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MSME के लिए GeM पोर्टल का महत्व और आसान रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया | सरकारी खरीद गाइड

MSME के लिए GeM पोर्टल का महत्व और आसान पंजीकरण प्रक्रिया

Government e-Marketplace (GeM पोर्टल) भारतीय MSME और सूक्ष्म उद्यमियों के लिए सीधे केंद्र व राज्य सरकार के विभागों को अपने प्रोडक्ट्स और सर्विसेज बेचने का सबसे बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म है। उद्यम रजिस्ट्रेशन के बाद GeM पोर्टल पर सेलर के रूप में जुड़कर छोटे व्यापारी बिना किसी बिचौलिए या रिश्वत के पारदर्शी सरकारी खरीद (Government Procurement) प्रक्रिया का हिस्सा बन सकते हैं।

इस व्यावहारिक गाइड में समझें कि MSME के लिए GeM का महत्व क्या है, आवश्यक डॉक्यूमेंट्स की चेकलिस्ट, EMD टेंडर छूट के नियम और GeM पर विक्रेता पंजीकरण करने की आसान चरण-दर-चरण प्रक्रिया क्या है।

GeM पोर्टल क्या है?

GeM (Government e-Marketplace) भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया एक नेशनल पब्लिक प्रोक्योरमेंट पोर्टल (National Public Procurement Portal) है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय (Ministry of Commerce and Industry) ने अगस्त 2016 में इसकी शुरुआत की थी। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म को बनाने का मुख्य उद्देश्य सरकारी विभागों, मंत्रालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) और राज्य सरकारों द्वारा की जाने वाली सामान्य उपयोग की वस्तुओं और सेवाओं की खरीद (Government Procurement) को पारदर्शी, डिजिटल और कुशल बनाना था।

GeM पोर्टल से पहले, सरकारी टेंडर प्रक्रिया में काफी कागजी कार्रवाई (paperwork), लंबा समय और बिचौलियों (middlemen) का बोलबाला होता था। छोटे व्यवसायों (MSMEs) और नए स्टार्टअप्स के लिए डायरेक्ट सरकारी टेंडर पाना काफी कठिन होता था। GeM पोर्टल ने इस पुरानी व्यवस्था को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है। अब सरकारी खरीदार (Government Buyers) और विक्रेता (Sellers) एक ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिना किसी ब्रोकर या तीसरे पक्ष के सीधे जुड़ सकते हैं।

अगर आप अपने व्यवसाय के लिए नए सरकारी ऑर्डर प्राप्त करना चाहते हैं, तो GeM Official Portal पर पंजीकृत होना आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। केंद्र सरकार ने जनरल फाइनेंशियल रूल्स (GFR, 2017) के तहत सभी सरकारी मंत्रालयों और विभागों के लिए GeM पोर्टल के माध्यम से ही जरूरी प्रोडक्ट्स और सर्विसेज खरीदना अनिवार्य कर दिया है।

GeM पोर्टल की मुख्य विशेषताएं जो MSMEs को राहत देती हैं:

  • बिचौलियों और कमीशन का अंत: GeM पोर्टल की मदद से MSME विक्रेता बिना किसी कमीशन एजेंट या लोकल सिफारिश के सीधे सरकारी अफसरों तक अपने प्रोडक्ट्स बेच सकते हैं।
  • डायरेक्ट और पारदर्शी खरीद: इस पोर्टल पर 25,000 रुपये तक की direct purchase, 25,000 से 5 लाख तक L1 (Lowest Bidder) खरीद और 5 लाख से अधिक पर e-Bidding या Reverse Auction का विकल्प होता है।
  • राष्ट्रव्यापी बाजार पहुंच (Nationwide Market Access): देश के किसी भी कोने में स्थित एक छोटा MSME निर्माता सीधे दिल्ली, मुंबई या किसी भी दूरदराज के सरकारी विभाग को अपना सामान सप्लाई कर सकता है।

यदि आप पोर्टल का लाभ उठाने के लिए नए हैं, तो हमारी विस्तृत GeM पोर्टल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया | GeM पंजीकरण के फायदे | उत्पाद और सेवाएं अपलोड करने की पूरी गाइड देखकर आज ही अपना सेलर अकाउंट बना सकते हैं।

MSME के लिए GeM पोर्टल का महत्व (Importance of GeM Portal for MSMEs)

भारत सरकार के Government e-Marketplace (GeM) पोर्टल ने MSME (Micro, Small and Medium Enterprises) के लिए सरकारी मंत्रालयों, विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSEs) तक सीधे पहुँच बनाना अत्यंत आसान और पारदर्शी बना दिया है। पारंपरिक सरकारी टेंडर प्रक्रिया में जहाँ कागज़ी कार्यवाही और लंबी प्रक्रिया होती थी, वहीं GeM ने छोटे व्यवसायियों के लिए एक समान अवसर (Level Playing Field) तैयार किया है।

1. 25% Mandatory Procurement Target (अनिवार्य खरीद लक्ष्य)

भारत सरकार की Public Procurement Policy for MSEs Order के तहत, सभी केंद्रीय मंत्रालयों, सरकारी विभागों और CPSEs के लिए अपनी कुल वार्षिक खरीद का कम से कम 25% हिस्सा Micro और Small Enterprises (MSEs) से खरीदना कानूनी रूप से अनिवार्य (Mandatory) किया गया है। इस 25% के भीतर दो विशेष उप-लक्ष्य (Sub-targets) भी निर्धारित हैं:

  • 4% लक्ष्य: SC/ST वर्ग के उद्यमियों द्वारा संचालित MSEs के लिए आरक्षित।
  • 3% लक्ष्य: महिला उद्यमियों (Women Entrepreneurs) के स्वामित्व वाले MSEs के लिए आरक्षित।

2. Make in India (MII) और Purchase Preference

GeM पोर्टल भारत सरकार की 'Make in India' नीति को लागू करने का प्रमुख माध्यम है। पोर्टल पर सूचीबद्ध उत्पादों और सेवाओं में Local Content के प्रतिशत के आधार पर विक्रेताओं को Class-I और Class-II Local Supplier के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। टेंडर प्रक्रिया के दौरान L1 (सबसे कम बोली लगाने वाला) रेट को मैच करके MSME विक्रेताओं को Purchase Preference प्रदान की जाती है, जिससे भारतीय MSMEs को विदेशी या बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों से सीधी प्रतिस्पर्धा में सुरक्षा मिलती है।

3. एमएसएमई को मिलने वाली प्रमुख वित्तीय छूट और राहत

छोटे व्यवसायों की Working Capital और संसाधन सीमाओं को ध्यान में रखते हुए, GeM पोर्टल पर MSME विक्रेताओं को कई विशेष लाभ मिलते हैं:

  • EMD (Earnest Money Deposit) Exemption: MSMEs को टेंडर में भाग लेते समय बयाना राशि (EMD) जमा करने से पूर्ण छूट मिलती है।
  • Prior Experience & Turnover Relaxations: कई सरकारी बोलियों (Bids) में MSMEs के लिए पूर्व अनुभव (Prior Experience) और न्यूनतम टर्नओवर (Prior Turnover) की पात्रता शर्तों को शिथिल या माफ कर दिया जाता है।
  • Direct Purchase & L1 Purchase Options: ₹10,000 तक की सीधी खरीदारी (Direct Purchase) और ₹5,00,000 तक की L1 बोली प्रक्रिया के तहत MSME विक्रेताओं से त्वरित ऑर्डर प्राप्त होते हैं।

यदि आपके पास उद्यम पंजीकरण है, तो आप GeM पर इन सभी सुविधाओं का निःशुल्क लाभ उठा सकते हैं। MSME लाभों की व्यापक जानकारी के लिए एमएसएमई के लिए Udyam Certificate 2025 | उद्यम पंजीकरण का महत्त्व | छोटे व्यवसायों के लिए लाभ और अवसर पढ़ें और आधिकारिक दिशानिर्देशों के लिए GeM Official Portal पर जाएं।

GeM पोर्टल के मुख्य लाभ (Major Benefits)

Government e-Marketplace (GeM) ने भारत में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए सरकारी खरीद (Government Procurement) प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और सुलभ बना दिया है। केंद्र सरकार की पब्लिक प्रोक्योरमेंट पॉलिसी के तहत सभी सरकारी मंत्रालयों, विभागों और PSU के लिए कुल वार्षिक खरीद का कम से कम 25% भाग MSME सेक्टर से खरीदना अनिवार्य है। यदि आपके पास उद्यम रजिस्ट्रेशन है, तो GeM पोर्टल पर आपको निम्नलिखित प्रमुख लाभ प्राप्त होते हैं:

1. EMD (Earnest Money Deposit) से पूरी छूट

सामान्य टेंडर प्रक्रियाओं में विक्रेताओं को बिड सिक्योरिटी या EMD के रूप में एक बड़ी राशि जमा करनी पड़ती है। लेकिन GeM portal पर पंजीकृत MSMEs और Startup्स को EMD जमा करने से पूरी तरह छूट दी जाती है। इससे MSME विक्रेताओं की working capital ब्लॉक नहीं होती और वे बिना किसी वित्तीय दबाव के कई टेंडर्स में भाग ले सकते हैं।

2. न्यूनतम टेंडर दस्तावेज (Minimum Documentation)

पारंपरिक सरकारी टेंडरों की तुलना में GeM पर डॉक्यूमेंटेशन की आवश्यकता बहुत कम होती है। पोर्टल पर आपका Udyam Registration नंबर और GSTIN लिंक होते ही आपकी एलिजिबिलिटी खुद वेरीफाई हो जाती है। विक्रेता को बार-बार कंपनी प्रोफाइल, टर्नओवर सर्टिफिकेट या अनुभव से जुड़े भारी दस्तावेज अपलोड नहीं करने पड़ते।

3. 10 से 100 दिनों के भीतर सुरक्षित ऑनलाइन भुगतान

सरकारी सप्लायर्स के लिए भुगतान में देरी एक बड़ी चुनौती रही है। GeM पोर्टल पर भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है। सामान या सर्विस की डिलीवरी के बाद जब खरीदार द्वारा CRAC (Consignee Receipt and Acceptance Certificate) जारी किया जाता है, तो नियम के अनुसार 10 से 100 दिनों के भीतर राशि सीधे आपके बैंक अकाउंट में ऑनलाइन क्रेडिट कर दी जाती है।

4. खरीदारी प्रक्रियाओं का स्पष्ट वर्गीकरण (Direct Purchase & L1 Bidding)

GeM पर खरीदारी का प्रोसेस ऑर्डर वैल्यू के हिसाब से बहुत पारदर्शी है:

  • Direct Purchase (डायरेक्ट परचेज): ₹10,000 तक के उत्पाद या सेवाएं (कुछ विशेष श्रेणियों में ₹25,000 तक) बिना किसी टेंडर प्रक्रिया के किसी भी पंजीकृत सेलर से सीधे खरीदे जा सकते हैं।
  • L1 Bidding (L1 बोली): ₹25,000 से ₹5,00,000 तक की खरीदारी के लिए पोर्टल कम से कम 3 अलग-अलग निर्माताओं/विक्रेताओं के उत्पादों की तुलना करता है और सबसे कम मूल्य (L1) वाले सेलर को ऑर्डर अपने आप जनरेट हो जाता है।
  • Custom Bidding & Reverse Auction: ₹5,00,000 से अधिक के बड़े ऑर्डर्स के लिए ई-बीडिंग और रिवर्स ऑक्शन (Reverse Auction) की पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाती है।

इन सभी सुविधाओं का लाभ उठाकर छोटे व्यवसायी भी बड़ी सरकारी एजेंसियों के साथ व्यापार कर सकते हैं। GeM सेलर के रूप में शुरुआत करने के लिए आप हमारी GeM पोर्टल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया | GeM पंजीकरण के फायदे | उत्पाद और सेवाएं अपलोड करने की पूरी गाइड देख सकते हैं।

GeM पर MSMEs को आने वाली चुनौतियाँ (Challenges)

GeM (Government e-Marketplace) छोटे और मझोले उद्योगों (MSMEs) के लिए सरकारी सप्लाई चेन का हिस्सा बनने का बेहतरीन अवसर देता है। हालांकि, पोर्टल के नियमों की पूरी जानकारी न होने के कारण MSME विक्रेताओं को रोज़ाना कई व्यावहारिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है:

1. Profile Approval और Verification में देरी

नए विक्रेताओं की प्रोफाइल पैन (PAN), जीएसटी (GSTIN) या Udyam Certificate के डेटा में स्पेलिंग मिस्मैच होने के कारण रुक जाती है। प्राथमिक वेरिफिकेशन सही न होने से प्रोफाइल अप्रूवल में कई हफ्तों की देरी हो सकती है। अगर आप शुरुआती चरणों में गलती से बचना चाहते हैं, तो GeM पोर्टल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के दौरान अपने सभी बिजनेस डॉक्यूमेंट्स को बिल्कुल एक समान रखें।

2. OEM Vendor Assessment की जटिलता

यदि आप किसी प्रोडक्ट श्रेणी में स्वयं को Manufacturer या OEM (Original Equipment Manufacturer) के रूप में रजिस्टर कर रहे हैं, तो आपको Quality Council of India (QCI) द्वारा कराए जाने वाले Vendor Assessment से गुजरना पड़ता है। इसमें प्रोसेस डॉक्यूमेंटेशन, क्षमता सत्यापन और वीडियो/फिजिकल ऑडिट शामिल होता है। MSMEs के लिए इस असेसमेंट को पहली बार में क्लियर करना थोड़ा मुश्किल होता है। नियम और शुल्क से जुड़ी अपडेट्स आप GeM पोर्टल की आधिकारिक गाइडलाइंस पर देख सकते हैं।

3. कैटलॉग लिस्टिंग रिजेक्शन (Catalog Listing Rejection)

अपने प्रोडक्ट्स या सर्विसेज को लाइव करते समय कैटलॉग रिजेक्ट होना एक आम समस्या है। इसके मुख्य कारण हैं:

  • Brand Approval और Trademark: ऑथराइजेशन लेटर या ट्रेडमार्क सर्टिफिकेट में नाम या वैलिडिटी का मेल न खाना।
  • गलत Specification अपलोड करना: बायर्स द्वारा तय टेक्निकल पैरामीटर्स के बजाय गलत वैल्यू एंटर कर देना।
  • Test Reports का अमान्य होना: NABL या मान्यता प्राप्त लैब से जारी टेस्ट रिपोर्ट न होना या रिपोर्ट का एक्सपायर होना।

4. L1 Pricing Calculation में गलतियाँ

GeM पर L1 (Lowest Bidder) बनने के चक्कर में कई छोटे व्यापारी अपनी मार्जिन और डिलीवरी कॉस्ट का गलत हिसाब लगा लेते हैं। फाइनल बिड प्राइस कैलकुलेट करते समय फ्रेट (Freight/Transportation), पैकेजिंग, GST और संभावित AMC/CMC चार्ज शामिल न करने से ऑर्डर मिलने पर नुकसान होता है। बाद में ऑर्डर सप्लाई न कर पाने की स्थिति में पोर्टल पर Incident Management के तहत अकाउंट ब्लैकलिस्ट या EMD जब्त हो सकती है।

GeM पर पंजीकरण के लिए आवश्यक डॉक्यूमेंट

Government e-Marketplace (GeM) पर एक विक्रेता (Seller) के रूप में अपना बिजनेस रजिस्टर करने से पहले, सभी आवश्यक दस्तावेजों और जानकारियों की एक चेकलिस्ट तैयार करना बेहद जरूरी है। यदि आपके दस्तावेज सही और अपडेटेड हैं, तो पोर्टल पर official GeM portal के जरिए वेरिफिकेशन प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के पूरी हो जाती है। MSME विक्रेताओं को GeM पोर्टल पर तुरंत अप्रूवल और स्पेशल बेनिफिट्स प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:

GeM Seller Registration के लिए अनिवार्य डॉक्यूमेंट्स की चेकलिस्ट:

  • PAN Card (पैन कार्ड): प्रोपराइटरशिप फर्म के मामले में प्रोपराइटर का व्यक्तिगत PAN और कंपनी/LLP/पार्टनरशिप फर्म के लिए बिजनेस का पैन कार्ड अनिवार्य है। GeM पोर्टल Income Tax विभाग के डेटाबेस से PAN को ऑटो-वेरीफाई करता है।
  • Aadhaar-linked Mobile Number: प्राथमिक अधिकृत प्रतिनिधि (Authorized Signatory) का आधार नंबर और उससे लिंक एक्टिव मोबाइल नंबर आवश्यक है। रजिस्ट्रेशन वेरिफिकेशन और e-Sign प्रक्रिया OTP के माध्यम से ही पूरी होती है।
  • GSTIN (जीएसटी पंजीकरण संख्या): एक्टिव GSTIN होना आवश्यक है। ध्यान दें कि GeM पर दर्ज कंपनी का नाम और एड्रेस आपके GSTIN रिकॉर्ड से पूरी तरह मैच होना चाहिए।
  • Udyam Registration Certificate: MSME विक्रेताओं को ईएमडी छूट (EMD Exemption), सिक्योरिटी डिपॉजिट में राहत और रिजर्व्ड कैटेगरी टेंडर्स का लाभ पाने के लिए वैलिड एमएसएमई के लिए Udyam Certificate 2025 | उद्यम पंजीकरण का महत्त्व | छोटे व्यवसायों के लिए लाभ और अवसर अटैच करना अनिवार्य है।
  • ITR Details (आयकर रिटर्न विवरण): बिजनेस की वित्तीय क्रेडिबिलिटी और टर्नओवर वेरीफाई करने के लिए पिछले 1 से 3 वर्षों का ITR डेटा (Acknowledgement Number और टर्नओवर डिटेल्स) तैयार रखें।
  • Cancelled Cheque और Bank Details: एक्टिव बैंक अकाउंट का IFSC कोड, अकाउंट नंबर और एक स्पष्ट Cancelled Cheque की कॉपी। सरकारी खरीदारों द्वारा डायरेक्ट पेमेंट (PFMS / Direct Bank Transfer) के लिए यह वेरिफिकेशन जरूरी है।

इन सभी सही और अपडेटेड डॉक्यूमेंट्स के साथ GeM पर प्रोफाइल बनाने से आपका सेलर अकाउंट तुरंत 'Verified' हो जाता है, जिससे आप आसानी से डायरेक्ट परचेज ऑर्डर (Direct Purchase), L1 बिडिंग और बड़े सरकारी टेंडर्स में भाग ले सकते हैं।

GeM पर MSME पंजीकरण प्रक्रिया: चरण-दर-चरण गाइड (Easy GeM Registration Process)

GeM (Government e-Marketplace) पर एक MSME विक्रेता के रूप में ऑनबोर्ड होना पूरी तरह से ऑनलाइन और ट्रांसपेरेंट प्रोसेस है। यदि आपके पास Aadhaar, PAN और Udyam Registration मौजूद है, तो आप आसानी से अपना विक्रेता खाता सेटअप कर सकते हैं। सही MSME GeM रजिस्ट्रेशन के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को ध्यानपूर्वक फॉलो करें:

1. Primary Account Creation (प्राइमरी अकाउंट निर्माण)

सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल gem.gov.in पर जाएं और 'Sign Up' सेक्शन में जाकर 'Seller' विकल्प चुनें। अपनी फर्म के Constitution type (जैसे Proprietorship, Partnership, Private Limited आदि) का चयन करें और ऑर्गनाइजेशन का नाम दर्ज करके रजिस्ट्रेशन शुरू करें।

2. OTP Authentication (ओटीपी सत्यापन)

खाता प्रक्रिया को प्रामाणिक बनाने के लिए Authorized Person (जैसे प्रोप्राइटर या डायरेक्टर्स) का Aadhaar नंबर और PAN विवरण दर्ज करें। Aadhaar से लिंक मोबाइल नंबर पर आए OTP के माध्यम से तुरंत ई-वेरिफिकेशन (Authentication) पूरा करें। इसके बाद अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड क्रिएट करें।

3. Company Profile Update (100% प्रोफाइल पूरा करें)

लॉगिन करने के बाद डैशबोर्ड में अपनी कंपनी का ऑफिस एड्रेस, GSTIN, टर्नओवर और Udyam Registration Number दर्ज करें। ध्यान दें कि GeM पर डायरेक्ट ऑर्डर (Direct Purchase) पाने और L1 टेंडर में भाग लेने के लिए Profile Completion स्टेटस का 100% होना अनिवार्य है। इस प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी के लिए हमारी GeM पोर्टल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया | GeM पंजीकरण के फायदे | उत्पाद और सेवाएं अपलोड करने की पूरी गाइड देखें।

4. Bank Account Validation (बैंक अकाउंट सत्यापन)

कंपनी का Active Current Bank Account नंबर और IFSC कोड दर्ज करें। GeM प्रणाली द्वारा PFMS या Penny Drop मेथड के माध्यम से आपके बैंक खाते का तुरंत ऑटो-वैलिडेशन किया जाता है, ताकि सरकारी भुगतान प्राप्त करने में कोई समस्या न हो।

5. Caution Money Deposit (कौशन मनी जमा करना)

पोर्टल पर विक्रेताओं की प्रतिबद्धता और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए GeM पर Caution Money डिपॉजिट अनिवार्य है। Micro और Small Enterprises (MSEs) के लिए उनके वार्षिक टर्नओवर के आधार पर यह कौशन मनी राशि ₹2,000 से ₹10,000 तक होती है। इसे आप Net Banking या NEFT/RTGS के जरिए आसानी से ऑनलाइन पे कर सकते हैं, जिससे आपका खाता पूरी तरह एक्टिवेट हो जाता है।

उद्यम रजिस्ट्रेशन के बाद GeM पर सेलर प्रोफाइल कैसे लिंक करें?

GeM पोर्टल पर MSME विक्रेता के रूप में मिलने वाले सभी सरकारी लाभ (जैसे EMD Exemption और Purchase Preference) प्राप्त करने के लिए अपनी प्रोफाइल को Udyam Registration Number (URN) से एकीकृत (link) करना बेहद आवश्यक है। यदि आपने अपना Udyam MSME Registration पूरा कर लिया है, तो GeM पोर्टल की API ऑटो-वेरिफिकेशन प्रणाली आपके एमएसएमई डेटा को सीधे सरकारी डेटाबेस से सत्यापित कर लेती है।

Udyam नंबर को GeM प्रोफाइल से लिंक करने की चरण-दर-चरण प्रक्रिया:

  • GeM सेलर प्रोफाइल में लॉगिन करें: अपनी सेलर User ID और पासवर्ड का उपयोग करके GeM पोर्टल पर लॉगिन करें।
  • My Account सेक्शन में जाएं: डैशबोर्ड के ऊपरी दाएं कोने में प्रोफाइल आइकॉन पर क्लिक करें और 'My Account' (प्रोफाइल मैनेजमेंट) विकल्प चुनें।
  • MSE Category टैब पर जाएं: बाएं मेनू पैनल में 'My Business' या 'MSE Details' टैब पर क्लिक करें।
  • URN और मोबाइल नंबर दर्ज करें: निर्दिष्ट बॉक्स में अपना 16-अंकों वाला Udyam Registration Number (URN) और उद्यम रजिस्ट्रेशन में पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करें।
  • Auto-Verify बटन दबाएं: 'Verify Udyam' पर क्लिक करें। GeM सिस्टम एमएसएमई मंत्रालय के पोर्टल से डेटा ऑटो-फैच करके आपके Enterprise Type (Micro/Small) और बिजनेस श्रेणी (Manufacturing/Services) को तुरंत अपडेट कर देगा।
  • OTP वेरिफाई और सेव करें: आपके रजिस्टर मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP दर्ज करें और विवरण को फाइनली 'Save' कर दें।

Udyam लिंक होने के बाद ऑटो-वेरिफाइड लाभ:

एक बार आपकी Udyam प्रोफाइल GeM पर वेरिफाई हो जाती है, तो आपको टेंडर प्रक्रिया के दौरान निम्नलिखित MSME बेनिफिट्स स्वतः मिल जाते हैं:

  • EMD Fee में छूट: टेंडर में भाग लेते समय लगने वाली बयाना राशि (Earnest Money Deposit / EMD) से 100% छूट (Exemption) स्वतः लागू हो जाती है।
  • Tender Document Fee Waiver: किसी भी सरकारी बोली या टेंडर फ़ॉर्म की फीस पूरी तरह माफ कर दी जाती है।
  • L1 + 15% Purchase Preference: यदि आपकी बोली L1 (सबसे कम बोली) से 15% के दायरे में है, तो आपको L1 रेट मैच करके टेंडर का न्यूनतम 25% ऑर्डर हासिल करने का अधिकार मिलता है।

GeM पर सफल होने के लिए आवश्यक टिप्स (Essential Tips for Success)

GeM पोर्टल पर केवल सेलर रजिस्ट्रेशन कर लेना ही पर्याप्त नहीं है। सरकारी विभागों से लगातार ऑर्डर्स हासिल करने और अपनी सेल्स को स्केल करने के लिए MSME विक्रेताओं को एक स्ट्रैटेजिक एप्रोच अपनानी होती है। पोर्टल पर अपनी दृश्यता और सक्सेस रेट बढ़ाने के लिए इन मुख्य बातों का ध्यान रखें:

  • कॉम्पिटिटिव प्राइसिंग स्ट्रेटेजी (Competitive Pricing Strategy): सरकारी खरीद में L1 (Lowest Bidder) स्टेटस का बहुत महत्व होता है। अपने प्रोडक्ट की बेस प्राइस तय करते समय लैंडिंग कॉस्ट, लॉजिस्टिक्स (Freight Charges) और अपने प्रॉफिट मार्जिन का सही आकलन करें। MSMEs को अपनी प्राइसिंग कॉम्पिटिटिव रखनी चाहिए ताकि वे प्राइवेट कंपनियों को मात दे सकें।
  • कैटलॉग ऑप्टिमाइजेशन (Catalog Optimization): अपने प्रोडक्ट्स और सर्विसेज का कैटलॉग हमेशा अपडेटेड और प्रोफेशनल रखें। हाई-क्वालिटी इमेजेस, सही HSN Code, सटीक टेक्निकल स्पेसिफिकेशन्स और OEM पार्ट नंबर जरूर डालें। कैटलॉग जितना विस्तृत होगा, Buyer Search रिजल्ट्स में आपके प्रोडक्ट के दिखने के चांस उतने ही ज्यादा होंगे।
  • नियमित बीड ट्रैकिंग (Regular Bid Tracking): GeM पर रोज़ाना हजारों डायरेक्ट ऑर्डर्स, Bids और Reverse Auctions (RA) पब्लिश होते हैं। अपनी प्रोडक्ट कैटेगरी से जुड़े टेंडर्स को रोजाना ट्रैक करें। यदि आप पहली बार बोली लगा रहे हैं, तो प्रक्रिया को बेहतर समझने के लिए हमारी गाइड GeM पर टेंडर कैसे करें को जरूर पढ़ें।
  • समय पर डिलीवरी (Timely Delivery): Purchase Order (PO) मिलने के बाद तय समय सीमा के भीतर डिलीवरी सुनिश्चित करें। ऑन-टाइम डिलीवरी से Buyers तुरंत CRAC (Consignee Receipt and Acceptance Certificate) जारी करते हैं, जिससे आपका पेमेंट 10 दिनों के अंदर आपके बैंक अकाउंट में क्रेडिट हो जाता है।
  • इंसिडेंट मैनेजमेंट से बचाव (Incident Management Avoidance): अगर आप समय पर डिलीवरी नहीं करते या खरीदार की शर्तों के अनुसार गलत माल भेजते हैं, तो Buyer आपके खिलाफ इंसिडेंट (Incident) रेज कर सकता है। इससे आपकी Vendor Rating खराब होती है और अकाउंट सस्पेंड या ब्लैकलिस्ट भी हो सकता है। GeM के नए नियमों और पेनल्टी क्लॉज को समझने के लिए आप GeM ऑफिशियल पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं।

इन प्रैक्टिकल टिप्स को फॉलो करके छोटे व्यवसायी GeM पोर्टल पर अपनी रेटिंग सुधार सकते हैं और नियमित सरकारी सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल कर अपने बिजनेस को तेजी से बढ़ा सकते हैं।

निष्कर्ष -अभी जुड़ें: GeM पोर्टल से अपना MSME बिज़नेस बढ़ाएं

आज के डिजिटल दौर में भारतीय MSME सेक्टर के लिए GeM (Government e-Marketplace) सिर्फ एक सेल्स चैनल नहीं, बल्कि बिज़नेस को तेजी से स्केल करने का सबसे मजबूत जरिया बन चुका है। पब्लिक प्रोक्योरमेंट पॉलिसी (Public Procurement Policy) के तहत केंद्र सरकार के मंत्रालयों और सरकारी विभागों द्वारा कुल सालाना खरीदारी का कम से कम 25% हिस्सा MSME विक्रेताओं के लिए आरक्षित (reserved) रखा गया है। इसमें EMD (Earnest Money Deposit) में छूट, फ्री टेंडर पार्टिसिपेशन और निश्चित टाइमफ्रेम में पेमेंट साइकिल जैसे फायदे छोटे कारोबारियों के लिए कैश फ्लो और working capital की चिंता पूरी तरह खत्म कर देते हैं।

अगर आपके पास वैध GSTIN और Udyam Certificate है, तो बिना किसी बिचौलिए (middlemen) के सीधे सरकारी खरीदारों तक पहुंचना बेहद आसान है। सरकारी ऑर्डर्स हासिल करके आप अपने ब्रांड की विश्वसनीयता (credibility) बढ़ा सकते हैं और बिज़नेस में एक स्थिर रेवेन्यू फ्लो सुनिश्चित कर सकते हैं। यदि आपने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, तो हमारी GeM पोर्टल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया | GeM पंजीकरण के फायदे | उत्पाद और सेवाएं अपलोड करने की पूरी गाइड पढ़ें और आज ही अपनी लिस्टिंग शुरू करें।

GeM पोर्टल पर सफलता पाने के लिए आज ही उठाएं ये कदम:

  • डॉक्यूमेंट्स सत्यापित करें: अपना Aadhaar-linked मोबाइल नंबर, PAN, Active Bank Account, GSTIN और Udyam विवरण तैयार रखें।
  • सेलर प्रोफाइल बनाएं: GeM Official Portal पर जाएं और अपनी प्राइमरी प्रोफाइल 100% कम्प्लीट करें।
  • कैटलॉग और सर्विस अपलोड करें: अपने प्रोडक्ट्स की सही कैटेगरी, HSN/SAC कोड और प्रतिस्पर्धी (competitive) प्राइसिंग दर्ज करके कैटलॉग पब्लिश करें।
  • टेंडर्स और बीड्स पर नजर रखें: ₹10,000 तक डायरेक्ट परचेज ऑर्डर्स के साथ-साथ Bidding/RA (Reverse Auction) में नियमित रूप से पार्टिसिपेट करें।

सरकारी खरीद की इस पारदर्शी और सुरक्षित व्यवस्था का लाभ उठाकर अपने लोकल बिज़नेस को नेशनल लेवल पर ले जाएं। देरी मत कीजिए, आज ही GeM पर सेलर के रूप में रजिस्टर करें और सरकारी ऑर्डर्स हासिल कर अपने MSME बिज़नेस को एक नई ऊंचाई दें!

GeM पोर्टल पर सामान्य विक्रेता बनाम रजिस्टर्ड MSME सेलर को मिलने वाली सुविधाएं और छूट

सुविधा / मानदंड (Feature) सामान्य विक्रेता (General Seller) रजिस्टर्ड MSME सेलर (Udyam Registered)
EMD (Earnest Money Deposit) छूट टेंडर नियमों के अनुसार 2% से 5% EMD जमा करना अनिवार्य। 100% EMD Exemption (कोई बयाना राशि जमा नहीं करनी होती)।
Prior Turnover & Experience नियम पिछले 3 वर्षों का टर्नओवर और पिछला अनुभव दिखाना जरूरी। गुणवत्ता और टेक्निकल शर्तों को पूरा करने पर टर्नओवर और अनुभव में छूट
Purchase Preference (सरकारी खरीद प्राथमिकता) केवल एल-1 (L1) प्राइस पर ही ऑर्डर मिलने की संभावना। L1 + 15% प्राइस बैंड में आने पर L1 रेट मैच करके 25% ऑर्डर की गारंटी
Caution Money Deposit टर्नओवर स्लैब के अनुसार ₹5,000 से ₹25,000 तक अनिवार्य। MSME/Micro/Small कैटेगरी के लिए कॉशन मनी में विशेष छूट उपलब्ध।
GeM Vendor Assessment प्रोसेस OEM / मैन्युफैक्चरर के रूप में वेरिफिकेशन प्रक्रिया से गुजरना जरूरी। NSIC / Udyam रजिस्टर्ड मैन्युफैक्चरर्स के लिए आसान और तेज Vendor Assessment Exemption
भुगतान समय-सीमा (Payment Timeline) CRAC (Goods Receipt) जारी होने के 10 से 30 दिनों में। MSMED Act के तहत 10 से 15 दिनों में प्राथमिकता के आधार पर पेमेंट
Updated: August 2026

Frequently Asked Questions

क्या MSME के लिए GeM पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन मुफ़्त है?

हाँ, MSME विक्रेताओं के लिए GeM (Government e-Marketplace) पोर्टल पर सेलर प्रोफाइल बनाना और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी तरह मुफ़्त है। इसके लिए सरकार की ओर से कोई भी फीस नहीं ली जाती है। MSME व्यापारी अपने Udyam Registration और PAN details की मदद से आसानी से स्वयं GeM पोर्टल पर फ्री सेलर अकाउंट रजिस्टर कर सकते हैं।
Source: Government e-Marketplace (GeM)

उद्यम रजिस्ट्रेशन के बाद GeM पोर्टल पर सेलर अकाउंट कैसे बनाएं?

Udyam Registration मिलने के बाद GeM पोर्टल (gem.gov.in) पर जाएँ और 'Sign Up' > 'Seller' सेलेक्ट करें। इसके बाद अपने Udyam Registration Number, Aadhaar से लिंक मोबाइल नंबर, PAN details, GSTIN और बैंक अकाउंट की जानकारी दर्ज करें। OTP वेरिफिकेशन पूरा करके अपनी प्रोफाइल कम्प्लीट करें और प्रोडक्ट्स या सर्विसेज लिस्ट करना शुरू करें।
Source: Ministry of MSME

GeM पोर्टल पर MSME को टेंडर में कौन-कौन सी छूट मिलती है?

GeM पोर्टल पर MSME रजिस्टर्ड विक्रेताओं को सरकारी खरीद में कई विशेष छूट और फायदे मिलते हैं। इनमें EMD (Earnest Money Deposit) में पूरी छूट, प्रायर एक्सपीरियंस (Prior Experience) और प्रायर टर्नओवर (Prior Turnover) के क्राइटेरिया में ढील शामिल है। इसके अलावा L1 प्राइस मैचिंग (Price Preference) के तहत ऑर्डर्स में रिजर्वेशन का लाभ भी मिलता है।
Source: Government e-Marketplace (GeM)

GeM पोर्टल पर EMD (Earnest Money Deposit) से छूट पाने के क्या नियम हैं?

वैलिड Udyam Registration वाले सभी MSME विक्रेताओं को GeM पोर्टल पर किसी भी सरकारी टेंडर या बिड में भाग लेते समय EMD जमा करने से छूट दी जाती है। टेंडर सबमिट करते समय सेलर को अपनी Udyam Certificate अपलोड करनी होती है और EMD Exemption विकल्प का चयन करना होता है, जिससे बिना सिक्योरिटी डिपॉजिट बिड सबमिट हो जाती है।
Source: Ministry of Commerce and Industry

GeM पर रजिस्ट्रेशन के बाद पहला सरकारी टेंडर या ऑर्डर कैसे मिलता है?

पहला ऑर्डर पाने के लिए अपनी सेलर प्रोफाइल 100% कम्प्लीट करें, सही कैटेगरी में प्रोडक्ट्स लिस्ट करें और प्रतिस्पर्धी (Competitive) प्राइसिंग रखें। ₹10,000 तक के Direct Purchase और ₹5,00,000 तक के L1 Purchase ऑर्डर बिना टेंडर भी मिल सकते हैं। बड़े ऑर्डर्स के लिए GeM पोर्टल पर Bids Search करके नियमित रूप से टेंडर्स में भाग लें।
Source: Government e-Marketplace (GeM)

GeM पोर्टल पर बिक्री के बाद भुगतान कितने दिनों में प्राप्त होता है?

GeM पोर्टल के नियमों के अनुसार, सामान की डिलीवरी स्वीकार होने (Consignee Receipt and Acceptance Certificate - CRAC जनरेट होने) के 10 दिनों के भीतर खरीदार सरकारी विभाग को भुगतान करना अनिवार्य है। यदि भुगतान में तय समय से अधिक देरी होती है, तो MSME विक्रेताओं को देरी की अवधि के लिए नियमानुसार ब्याज पाने का भी प्रावधान है।
Source: Ministry of MSME

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Last Updated: 27/06/2026 © Gem Online Portal. All Rights Reserved