेशन या बिडिंग फीस नहीं लेता है। हालांकि, यदि आपको टेंडर ऑर्डर प्राप्त होता है, तो ऑर्डर वैल्यू के अनुसार एक निश्चित टर्नओवर पर छोटे प्रतिशत में Caution Money डिपॉजिट करना या Revenue Share Fee का भुगतान करना हो सकता है।
Source: Government e-Marketplace (GeM)