भारत सरकार के सरकारी ई-मार्केटप्लेस पर पंजीकरण हेतु सहायता केंद्र
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Government e-Marketplace (GeM पोर्टल) भारतीय MSME और सूक्ष्म उद्यमियों के लिए सीधे केंद्र व राज्य सरकार के विभागों को अपने प्रोडक्ट्स और सर्विसेज बेचने का सबसे बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म है। उद्यम रजिस्ट्रेशन के बाद GeM पोर्टल पर सेलर के रूप में जुड़कर छोटे व्यापारी बिना किसी बिचौलिए या रिश्वत के पारदर्शी सरकारी खरीद (Government Procurement) प्रक्रिया का हिस्सा बन सकते हैं।
इस व्यावहारिक गाइड में समझें कि MSME के लिए GeM का महत्व क्या है, आवश्यक डॉक्यूमेंट्स की चेकलिस्ट, EMD टेंडर छूट के नियम और GeM पर विक्रेता पंजीकरण करने की आसान चरण-दर-चरण प्रक्रिया क्या है।
GeM (Government e-Marketplace) भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया एक नेशनल पब्लिक प्रोक्योरमेंट पोर्टल (National Public Procurement Portal) है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय (Ministry of Commerce and Industry) ने अगस्त 2016 में इसकी शुरुआत की थी। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म को बनाने का मुख्य उद्देश्य सरकारी विभागों, मंत्रालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) और राज्य सरकारों द्वारा की जाने वाली सामान्य उपयोग की वस्तुओं और सेवाओं की खरीद (Government Procurement) को पारदर्शी, डिजिटल और कुशल बनाना था।
GeM पोर्टल से पहले, सरकारी टेंडर प्रक्रिया में काफी कागजी कार्रवाई (paperwork), लंबा समय और बिचौलियों (middlemen) का बोलबाला होता था। छोटे व्यवसायों (MSMEs) और नए स्टार्टअप्स के लिए डायरेक्ट सरकारी टेंडर पाना काफी कठिन होता था। GeM पोर्टल ने इस पुरानी व्यवस्था को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है। अब सरकारी खरीदार (Government Buyers) और विक्रेता (Sellers) एक ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिना किसी ब्रोकर या तीसरे पक्ष के सीधे जुड़ सकते हैं।
अगर आप अपने व्यवसाय के लिए नए सरकारी ऑर्डर प्राप्त करना चाहते हैं, तो GeM Official Portal पर पंजीकृत होना आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। केंद्र सरकार ने जनरल फाइनेंशियल रूल्स (GFR, 2017) के तहत सभी सरकारी मंत्रालयों और विभागों के लिए GeM पोर्टल के माध्यम से ही जरूरी प्रोडक्ट्स और सर्विसेज खरीदना अनिवार्य कर दिया है।
यदि आप पोर्टल का लाभ उठाने के लिए नए हैं, तो हमारी विस्तृत GeM पोर्टल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया | GeM पंजीकरण के फायदे | उत्पाद और सेवाएं अपलोड करने की पूरी गाइड देखकर आज ही अपना सेलर अकाउंट बना सकते हैं।
भारत सरकार के Government e-Marketplace (GeM) पोर्टल ने MSME (Micro, Small and Medium Enterprises) के लिए सरकारी मंत्रालयों, विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSEs) तक सीधे पहुँच बनाना अत्यंत आसान और पारदर्शी बना दिया है। पारंपरिक सरकारी टेंडर प्रक्रिया में जहाँ कागज़ी कार्यवाही और लंबी प्रक्रिया होती थी, वहीं GeM ने छोटे व्यवसायियों के लिए एक समान अवसर (Level Playing Field) तैयार किया है।
भारत सरकार की Public Procurement Policy for MSEs Order के तहत, सभी केंद्रीय मंत्रालयों, सरकारी विभागों और CPSEs के लिए अपनी कुल वार्षिक खरीद का कम से कम 25% हिस्सा Micro और Small Enterprises (MSEs) से खरीदना कानूनी रूप से अनिवार्य (Mandatory) किया गया है। इस 25% के भीतर दो विशेष उप-लक्ष्य (Sub-targets) भी निर्धारित हैं:
GeM पोर्टल भारत सरकार की 'Make in India' नीति को लागू करने का प्रमुख माध्यम है। पोर्टल पर सूचीबद्ध उत्पादों और सेवाओं में Local Content के प्रतिशत के आधार पर विक्रेताओं को Class-I और Class-II Local Supplier के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। टेंडर प्रक्रिया के दौरान L1 (सबसे कम बोली लगाने वाला) रेट को मैच करके MSME विक्रेताओं को Purchase Preference प्रदान की जाती है, जिससे भारतीय MSMEs को विदेशी या बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों से सीधी प्रतिस्पर्धा में सुरक्षा मिलती है।
छोटे व्यवसायों की Working Capital और संसाधन सीमाओं को ध्यान में रखते हुए, GeM पोर्टल पर MSME विक्रेताओं को कई विशेष लाभ मिलते हैं:
यदि आपके पास उद्यम पंजीकरण है, तो आप GeM पर इन सभी सुविधाओं का निःशुल्क लाभ उठा सकते हैं। MSME लाभों की व्यापक जानकारी के लिए एमएसएमई के लिए Udyam Certificate 2025 | उद्यम पंजीकरण का महत्त्व | छोटे व्यवसायों के लिए लाभ और अवसर पढ़ें और आधिकारिक दिशानिर्देशों के लिए GeM Official Portal पर जाएं।
Government e-Marketplace (GeM) ने भारत में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए सरकारी खरीद (Government Procurement) प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और सुलभ बना दिया है। केंद्र सरकार की पब्लिक प्रोक्योरमेंट पॉलिसी के तहत सभी सरकारी मंत्रालयों, विभागों और PSU के लिए कुल वार्षिक खरीद का कम से कम 25% भाग MSME सेक्टर से खरीदना अनिवार्य है। यदि आपके पास उद्यम रजिस्ट्रेशन है, तो GeM पोर्टल पर आपको निम्नलिखित प्रमुख लाभ प्राप्त होते हैं:
सामान्य टेंडर प्रक्रियाओं में विक्रेताओं को बिड सिक्योरिटी या EMD के रूप में एक बड़ी राशि जमा करनी पड़ती है। लेकिन GeM portal पर पंजीकृत MSMEs और Startup्स को EMD जमा करने से पूरी तरह छूट दी जाती है। इससे MSME विक्रेताओं की working capital ब्लॉक नहीं होती और वे बिना किसी वित्तीय दबाव के कई टेंडर्स में भाग ले सकते हैं।
पारंपरिक सरकारी टेंडरों की तुलना में GeM पर डॉक्यूमेंटेशन की आवश्यकता बहुत कम होती है। पोर्टल पर आपका Udyam Registration नंबर और GSTIN लिंक होते ही आपकी एलिजिबिलिटी खुद वेरीफाई हो जाती है। विक्रेता को बार-बार कंपनी प्रोफाइल, टर्नओवर सर्टिफिकेट या अनुभव से जुड़े भारी दस्तावेज अपलोड नहीं करने पड़ते।
सरकारी सप्लायर्स के लिए भुगतान में देरी एक बड़ी चुनौती रही है। GeM पोर्टल पर भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है। सामान या सर्विस की डिलीवरी के बाद जब खरीदार द्वारा CRAC (Consignee Receipt and Acceptance Certificate) जारी किया जाता है, तो नियम के अनुसार 10 से 100 दिनों के भीतर राशि सीधे आपके बैंक अकाउंट में ऑनलाइन क्रेडिट कर दी जाती है।
GeM पर खरीदारी का प्रोसेस ऑर्डर वैल्यू के हिसाब से बहुत पारदर्शी है:
इन सभी सुविधाओं का लाभ उठाकर छोटे व्यवसायी भी बड़ी सरकारी एजेंसियों के साथ व्यापार कर सकते हैं। GeM सेलर के रूप में शुरुआत करने के लिए आप हमारी GeM पोर्टल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया | GeM पंजीकरण के फायदे | उत्पाद और सेवाएं अपलोड करने की पूरी गाइड देख सकते हैं।
GeM (Government e-Marketplace) छोटे और मझोले उद्योगों (MSMEs) के लिए सरकारी सप्लाई चेन का हिस्सा बनने का बेहतरीन अवसर देता है। हालांकि, पोर्टल के नियमों की पूरी जानकारी न होने के कारण MSME विक्रेताओं को रोज़ाना कई व्यावहारिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है:
नए विक्रेताओं की प्रोफाइल पैन (PAN), जीएसटी (GSTIN) या Udyam Certificate के डेटा में स्पेलिंग मिस्मैच होने के कारण रुक जाती है। प्राथमिक वेरिफिकेशन सही न होने से प्रोफाइल अप्रूवल में कई हफ्तों की देरी हो सकती है। अगर आप शुरुआती चरणों में गलती से बचना चाहते हैं, तो GeM पोर्टल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के दौरान अपने सभी बिजनेस डॉक्यूमेंट्स को बिल्कुल एक समान रखें।
यदि आप किसी प्रोडक्ट श्रेणी में स्वयं को Manufacturer या OEM (Original Equipment Manufacturer) के रूप में रजिस्टर कर रहे हैं, तो आपको Quality Council of India (QCI) द्वारा कराए जाने वाले Vendor Assessment से गुजरना पड़ता है। इसमें प्रोसेस डॉक्यूमेंटेशन, क्षमता सत्यापन और वीडियो/फिजिकल ऑडिट शामिल होता है। MSMEs के लिए इस असेसमेंट को पहली बार में क्लियर करना थोड़ा मुश्किल होता है। नियम और शुल्क से जुड़ी अपडेट्स आप GeM पोर्टल की आधिकारिक गाइडलाइंस पर देख सकते हैं।
अपने प्रोडक्ट्स या सर्विसेज को लाइव करते समय कैटलॉग रिजेक्ट होना एक आम समस्या है। इसके मुख्य कारण हैं:
GeM पर L1 (Lowest Bidder) बनने के चक्कर में कई छोटे व्यापारी अपनी मार्जिन और डिलीवरी कॉस्ट का गलत हिसाब लगा लेते हैं। फाइनल बिड प्राइस कैलकुलेट करते समय फ्रेट (Freight/Transportation), पैकेजिंग, GST और संभावित AMC/CMC चार्ज शामिल न करने से ऑर्डर मिलने पर नुकसान होता है। बाद में ऑर्डर सप्लाई न कर पाने की स्थिति में पोर्टल पर Incident Management के तहत अकाउंट ब्लैकलिस्ट या EMD जब्त हो सकती है।
Government e-Marketplace (GeM) पर एक विक्रेता (Seller) के रूप में अपना बिजनेस रजिस्टर करने से पहले, सभी आवश्यक दस्तावेजों और जानकारियों की एक चेकलिस्ट तैयार करना बेहद जरूरी है। यदि आपके दस्तावेज सही और अपडेटेड हैं, तो पोर्टल पर official GeM portal के जरिए वेरिफिकेशन प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के पूरी हो जाती है। MSME विक्रेताओं को GeM पोर्टल पर तुरंत अप्रूवल और स्पेशल बेनिफिट्स प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
इन सभी सही और अपडेटेड डॉक्यूमेंट्स के साथ GeM पर प्रोफाइल बनाने से आपका सेलर अकाउंट तुरंत 'Verified' हो जाता है, जिससे आप आसानी से डायरेक्ट परचेज ऑर्डर (Direct Purchase), L1 बिडिंग और बड़े सरकारी टेंडर्स में भाग ले सकते हैं।
GeM (Government e-Marketplace) पर एक MSME विक्रेता के रूप में ऑनबोर्ड होना पूरी तरह से ऑनलाइन और ट्रांसपेरेंट प्रोसेस है। यदि आपके पास Aadhaar, PAN और Udyam Registration मौजूद है, तो आप आसानी से अपना विक्रेता खाता सेटअप कर सकते हैं। सही MSME GeM रजिस्ट्रेशन के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को ध्यानपूर्वक फॉलो करें:
सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल gem.gov.in पर जाएं और 'Sign Up' सेक्शन में जाकर 'Seller' विकल्प चुनें। अपनी फर्म के Constitution type (जैसे Proprietorship, Partnership, Private Limited आदि) का चयन करें और ऑर्गनाइजेशन का नाम दर्ज करके रजिस्ट्रेशन शुरू करें।
खाता प्रक्रिया को प्रामाणिक बनाने के लिए Authorized Person (जैसे प्रोप्राइटर या डायरेक्टर्स) का Aadhaar नंबर और PAN विवरण दर्ज करें। Aadhaar से लिंक मोबाइल नंबर पर आए OTP के माध्यम से तुरंत ई-वेरिफिकेशन (Authentication) पूरा करें। इसके बाद अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड क्रिएट करें।
लॉगिन करने के बाद डैशबोर्ड में अपनी कंपनी का ऑफिस एड्रेस, GSTIN, टर्नओवर और Udyam Registration Number दर्ज करें। ध्यान दें कि GeM पर डायरेक्ट ऑर्डर (Direct Purchase) पाने और L1 टेंडर में भाग लेने के लिए Profile Completion स्टेटस का 100% होना अनिवार्य है। इस प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी के लिए हमारी GeM पोर्टल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया | GeM पंजीकरण के फायदे | उत्पाद और सेवाएं अपलोड करने की पूरी गाइड देखें।
कंपनी का Active Current Bank Account नंबर और IFSC कोड दर्ज करें। GeM प्रणाली द्वारा PFMS या Penny Drop मेथड के माध्यम से आपके बैंक खाते का तुरंत ऑटो-वैलिडेशन किया जाता है, ताकि सरकारी भुगतान प्राप्त करने में कोई समस्या न हो।
पोर्टल पर विक्रेताओं की प्रतिबद्धता और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए GeM पर Caution Money डिपॉजिट अनिवार्य है। Micro और Small Enterprises (MSEs) के लिए उनके वार्षिक टर्नओवर के आधार पर यह कौशन मनी राशि ₹2,000 से ₹10,000 तक होती है। इसे आप Net Banking या NEFT/RTGS के जरिए आसानी से ऑनलाइन पे कर सकते हैं, जिससे आपका खाता पूरी तरह एक्टिवेट हो जाता है।
GeM पोर्टल पर MSME विक्रेता के रूप में मिलने वाले सभी सरकारी लाभ (जैसे EMD Exemption और Purchase Preference) प्राप्त करने के लिए अपनी प्रोफाइल को Udyam Registration Number (URN) से एकीकृत (link) करना बेहद आवश्यक है। यदि आपने अपना Udyam MSME Registration पूरा कर लिया है, तो GeM पोर्टल की API ऑटो-वेरिफिकेशन प्रणाली आपके एमएसएमई डेटा को सीधे सरकारी डेटाबेस से सत्यापित कर लेती है।
एक बार आपकी Udyam प्रोफाइल GeM पर वेरिफाई हो जाती है, तो आपको टेंडर प्रक्रिया के दौरान निम्नलिखित MSME बेनिफिट्स स्वतः मिल जाते हैं:
GeM पोर्टल पर केवल सेलर रजिस्ट्रेशन कर लेना ही पर्याप्त नहीं है। सरकारी विभागों से लगातार ऑर्डर्स हासिल करने और अपनी सेल्स को स्केल करने के लिए MSME विक्रेताओं को एक स्ट्रैटेजिक एप्रोच अपनानी होती है। पोर्टल पर अपनी दृश्यता और सक्सेस रेट बढ़ाने के लिए इन मुख्य बातों का ध्यान रखें:
इन प्रैक्टिकल टिप्स को फॉलो करके छोटे व्यवसायी GeM पोर्टल पर अपनी रेटिंग सुधार सकते हैं और नियमित सरकारी सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल कर अपने बिजनेस को तेजी से बढ़ा सकते हैं।
आज के डिजिटल दौर में भारतीय MSME सेक्टर के लिए GeM (Government e-Marketplace) सिर्फ एक सेल्स चैनल नहीं, बल्कि बिज़नेस को तेजी से स्केल करने का सबसे मजबूत जरिया बन चुका है। पब्लिक प्रोक्योरमेंट पॉलिसी (Public Procurement Policy) के तहत केंद्र सरकार के मंत्रालयों और सरकारी विभागों द्वारा कुल सालाना खरीदारी का कम से कम 25% हिस्सा MSME विक्रेताओं के लिए आरक्षित (reserved) रखा गया है। इसमें EMD (Earnest Money Deposit) में छूट, फ्री टेंडर पार्टिसिपेशन और निश्चित टाइमफ्रेम में पेमेंट साइकिल जैसे फायदे छोटे कारोबारियों के लिए कैश फ्लो और working capital की चिंता पूरी तरह खत्म कर देते हैं।
अगर आपके पास वैध GSTIN और Udyam Certificate है, तो बिना किसी बिचौलिए (middlemen) के सीधे सरकारी खरीदारों तक पहुंचना बेहद आसान है। सरकारी ऑर्डर्स हासिल करके आप अपने ब्रांड की विश्वसनीयता (credibility) बढ़ा सकते हैं और बिज़नेस में एक स्थिर रेवेन्यू फ्लो सुनिश्चित कर सकते हैं। यदि आपने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, तो हमारी GeM पोर्टल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया | GeM पंजीकरण के फायदे | उत्पाद और सेवाएं अपलोड करने की पूरी गाइड पढ़ें और आज ही अपनी लिस्टिंग शुरू करें।
सरकारी खरीद की इस पारदर्शी और सुरक्षित व्यवस्था का लाभ उठाकर अपने लोकल बिज़नेस को नेशनल लेवल पर ले जाएं। देरी मत कीजिए, आज ही GeM पर सेलर के रूप में रजिस्टर करें और सरकारी ऑर्डर्स हासिल कर अपने MSME बिज़नेस को एक नई ऊंचाई दें!
| सुविधा / मानदंड (Feature) | सामान्य विक्रेता (General Seller) | रजिस्टर्ड MSME सेलर (Udyam Registered) |
|---|---|---|
| EMD (Earnest Money Deposit) छूट | टेंडर नियमों के अनुसार 2% से 5% EMD जमा करना अनिवार्य। | 100% EMD Exemption (कोई बयाना राशि जमा नहीं करनी होती)। |
| Prior Turnover & Experience नियम | पिछले 3 वर्षों का टर्नओवर और पिछला अनुभव दिखाना जरूरी। | गुणवत्ता और टेक्निकल शर्तों को पूरा करने पर टर्नओवर और अनुभव में छूट। |
| Purchase Preference (सरकारी खरीद प्राथमिकता) | केवल एल-1 (L1) प्राइस पर ही ऑर्डर मिलने की संभावना। | L1 + 15% प्राइस बैंड में आने पर L1 रेट मैच करके 25% ऑर्डर की गारंटी। |
| Caution Money Deposit | टर्नओवर स्लैब के अनुसार ₹5,000 से ₹25,000 तक अनिवार्य। | MSME/Micro/Small कैटेगरी के लिए कॉशन मनी में विशेष छूट उपलब्ध। |
| GeM Vendor Assessment प्रोसेस | OEM / मैन्युफैक्चरर के रूप में वेरिफिकेशन प्रक्रिया से गुजरना जरूरी। | NSIC / Udyam रजिस्टर्ड मैन्युफैक्चरर्स के लिए आसान और तेज Vendor Assessment Exemption। |
| भुगतान समय-सीमा (Payment Timeline) | CRAC (Goods Receipt) जारी होने के 10 से 30 दिनों में। | MSMED Act के तहत 10 से 15 दिनों में प्राथमिकता के आधार पर पेमेंट। |
| Updated: August 2026 | ||
हाँ, MSME विक्रेताओं के लिए GeM (Government e-Marketplace) पोर्टल पर सेलर प्रोफाइल बनाना और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी तरह मुफ़्त है। इसके लिए सरकार की ओर से कोई भी फीस नहीं ली जाती है। MSME व्यापारी अपने Udyam Registration और PAN details की मदद से आसानी से स्वयं GeM पोर्टल पर फ्री सेलर अकाउंट रजिस्टर कर सकते हैं।
Source: Government e-Marketplace (GeM)
Udyam Registration मिलने के बाद GeM पोर्टल (gem.gov.in) पर जाएँ और 'Sign Up' > 'Seller' सेलेक्ट करें। इसके बाद अपने Udyam Registration Number, Aadhaar से लिंक मोबाइल नंबर, PAN details, GSTIN और बैंक अकाउंट की जानकारी दर्ज करें। OTP वेरिफिकेशन पूरा करके अपनी प्रोफाइल कम्प्लीट करें और प्रोडक्ट्स या सर्विसेज लिस्ट करना शुरू करें।
Source: Ministry of MSME
GeM पोर्टल पर MSME रजिस्टर्ड विक्रेताओं को सरकारी खरीद में कई विशेष छूट और फायदे मिलते हैं। इनमें EMD (Earnest Money Deposit) में पूरी छूट, प्रायर एक्सपीरियंस (Prior Experience) और प्रायर टर्नओवर (Prior Turnover) के क्राइटेरिया में ढील शामिल है। इसके अलावा L1 प्राइस मैचिंग (Price Preference) के तहत ऑर्डर्स में रिजर्वेशन का लाभ भी मिलता है।
Source: Government e-Marketplace (GeM)
वैलिड Udyam Registration वाले सभी MSME विक्रेताओं को GeM पोर्टल पर किसी भी सरकारी टेंडर या बिड में भाग लेते समय EMD जमा करने से छूट दी जाती है। टेंडर सबमिट करते समय सेलर को अपनी Udyam Certificate अपलोड करनी होती है और EMD Exemption विकल्प का चयन करना होता है, जिससे बिना सिक्योरिटी डिपॉजिट बिड सबमिट हो जाती है।
Source: Ministry of Commerce and Industry
पहला ऑर्डर पाने के लिए अपनी सेलर प्रोफाइल 100% कम्प्लीट करें, सही कैटेगरी में प्रोडक्ट्स लिस्ट करें और प्रतिस्पर्धी (Competitive) प्राइसिंग रखें। ₹10,000 तक के Direct Purchase और ₹5,00,000 तक के L1 Purchase ऑर्डर बिना टेंडर भी मिल सकते हैं। बड़े ऑर्डर्स के लिए GeM पोर्टल पर Bids Search करके नियमित रूप से टेंडर्स में भाग लें।
Source: Government e-Marketplace (GeM)
GeM पोर्टल के नियमों के अनुसार, सामान की डिलीवरी स्वीकार होने (Consignee Receipt and Acceptance Certificate - CRAC जनरेट होने) के 10 दिनों के भीतर खरीदार सरकारी विभाग को भुगतान करना अनिवार्य है। यदि भुगतान में तय समय से अधिक देरी होती है, तो MSME विक्रेताओं को देरी की अवधि के लिए नियमानुसार ब्याज पाने का भी प्रावधान है।
Source: Ministry of MSME