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GeM Registration Assistance Portal

भारत सरकार के सरकारी ई-मार्केटप्लेस पर पंजीकरण हेतु सहायता केंद्र

Trusted by 10,000+ Sellers & Service Providers Across India

Complete Support for New Registration, Catalogue Upload & Compliance

ISO 9001:2015 Certified Service Portal

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New Get ₹500 OFF on your first GeM registration consultancy — apply today & save!   •   ✔ Expert guidance for GeM seller onboarding (2026 process)   •   ✔ Document check & profile setup — avoid rejections   •   ⚠ Independent private consultancy — official portal: gem.gov.in

GeM Registration Fees 2026| Charges, Process | Renewal

GeM Registration Fees 2026| Charges, Process | Renewal

GeM Portal पर सेलर अकाउंट बनाते समय GeM registration fees और उससे जुड़े चार्ज की सही जानकारी होना बेहद जरूरी है। 2026 की लेटेस्ट Revenue Policy के अनुसार GeM पर शुरुआती रजिस्ट्रेशन तो बिल्कुल फ्री है, लेकिन टर्नओवर और सर्विस मॉडल के अनुसार अलग-अलग स्लैब लागू होते हैं।

इस ब्लॉग में हम Caution Money, Vendor Assessment Fee, Transaction Charges और Renewal Fees के हर पहलू को विस्तार से समझेंगे ताकि आप सही प्लानिंग के साथ सरकारी टेंडर और ऑर्डर्स हासिल कर सकें।

GeM Portal क्या है?

GeM (Government e-Marketplace) Portal एक राष्ट्रीय सार्वजनिक खरीद पोर्टल (National Public Procurement Portal) है, जिसे भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (Ministry of Commerce and Industry) द्वारा अगस्त 2016 में लॉन्च किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य भारत में सभी सरकारी विभागों, मंत्रालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) और राज्य सरकार की एजेंसियों द्वारा Goods और Services की खरीद (procurement) को पूरी तरह से डिजिटल, पारदर्शी (transparent) और कुशल बनाना है।

GeM Portal के आने से पहले सरकारी खरीद प्रक्रियाओं में टेंडर पास कराने के लिए बिचौलियों (middlemen) का दबदबा था, जिससे भारी कमीशनखोरी, कागजी कार्रवाई और पेमेंट में देरी जैसी समस्याएं आती थीं। अब GeM ने इस पूरे सिस्टम को बदलकर एक ऐसा Open E-marketplace तैयार कर दिया है जहाँ देश का कोई भी छोटा या बड़ा व्यापारी (Seller/Vendor), चाहे वह MSME, Startup या महिला उद्यमी हो, बिना किसी सिफारिश के सीधे केंद्र और राज्य सरकार के खरीदारों (Buyers) को अपने प्रोडक्ट्स बेच सकता है। यदि आप भी विक्रेता के रूप में जुड़ना चाहते हैं, तो GeM Portal Registration 2026: Quick & Easy Step-by-Step Guide की मदद ले सकते हैं।

GeM Portal सरकारी खरीद को कैसे ट्रांसपेरेंट और आसान बनाता है?

  • 100% पारदर्शी प्रक्रिया (Complete Transparency): पोर्टल पर लिस्टिंग, बिडिंग (Bidding), और डायरेक्ट परचेज (Direct Purchase) की पूरी प्रक्रिया ऑटोमेटेड है। खरीदार और विक्रेता के बीच की हर गतिविधि का डिजिटल रिकॉर्ड रहता है।
  • बिचौलियों से मुक्ति: Sellers सीधे सरकारी अधिकारी या डिसीजन मेकर से जुड़ते हैं। इससे एक्स्ट्रा कमीशन या रिश्वत का स्कोप खत्म हो जाता है।
  • MSMEs और Startups के लिए समान अवसर: Public Procurement Policy के तहत सरकारी खरीदारों के लिए कुल खरीद का कम से कम 25% भाग MSMEs से लेना अनिवार्य है। इसके अलावा, स्टार्ट-अप्स के लिए अनुभव और टर्नओवर के नियमों में ढील दी जाती है। आप आधिकारिक पोर्टल gem.gov.in पर जाकर भी इसके नियम देख सकते हैं।
  • समय पर पेमेंट (Timely Payment Mechanism): पोर्टल के नियमानुसार, ऑर्डर डिलीवरी स्वीकार (Accepted) होने के 10 दिनों के भीतर Buyer को 100% पेमेंट रिलीज करना अनिवार्य होता है, जिससे विक्रेताओं का Working Capital ब्लॉक नहीं होता।

संक्षेप में कहें तो, GeM Portal न केवल सरकारी खजाने के पैसों (Taxpayer's Money) की बचत करता है, बल्कि भारत के हर कोने के बिजनेसमैन को बिना किसी भेदभाव के सरकारी मार्केट तक सीधी पहुंच प्रदान करता है।

GeM Registration Fees को समझना क्यों जरूरी है

GeM (Government e-Marketplace) पर सेलर या वेंडर अकाउंट बनाना पूरी तरह मुफ़्त (Free) है। भारत सरकार के नियमों के अनुसार, official GeM portal पर प्राथमिक रजिस्ट्रेशन के लिए किसी भी तरह की gem registration fees नहीं ली जाती है। इसके बावजूद, कई नए MSME बिजनेस ओनर्स और सेल्लर्स को फीस स्ट्रक्चर की सही जानकारी न होने के कारण आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए gem portal registration fees, Caution Money और Vendor Assessment चार्जेस की स्पष्ट जानकारी होना आपके बिजनेस के लिए बेहद जरूरी है।

1. बिजनेस बजट नियोजन और वर्किंग कैपिटल (Working Capital) के लिए

हालांकि अकाउंट साइन-अप मुफ़्त है, लेकिन पोर्टल पर व्यापार शुरू करने के लिए आपको Caution Money डिपॉजिट और टर्नओवर के आधार पर Transaction Value Charges देने होते हैं। जब आपको अपनी कैटेगरी और टर्नओवर स्लैब के अनुसार लगने वाले वास्तविक खर्चों की सटीक जानकारी होती है, तो आप अपने working capital, credit limit और profit margin का सही अनुमान लगा सकते हैं। इससे टेंडर में बोली (Bidding) लगाते समय आपकी प्राइसिंग स्ट्रेटेजी प्रतिस्पर्धी बनती है।

2. फर्जी एजेंटों और ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव

आजकल कई अनधिकृत एजेंट और फर्जी वेबसाइट्स "GeM License Renewal Fee" या "Government Registration Charges" के नाम पर छोटे व्यापारियों से ₹2,000 से लेकर ₹10,000 तक की ठगी कर लेते हैं। जब आपको यह पता होगा कि सरकार कोई इनिशियल register fee या अनिवार्य pay registration चार्ज नहीं लेती, तो आप ऐसे फ्रॉड से बच सकेंगे। यदि आप फॉर्म भरने या डॉक्यूमेंटेशन के लिए किसी एक्सपर्ट की मदद ले भी रहे हैं, तो GeM Portal Registration Process की पूरी जानकारी होने से आप केवल जायज कंसल्टेंसी फीस ही देंगे।

3. टर्नओवर-बेस्ड Caution Money और सही स्लैब का चुनाव

GeM पोर्टल पर विक्रेताओं को सुरक्षा राशि (Caution Money) जमा करनी होती है, जो उनके वार्षिक टर्नओवर (Turnover) पर निर्भर करती है:

  • माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेस (MSEs): ₹5,000
  • मिडियम एंटरप्राइजेस (Medium Enterprises): ₹10,000
  • अन्य सेल्लर्स (Non-MSME/Large Enterprises): ₹25,000

सही स्लैब चुनने और फीस नियमों को समझने से आपका एक्स्ट्रा फंड ब्लॉक नहीं होता और आप बिना किसी पेनल्टी के सुचारू रूप से सरकारी टेंडर में भाग ले सकते हैं। इस प्रकार, उचित registration charges और पोर्टल नियमों की समझ आपके B2G (Business to Government) ग्रोथ को सुरक्षित बनाती है।

GeM पर Buyer और Seller के लिए Registration Fees अलग-अलग

GeM (Government e-Marketplace) पोर्टल पर प्रोफाइल बनाते समय अक्सर व्यापारियों में यह भ्रम रहता है कि क्या Buyer और Seller दोनों को समान gem registration fees देनी पड़ती है? भारत सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के अनुसार, पोर्टल पर खरीदार (Buyers) और विक्रेता (Sellers) दोनों के लिए फीस संरचना पूरी तरह से अलग है।

1. Buyers (सरकारी विभागों) के लिए: 100% फ्री रजिस्ट्रेशन

केंद्र और राज्य सरकार के मंत्रालयों, केंद्र शासित प्रदेशों, Public Sector Undertakings (PSUs), और स्थानीय निकायों (Local Bodies) के लिए GeM पर साइन-अप करना पूरी तरह निशुल्क है। किसी भी सरकारी विभाग को अकाउंट बनाने, टेंडर पब्लिश करने या डायरेक्ट परचेज करने के लिए कोई gem portal registration fees नहीं देनी होती। यदि आप किसी सरकारी विभाग से हैं, तो GeM Buyer Registration Process 2026 | Online Registration Guide के जरिए आसानी से बिना किसी शुल्क के अपनी प्रोफाइल बना सकते हैं।

2. Sellers (Vendors & MSMEs) के लिए टर्नओवर आधारित फीस संरचना

विक्रेताओं के लिए बेसिक प्रोफाइल क्रिएशन फ्री है, लेकिन बिजनेस एक्टिविटी और टर्नओवर के आधार पर पोर्टल कुछ निर्धारित चार्जेस लेता है:

  • Caution Money Deposit: बिडिंग (Bids) और डायरेक्ट ऑर्डर में भाग लेने के लिए Sellers को रिफंडेबल कॉशन मनी जमा करना होता है। यह टर्नओवर के हिसाब से तय होता है—जैसे ₹1 लाख तक के टर्नओवर के लिए ₹5,000, ₹1 लाख से ₹1 करोड़ तक ₹10,000, और ₹10 करोड़ से अधिक टर्नओवर पर ₹1,00,000 तक जमा करने पड़ते हैं।
  • Vendor Assessment Charges: यदि आप रिसेलर न होकर एक OEM (Original Equipment Manufacturer) हैं, तो Vendor Assessment के लिए QCI (Quality Council of India) को ₹11,200 + GST की फीस का भुगतान करना होता है। Exempted MSME/NSIC कैटेगरीज की पूरी जानकारी आप आधिकारिक वेबसाइट gem.gov.in पर देख सकते हैं।
  • Transaction & Annual Charges: ₹5 लाख से अधिक मूल्य के ऑर्डर मिलने पर GeM टर्नओवर स्लैब के अनुसार नॉमिनल ट्रांजैक्शन फीस लेता है। Sellers को समय पर registration charges और ट्रांजैक्शन फीस चुकाकर पोर्टल कंप्लायंस पूरा करना होता है ताकि बिडिंग में कोई रुकावट न आए।

संक्षेप में, Buyers के लिए GeM पोर्टल 100% फ्री है, जबकि Sellers को अपने बिजनेस साइज, OEM स्टेटस और ऑर्डर वैल्यू के आधार पर डिपॉजिट और सर्विस फीस देनी होती है।

GeM Registration Charges में क्या-क्या शामिल है

सरकारी ई-मार्केटप्लेस पर अकाउंट बनाना पूरी तरह फ्री है, लेकिन एक एक्टिव सेलर के रूप में प्रोडक्ट और सर्विसेज लिस्ट करने के लिए gem registration fees के तहत कुछ अनिवार्य चार्ज लागू होते हैं। बहुत से MSME और बिजनेस ओनर यह सोचते हैं कि पोर्टल पर सिर्फ एक बार फीस देनी होती है, जबकि असल में कुल रजिस्ट्रेशन और मेंटेनेंस कॉस्ट विभिन्न घटकों (components) में बंटी होती है।

1. Vendor Assessment Fee (वेंडर असेसमेंट फीस)

यदि आप OEM (Original Equipment Manufacturer) या मैन्युफैक्चरर के रूप में रजिस्टर हो रहे हैं, तो आपके ब्रांड और मैन्युफैक्चरिंग लोकेशन की वेरिफिकेशन के लिए वेंडर असेसमेंट कराया जाता है। यह असेसमेंट Quality Council of India (QCI) द्वारा किया जाता है, जिसकी फीस ₹11,200 + 18% GST (कुल लगभग ₹13,216) होती है। जो व्यापारी सिर्फ रिसेलर हैं या जिनके पास वैलिड NSIC / Udyam एक्जम्पशन है, उन्हें वेंडर असेसमेंट फीस में छूट मिलती है।

2. Caution Money Deposit (कॉशन मनी जमा)

GeM पोर्टल पर सेलर अकाउंट एक्टिवेट करने के लिए सेलर को एक रिफंडेबल कॉशन मनी डिपॉजिट करनी होती है। यह राशि सेलर के पिछले वित्तीय वर्ष के Turnover के आधार पर तय होती है:

  • ₹1 करोड़ से कम टर्नओवर: ₹5,000
  • ₹1 करोड़ से ₹10 करोड़ तक टर्नओवर: ₹10,000
  • ₹10 करोड़ से अधिक टर्नओवर: ₹25,000

3. Transaction Fees और Revenue Sharing Model

पोर्टल पर जब आपको कोई सरकारी ऑर्डर मिलता है, तो ऑर्डर वैल्यू के अनुसार Transaction Fees या एम्पेनलमेंट चार्ज लिया जाता है:

  • ₹5 लाख तक का डायरेक्ट या टेंडर ऑर्डर: 0% (बिल्कुल मुफ्त)
  • ₹5 लाख से अधिक का ऑर्डर: 0.45% से लेकर 0.15% तक (ऑर्डर वैल्यू के स्लैब के अनुसार फीस घटती जाती है)।

अगर आप नए सेलर हैं और बिना किसी गलती के अपना प्रोफाइल सेटअप करना चाहते हैं, तो हमारी GeM Portal Registration Process गाइड की मदद ले सकते हैं। फीस और पॉलिसी से जुड़े आधिकारिक नियमों के लिए आप सीधे GeM Portal पर भी जानकारी चेक कर सकते हैं।

पुराना मॉडल: Caution Money के आधार पर Registration Fees

GeM (Government e-Marketplace) पर वर्तमान फीस स्ट्रक्चर लागू होने से पहले, पोर्टल पर GeM registration fees के सीधे शुल्क के बजाय "Caution Money Deposit" की व्यवस्था काम करती थी। यदि आप पुराने समय से सरकारी खरीदारों को सामान बेच रहे हैं, तो आपको याद होगा कि पोर्टल पर अपना व्यापार सक्रिय करने के लिए विक्रेता (seller) को अनिवार्य रूप से एक निश्चित सिक्योरिटी डिपाजिट रखना पड़ता था।

यह Caution Money की व्यवस्था पूरी तरह से व्यवसायों के वार्षिक टर्नओवर (Annual Turnover) पर आधारित थी। GeM portal registration fees के विकल्प के रूप में इस डिपाजिट मॉडल में तीन प्रमुख स्लैब बनाए गए थे:

  • ₹1 करोड़ से कम वार्षिक टर्नओवर: छोटे विक्रेताओं, नए स्टार्टअप्स और Micro & Small Enterprises (MSEs) के लिए Caution Money Deposit केवल ₹2,000 निर्धारित की गई थी।
  • ₹1 करोड़ से ₹10 करोड़ का टर्नओवर: मध्यम स्तर के MSME विक्रेताओं को पोर्टल पर काम करने के लिए ₹5,000 का डिपाजिट जमा करना होता था।
  • ₹10 करोड़ से अधिक टर्नओवर: बड़े विक्रेताओं और कॉरपोरेट एंटरप्राइजेज के लिए यह Caution Money राशि ₹25,000 तय की गई थी।

इस Caution Money Deposit को लागू करने का मुख्य उद्देश्य GeM Portal पर केवल गंभीर और अधिकृत विक्रेताओं को ही डायरेक्ट परचेज या बिडिंग में भाग लेने की अनुमति देना था। यदि कोई सेलर ऑर्डर मिलने के बाद सप्लाई करने से मना करता था या SLA (Service Level Agreement) के नियमों का उल्लंघन करता था, तो प्रशासनिक कार्रवाई के तहत इस राशि में से कटौती या जब्ती (forfeiture) की जाती थी।

समय के साथ एमएसएमई और छोटे व्यापारियों को राहत देने के लिए नियमों में बदलाव किए गए। आज नए विक्रेताओं के लिए GeM Portal Registration Process की शुरुआत को बेहद सरल और सुलभ बना दिया गया है, लेकिन ऐतिहासिक रूप से यही Caution Money स्लैब GeM के शुरुआती registration charges और सेलर वेरिफिकेशन का आधार था। सरकारी खरीद पोर्टल की आधिकारिक नीति देखने के लिए आप GeM Portal पर विजिट कर सकते हैं।

नया मॉडल: Pay-as-you-grow (2026 अपडेट)

Government e-Marketplace (GeM) पर बिजनेस शुरू करने वाले MSMEs और छोटे विक्रेताओं के लिए 2026 में Pay-as-you-grow मॉडल को पूरी तरह से प्रभावी बनाया गया है। इस मॉडल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि शुरुआत में पोर्टल पर कोई भी छिपा हुआ चार्ज या mandatory gem registration fees नहीं ली जाती है। सरकार का उद्देश्य है कि नए sellers और स्टार्टअप्स बिना किसी upfront financial burden के सरकारी खरीद प्रक्रिया में हिस्सा ले सकें और अपनी working capital को सुरक्षित रख सकें।

Annual Milestone Charge (AMC) और ₹20 लाख की लिमिट

Pay-as-you-grow स्ट्रक्चर के तहत, registration charges का भुगतान विक्रेता को केवल तभी करना होता है जब उसकी सेल या टर्नओवर पोर्टल पर एक तय थ्रेशोल्ड को पार कर जाता है। 2026 के नए दिशानिर्देशों के अनुसार नियम इस प्रकार हैं:

  • ₹20 लाख तक का बिजनेस: यदि एक Financial Year (FY) में आपकी कुल ऑर्डर वैल्यू ₹20 लाख से कम या उसके बराबर है, तो आपसे कोई माइलस्टोन शुल्क नहीं लिया जाएगा। नए व्यवसायों के लिए यह सुविधा पूरी तरह फ्री है।
  • ₹20 लाख से अधिक का बिजनेस: जैसे ही पोर्टल के माध्यम से आपकी कुल बिक्री ₹20 लाख के आंकड़े को पार करती है, विक्रेता को ₹10,000 + 18% GST (कुल ₹11,800) का Annual Milestone Charge (AMC) जमा करना होता है।

यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि छोटे विक्रेताओं को बिना कमाई किए कोई fee for license renewal या पोर्टल मेंटेनेंस चार्ज न देना पड़े। यदि आप नए वेंडर हैं और अपना अकाउंट सेटअप करना चाहते हैं, तो पूरी प्रक्रिया जानने के लिए GeM Portal Registration Process | Gem Registration Online for Vendors & MSMEs पर जाएं।

इस प्रकार, जब आपका बिजनेस बढ़ता है और आप बड़े सरकारी ऑर्डर्स हासिल करना शुरू करते हैं, केवल तभी आपको यह pay registration माइलस्टोन शुल्क देना पड़ता है। अधिक जानकारी और लेटेस्ट पॉलिसी अपडेट्स के लिए आप सीधे आधिकारिक GeM Portal की वेबसाइट पर भी विजिट कर सकते हैं।

Pay Registration कैसे करें – स्टेप बाय स्टेप

GeM पोर्टल पर अपनी प्रोफाइल 100% पूरी करने और PAN, Aadhaar व GSTIN वेरिफिकेशन के बाद अगला सबसे महत्वपूर्ण चरण रजिस्ट्रेशन फीस (जैसे Caution Money या Vendor Assessment Fee) जमा करना होता है। यदि आप नए सेलर के रूप में जुड़ रहे हैं, तो पूरी GeM Portal Registration Process को पूरा करने के लिए पेमेंट वेरिफिकेशन बहुत जरूरी है। नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके आप आसानी से अपनी gem portal registration fees का भुगतान कर सकते हैं:

स्टेप 1: GeM पोर्टल पर लॉगिन करें

सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल gem.gov.in पर जाएं और अपने रजिस्टर्ड User ID तथा Password की मदद से सेलर डैशबोर्ड में लॉगिन करें।

स्टेप 2: Deposit Caution Money / Payment विकल्प पर जाएं

डैशबोर्ड पर 'My Account' सेक्शन में जाएं। यहां प्रोफाइल वेरिफिकेशन स्टेटस के साथ 'Manage Caution Money' या 'Vendor Assessment' का विकल्प दिखाई देगा। इस पर क्लिक करके pay registration की प्रक्रिया आगे बढ़ाएं।

स्टेप 3: अपनी फीस व डिपोजिट अमाउंट चेक करें

आपकी कंपनी के MSME स्टेटस और टर्नओवर के आधार पर पोर्टल फीस दिखाता है। Micro & Small Enterprises (MSEs) के लिए Caution Money ₹5,000, Medium Enterprises के लिए ₹10,000 और अन्य बड़े बिजनेसेज के लिए ₹25,000 निर्धारित है। यदि OEM असिसमेंट लागू है, तो QCI असेसमेंट फीस भी इसी चरण पर दिखाई देगी।

स्टेप 4: पेमेंट मोड चुनें (RuPay / Net Banking / Challan)

पेमेंट स्क्रीन पर आपको निम्नलिखित सुरक्षित ऑनलाइन विकल्प मिलेंगे:

  • Net Banking / UPI / RuPay: तुरंत वेरिफिकेशन के लिए आप RuPay डेबिट कार्ड, यूपीआई या नेट बैंकिंग चुन सकते हैं। इससे registration charges का भुगतान तुरंत कन्फर्म हो जाता है।
  • Bank Challan (NEFT/RTGS): यदि आप बैंक के माध्यम से पेमेंट करना चाहते हैं, तो NEFT/RTGS Challan जेनरेट करें। इस चालान को डाउनलोड करके अपने बैंक द्वारा ऑनलाइन या ब्रांच जाकर अमाउंट ट्रांसफर करें।

स्टेप 5: रसीद डाउनलोड करें और स्टेटस वेरीफाई करें

पेमेंट सक्सेसफुल होने के बाद स्क्रीन पर Transaction Reference Number और Payment Receipt दिखेगी। इसे डाउनलोड करके सुरक्षित रख लें। भुगतान कन्फर्म होते ही आपका सेलर अकाउंट पूर्णतः एक्टिव हो जाएगा और आप डायरेक्ट ऑर्डर या टेंडर में भाग ले सकेंगे।

Fee for License Renewal – रिन्यूअल पर क्या खर्च आता है

GeM (Government e-Marketplace) पर सेलर अकाउंट को एक्टिव रखने के लिए किसी भी व्यवसाय को हर साल कोई पारंपरिक "लाइसेंस फीस" या हिडन रिन्यूअल चार्ज नहीं देना पड़ता है। हालांकि, पोर्टल की सिक्योरिटी और ट्रांसपेरेंसी बनाए रखने के लिए हर सेलर के लिए हर 12 महीने में **वार्षिक प्रोफाइल वैलिडेशन (Annual Profile Validation)** पूरा करना अनिवार्य होता है।

Annual Profile Validation और रिन्यूअल फीस शेड्यूल

आधिकारिक GeM Portal के नियमों के अनुसार, अपने प्रोफाइल को रिन्यू या री-वैलिडेट करने के लिए पोर्टल कोई **fee for license renewal** या चार्ज नहीं लेता है। रिन्यूअल फीस पूरी तरह से शून्य (₹0) है। लेकिन रिन्यूअल प्रक्रिया पूरी करने के लिए आपको निम्नलिखित स्टेप्स पूरे करने होते हैं:

  • ITR & Turnover Details: पिछले वित्तीय वर्ष का इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) विवरण ऑटो-फेच या वेरीफाई करना।
  • MSME/GST Status Verification: GSTIN स्टेटस और Udyam Certificate को री-वैलिडेट करना।
  • Caution Money Balance Check: पोर्टल के नियमानुसार यदि टर्नओवर के आधार पर अतिरिक्त Caution Money की आवश्यकता है, तो उसे बनाए रखना।

यदि आप पहली बार पोर्टल से जुड़ रहे हैं या अपने क्रेडेंशियल्स अपडेट करना चाहते हैं, तो GeM Portal Registration Process | Gem Registration Online for Vendors & MSMEs गाइड में इसकी पूरी विस्तृत जानकारी देख सकते हैं।

लेट फीस और अकाउंट सस्पेंशन के नियम

GeM पोर्टल पर देर से प्रोफाइल वैलिडेट करने पर कोई नकद **late fee** या पेनल्टी चार्ज नहीं वसूला जाता है, लेकिन समय पर रिन्यूअल न करने पर आपके बिजनेस पर निम्नलिखित प्रशासनिक प्रभाव पड़ते हैं:

  • Temporary Account Suspension: यदि तय समयावधि में वार्षिक ITR और प्रोफाइल डिटेल्स अपडेट नहीं की जाती हैं, तो सिस्टम सेलर अकाउंट को अस्थायी रूप से डिसेबल (Deactivate) कर देता है।
  • Bidding Blocked: अकाउंट सस्पेंड होते ही आप किसी भी नए Direct Purchase, L1 ऑर्डर, या Bids/RA (Tenders) में भाग लेने के लिए अयोग्य (Ineligible) हो जाते हैं।
  • Catalogue Invisibility: आपके द्वारा लिस्टेड सभी प्रोडक्ट्स और सर्विसेज GeM सर्च रिजल्ट्स से हटा दी जाती हैं, जिससे नए सरकारी ऑर्डर मिलना बंद हो जाते हैं।

अकाउंट सस्पेंशन से बचने के लिए, डैशबोर्ड पर नोटिफिकेशन मिलते ही तुरंत अपना ITR वेरिफिकेशन और PAN/Aadhaar validation पूरा करके प्रोफाइल रिन्यू कर लेना चाहिए।

Transaction Charges: Registration Fees से अलग एक और खर्च

GeM Portal पर अकाउंट बनाना और कैटलॉग लिस्ट करना बिल्कुल फ्री है, लेकिन जब आपको किसी सरकारी विभाग से कोई ऑर्डर (Order Value) प्राप्त होता है, तो GeM आपसे एक छोटी सी **Transaction Fee** या **Revenue Sharing Charge** वसूलता है। कई नए सेलर्स रजिस्ट्रेशन को पूरी तरह मुफ्त समझकर काम शुरू कर देते हैं और बाद में ऑर्डर आने पर इन चार्जेस को देखकर भ्रमित हो जाते हैं। इसलिए, GeM Portal Registration Process पूरा करने के बाद आपको मिलने वाले डायरेक्ट परचेज, L1 ऑर्डर्स या टेंडर्स पर लगने वाले इन चार्जेस की सही जानकारी होना बेहद आवश्यक है।

GeM Transaction Fees की स्लैब-बेस्ड दरें (Slab Structure)

GeM पोर्टल पर Transaction Charges की गणना आपके प्राप्त ऑर्डर की कुल वैल्यू (Gross Order Value) के आधार पर स्लैब के अनुसार की जाती है। GeM की वर्तमान नीतियों के अनुसार शुल्क की दरें 0% से 0.5% के बीच होती हैं:

  • ₹5 लाख तक के ऑर्डर्स: यदि आपके द्वारा प्राप्त ऑर्डर की कुल वैल्यू ₹5,00,000 या उससे कम है, तो आपको कोई भी Transaction Fee नहीं देनी होती (0% Charge)। यह नियम छोटे MSME और माइक्रो सेलर्स को बढ़ावा देने के लिए लागू किया गया है।
  • ₹5 लाख से ₹50 लाख तक के ऑर्डर्स: यदि ऑर्डर की वैल्यू ₹5 लाख से अधिक और ₹50 लाख तक है, तो कुल ऑर्डर वैल्यू का 0.5% ट्रांजैक्शन चार्ज के रूप में लागू होता है।
  • ₹50 लाख से ₹3 करोड़ तक के ऑर्डर्स: ₹50 लाख से अधिक और ₹3 करोड़ तक के ऑर्डर्स पर फीस घटकर 0.3% हो जाती है।
  • ₹3 करोड़ से अधिक के बड़े ऑर्डर्स: ₹3 करोड़ से ऊपर के ऑर्डर वैल्यू वाले स्लैब पर यह शुल्क और भी कम होकर केवल 0.1% रह जाता है।

मैक्सिमम कैपिंग और पेइंग नियम (Capping Rule)

बड़ी कंपनियों और बड़े ऑर्डर्स वाले सेलर्स को वित्तीय राहत देने के लिए GeM ने Transaction Fee पर एक अधिकतम सीमा (Capping) तय की है। किसी भी सिंगल ऑर्डर पर कुल Transaction Fee ₹3 लाख + GST से अधिक नहीं हो सकती, भले ही उस ऑर्डर की कुल वैल्यू कितनी भी बड़ी क्यों न हो।

यह फीस ऑर्डर एक्सेप्ट करने के बाद GeM Portal के ऑनलाइन पेमेंट गेटवे या सेलर वॉलेट के ज़रिए पे करनी होती है। समय सीमा के भीतर ट्रांजैक्शन चार्ज न चुकाने पर आपको पोर्टल पर नए ऑर्डर स्वीकार करने में समस्या आ सकती है। लेटेस्ट पॉलिसी और अपडेटेड नियमों के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट gem.gov.in पर भी जांच कर सकते हैं।

Fee Register कैसे मेंटेन करें अपने बिजनेस के लिए

स्मॉल बिजनेस ओनर्स और MSME सेलर्स के लिए GeM पोर्टल पर किए गए सभी पेमेंट्स का सही हिसाब रखना बहुत ज़रूरी है। हालांकि बेसिक साइन-अप फ्री है, लेकिन ऑर्डर वैल्यू और सर्विस के हिसाब से Vendor Assessment, Caution Money और Transaction Charges पर 18% GST लागू होता है। इन पेमेंट्स पर GST Input Tax Credit (ITC) का पूरा लाभ उठाने और अपने बिजनेस को फाइनेंशियली कम्प्लाइंट रखने के लिए एक प्रॉपर Fee Register मेंटेन करना चाहिए।

GeM Fee Register का सही फॉर्मेट और उसमें शामिल ज़रूरी डिटेल्स:

अपने एक्सेल (Excel) शीट या एकाउंटिंग सॉफ्टवेयर (जैसे Tally या Zoho) में Fee Register मेंटेन करते समय निम्नलिखित कॉलम्स ज़रूर बनाएं:

  • Transaction Date & Reference ID: जिस तारीख को पेमेंट किया गया और उसका GeM Order ID / Payment Receipt Number।
  • Payment Particulars: फीस का प्रकार दर्ज करें—जैसे Caution Money Deposit, Platform Transaction Fees, या Vendor Assessment Fee।
  • Base Value & GST Breakup: बिना टैक्स की मूल राशि (Net Amount) और उस पर लगा 18% GST (CGST + SGST या IGST) को अलग-अलग दर्ज करें।
  • Payment Mode: इस्तेमाल किया गया पेमेंट गेटवे माध्यम (Net Banking, RuPay Debit Card, या UPI)।
  • Tax Invoice Downloaded Status: GeM Portal के 'Profile & Billing' सेक्शन से डाउनलोड की गई ऑफिशियल GST Invoices का रिकॉर्ड रखें।

यदि आपने हाल ही में GeM Portal Registration Process | Gem Registration Online for Vendors & MSMEs पूरा किया है, तो शुरुआत से ही हर तरह के प्लेटफ़ॉर्म चार्जेस और GeM portal registration fees से जुड़े इनवॉइस सुरक्षित रखें। प्रॉपर Fee Register मेंटेन करने से आपकी Working Capital एफिशिएंट रहती है और हर महीने GSTR-2B रिकॉन्सिलिएशन करते समय पूरा ITC क्लेम करना आसान हो जाता है।

GeM Registration Fees Table – एक नजर में

अगर आप गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पर नए सेलर के रूप में बिजनेस शुरू कर रहे हैं, तो आपको यह समझना जरूरी है कि शुरुआती लेवल पर GeM Portal Registration Process बिल्कुल फ्री है। सरकार किसी भी नए व्यापारी से अकाउंट बनाने के लिए कोई डायरेक्ट gem registration fees नहीं लेती है। हालांकि, पोर्टल पर लिस्टिंग एक्टिव रखने, टेंडर में भाग लेने और ऑर्डर पूरा करने के लिए Caution Money Deposit, Vendor Assessment फीस और Transaction Charges लागू होते हैं।

नीचे दी गई तालिका में GeM पोर्टल पर लगने वाले विभिन्न registration charges और अन्य सर्विस फीस का तुलनात्मक डेटा प्रस्तुत किया गया है:

शुल्क का प्रकार (Fee Category) टर्नओवर / एलिजिबिलिटी स्लैब निर्धारित शुल्क (Charges) महत्वपूर्ण विवरण (Remarks)
Account Registration Fee सभी MSMEs, Startups एवं Vendors ₹0 (बिल्कुल फ्री) पोर्टल पर प्रोफाइल बनाने के लिए कोई pay registration फीस नहीं लगती।
Caution Money Deposit टर्नओवर < ₹1 करोड़
₹1 करोड़ से ₹10 करोड़
₹10 करोड़ से अधिक
₹5,000
₹10,000
₹25,000
यह सेलर के GeM वॉलेट में जमा रहने वाली रिफंडेबल सिक्योरिटी राशि है।
Vendor Assessment Fee OEMs (Original Equipment Manufacturers) ₹11,200 + GST (अनुमानित) QCI द्वारा असेसमेंट किया जाता है। NSIC/MSME छूट नियमों के तहत इसमें राहत मिल सकती है।
Transaction Charges / Revenue Share ₹5 लाख तक का आर्डर मान
₹5 लाख से अधिक के आर्डर
0% (कोई चार्ज नहीं)
0.15% से 0.45% (स्लैब अनुसार)
प्रत्येक डायरेक्ट परचेज या बिड आर्डर मिलने पर ही यह चार्ज कटता है।

GeM पोर्टल पर प्रोफाइल एक्टिव रखने के लिए सेलर को हर साल कोई अलग से फिक्स fee for license renewal नहीं देनी पड़ती है। हालांकि, हर फाइनेंशियल ईयर में टर्नओवर अपडेट होने के अनुसार Caution Money को मेंटेन करना अनिवार्य होता है। नियमों और शुल्क ढांचे में किसी भी हालिया बदलाव के लिए आप अधिकृत gem.gov.in पोर्टल की सहायता ले सकते हैं। सही gem portal registration fees और चार्जेस की जानकारी रखकर आप अपने वर्किंग कैपिटल को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकते हैं।

GeM Registration Fees से जुड़ी आम गलतफहमियां

GeM portal पर बिजनेस शुरू करते समय नए Sellers और MSMEs के बीच gem registration fees को लेकर कई भ्रांतियां देखने को मिलती हैं। अक्सर मिडिलमेन या अनधिकृत एजेंट्स सही जानकारी न होने का फायदा उठाते हैं और विक्रेताओं से भारी रजिस्ट्रेशन चार्जेस वसूल लेते हैं। आइए, GeM रजिस्ट्रेशन से जुड़े सबसे बड़े मिथकों की सच्चाई जानते हैं:

1. मिथक: GeM पर अकाउंट बनाने और हर साल रिन्यूअल के लिए ₹50,000 फीस लगती है।

सच: सरकार की ओर से GeM पोर्टल पर अकाउंट क्रिएट करना पूरी तरह से निःशुल्क (FREE) है। सरकार किसी भी नए सेलर से कोई शुरुआती साइन-अप शुल्क या एनुअल लाइसेंस रिन्यूअल चार्ज नहीं लेती है। यदि आप खुद प्रक्रिया पूरी करते हैं, तो आपको 0 रुपये pay registration फीस के रूप में देने होते हैं। पूरी प्रक्रिया जानने के लिए आप हमारा GeM Portal Registration Process गाइड देख सकते हैं।

2. मिथक: Caution Money पोर्टल पर जमा करने के बाद डूब जाता है।

सच: Caution Money कोई non-refundable registration charges नहीं है। यह केवल एक इंटरेस्ट-फ्री रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट है जो सेलर के बिजनेस टर्नओवर के आधार पर तय होता है:

  • Micro & Small Enterprises (MSEs): ₹5,000
  • Medium Enterprises: ₹10,000
  • Others (Non-MSME): ₹25,000

यह राशि आपके GeM वॉलेट में पूरी तरह सुरक्षित रहती है। जब तक आप GeM की नीतियों (Terms & Conditions) का उल्लंघन नहीं करते, यह राशि आपके खाते में बनी रहती है और बिजनेस बंद करने की स्थिति में रिफंड की जा सकती है।

3. मिथक: हर प्रोडक्ट लिस्टिंग और टेंडर में भाग लेने की अलग से Fee होती है।

सच: पोर्टल पर अपने कैटलॉग को अपलोड करना फ्री है। डायरेक्ट परचेज या टेंडर में हिस्सा लेने के लिए भी कोई शुरुआती चार्ज नहीं देना होता। GeM केवल ₹5 लाख से अधिक के सफल ऑर्डर्स पर ही एक निर्धारित Transaction Fee (0.1% से 0.5% तक) लेता है, जिसकी पारदर्शी जानकारी official GeM portal पर उपलब्ध है।

इसलिए, फर्जी कॉल या भारी फीस मांगने वाले एजेंट्स के झांसे में न आएं और हमेशा आधिकारिक पोर्टल के नियमों के आधार पर ही अपने बिजनेस की शुरुआत करें।

GeM Portal Registration से क्या फायदा होता है

अगर आप एक MSME, Manufacturer, Trader या Service Provider हैं, तो GeM Portal पर सेलर के रूप में रजिस्टर करना आपके बिजनेस ग्रोथ के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है। भारत सरकार के सभी मंत्रालयों, राज्य सरकारों के विभागों और PSU (Public Sector Undertakings) के लिए प्रोडक्ट्स और सर्विसेज की खरीदारी इसी पोर्टल से करना अनिवार्य है। इस प्लेटफॉर्म से जुड़कर आपको बिना किसी मध्यस्थ (middleman) के सीधे सरकारी ऑर्डर्स प्राप्त करने का अवसर मिलता है।

GeM Portal पर अकाउंट बनाने और प्रोडक्ट कैटलॉग लिस्ट करने से मिलने वाले मुख्य बिज़नेस बेनिफिट्स निम्नलिखित हैं:

  • Direct Purchase (डायरेक्ट परचेज): ₹25,000 तक (और कुछ मामलों में ₹50,000 तक) के प्रोडक्ट्स और सर्विसेज को Buyer बिना किसी लंबी टेंडरिंग प्रक्रिया के सीधे आपसे खरीद सकते हैं। इससे छोटे वेंडर्स को तुरंत और आसान ऑर्डर मिलते हैं।
  • L1 Tendering और Bidding का मौका: ₹25,000 से ₹5 लाख तक की खरीदारी L1 (Lowest Price) मोड और ऑनलाइन बीडिंग के जरिए होती है। ट्रांसपेरेंट सिस्टम होने के कारण नई और छोटी फर्म्स को भी बड़े सरकारी कॉन्ट्रैक्ट जीतने का पूरा मौका मिलता है।
  • Timely Payment Guarantee (समय पर पेमेंट): GeM Portal का सबसे बड़ा फायदा इसकी पेमेंट्स पॉलिसी है। माल डिलीवर होने और CRAC (Consignee Receipt and Acceptance Certificate) इश्यू होने के 10 दिनों के भीतर Buyer को ऑनलाइन पेमेंट क्लियर करना होता है। इससे आपका working capital लॉक नहीं होता।
  • MSME और Startups के लिए विशेष लाभ: Udyam Registered MSMEs को EMD (Earnest Money Deposit) जमा करने से छूट मिलती है। साथ ही, कई कैटेगरी में Prior Turnover और Prior Experience के नियमों में राहत दी जाती है। पूरा प्रोसेस जानने के लिए आप GeM Portal Registration Process | Gem Registration Online for Vendors & MSMEs का गाइड पढ़ सकते हैं।
  • Pan-India Business Reach: एक बार प्रोफाइल और कैटलॉग एक्टिव होने के बाद देशभर के हजारों सरकारी खरीदार आपके प्रोडक्ट्स को देख सकते हैं और डायरेक्ट ऑर्डर दे सकते हैं।

अगर आप अपने बिज़नेस का टर्नओवर बढ़ाना चाहते हैं, तो नॉमिनल gem portal registration fees या कौशन मनी डिपॉजिट करके इस सरकारी मार्केटप्लेस का हिस्सा बनना बेहद फायदेमंद सौदा है।

MSME और Startups के लिए GeM Fees में छूट और छूट के नियम

भारत सरकार की Public Procurement Policy के तहत MSMEs (Micro and Small Enterprises) और DPIIT-Recognized Startups को GeM पोर्टल पर कारोबार करने के लिए कई तरह की वित्तीय छूट (Exemptions) दी जाती हैं। वैसे तो बेसिक gem registration fees सभी प्रकार के सेलर्स के लिए ₹0 (मुफ्त) है, लेकिन वेंडर असेसमेंट और टेंडर पार्टिसिपेशन के दौरान लगने वाले registration charges और सिक्योरिटी डिपॉजिट में राहत पाने के लिए कुछ आधिकारिक नियम और पात्रता शर्तें तय की गई हैं।

प्रमुख छूट और पात्रता की शर्तें (Exemptions & Eligibility)

  • Vendor Assessment Fee Exemption: जब कोई निर्माता GeM पर OEM (Original Equipment Manufacturer) के रूप में रजिस्टर होता है, तो उसे Quality Council of India (QCI) द्वारा Vendor Assessment करवाना होता है, जिसकी सामान्य फीस ₹11,200 + GST होती है। हालांकि, NSIC रजिस्टर्ड MSMEs, Micro & Small Enterprises और DPIIT रिकॉग्नाइज्ड Startups को नियमों के तहत इस असेसमेंट फीस और प्रोसेस में छूट दी जाती है।
  • Earnest Money Deposit (EMD) छूट: सरकारी बीड्स और टेंडर्स में भाग लेते समय MSMEs और Startups को EMD (Earnest Money Deposit) जमा करने से पूर्ण छूट (100% Exemption) मिलती है। इसके लिए बिड सबमिट करते समय केवल वैलिड Udyam या DPIIT Certificate संलग्न करना होता है।
  • Caution Money की रियायत: GeM पोर्टल पर सेलिंग शुरू करने के लिए जमा की जाने वाली रिफंडेबल Caution Money में Micro और Small व्यवसायों को राहत दी जाती है। जहाँ बड़े वेंडर्स के लिए यह राशि अधिक है, वहीं Micro/Small Enterprises के लिए यह केवल ₹5,000 निर्धारित है।

इन सभी सरकारी लाभों का दावा करने के लिए आपके पास चालू Udyam Registration Fees 2025 | MSME Registration Online | Charges Details से प्राप्त वैध सर्टिफिकेट होना आवश्यक है। यदि आप एक नया Startup चला रहे हैं, तो आपका उद्यम DPIIT Portal पर पंजीकृत होना चाहिए। ध्यान रखें कि gem portal registration fees निःशुल्क होने के बावजूद, यदि आपके MSME दस्तावेज अपडेटेड नहीं हैं, तो आप असेसमेंट fee for license या टेंडर EMD छूट से वंचित रह सकते हैं।

GeM Registration Fees, Vendor Assessment और Transaction Charges Slabs 2026

सेवा / शुल्क का प्रकार (Service Head) फीस / चार्जेस (Fee Amount) विवरण और नियम (Applicability & Details)
GeM Portal Seller Registration ₹0 (बिल्कुल FREE) Primary या Secondary Seller Account बनाने के लिए कोई रजिस्ट्रेशन फीस नहीं लगती।
Vendor Assessment Fee (QCI द्वारा) ₹11,200 + GST (एकमुश्त) केवल OEM (Original Equipment Manufacturers) के लिए लागू। NSIC/MSEs को नियमों के तहत छूट मिलती है।
Caution Money Deposit (सुरक्षा राशि) ₹5,000 - ₹25,000 (Refundable) वार्षिक टर्नओवर आधारित:
• ₹1 Cr से कम: ₹5,000
• ₹1 Cr से ₹10 Cr: ₹10,000
• ₹10 Cr से अधिक: ₹25,000
Transaction Fee (₹5 लाख तक के ऑर्डर) 0% (कोई शुल्क नहीं) ₹5 Lakh तक के Direct Purchase या L1 ऑर्डर पर विक्रेताओं से कोई Transaction Fee नहीं ली जाती।
Transaction Fee (₹5 लाख से ऊपर के ऑर्डर) 0.30% से 0.45% (Slab Rate) ऑर्डर वैल्यू के अनुसार निर्धारित स्लैब (Maximum Capping के साथ)। Bids और RA दोनों पर लागू।
Annual Profile Renewal / Validation Fee ₹0 (निःशुल्क) प्रतिवर्ष Profile Update और ITR/GST Re-validation करने का कोई शुल्क नहीं है।
Updated: August 2026

Frequently Asked Questions

क्या GeM Portal पर शुरुआती Primary Registration बिल्कुल फ्री है?

हां, GeM Portal पर शुरुआती Primary Registration और अकाउंट बनाना बिल्कुल फ्री है। सरकार विक्रेताओं (Sellers) और सर्विस प्रोवाइडर्स से बेसिक रजिस्ट्रेशन के लिए कोई फीस नहीं लेती है। इसके लिए आपको केवल अपना Aadhaar, PAN, GST, और Udyam Certificate जैसी बेसिक डिटेल्स तैयार रखनी होती हैं।
Source: Government e-Marketplace (GeM)

GeM पर Caution Money Deposit की जगह नया Pay-as-you-grow मॉडल क्या है?

GeM Portal पर पहले विक्रेताओं को टर्नओवर के हिसाब से फिक्स्ड Caution Money जमा करनी होती थी। अब विक्रेताओं को राहत देने के लिए Pay-as-you-grow मॉडल लाया गया है, जिससे छोटे बिजनेसेज को भारी शुरुआती डिपॉजिट नहीं देना पड़ता और वे अपनी सेल्स के हिसाब से आसानी से काम कर सकते हैं।
Source: Ministry of Commerce and Industry

GeM Vendor Assessment Fee कितनी होती है और यह किसे देनी पड़ती है?

OEMs (Original Equipment Manufacturers) को अपने प्रॉडक्ट्स लिस्ट करने के लिए Vendor Assessment कराना पड़ता है। इसकी फीस ₹11,200 + GST (लगभग ₹13,216) होती है, जो Quality Council of India (QCI) को दी जाती है। हालांकि, Resellers और कुछ छूट प्राप्त कैटेगरीज को यह फीस नहीं देनी होती।
Source: Quality Council of India (QCI)

MSME और Startups को GeM Registration Fees में क्या छूट मिलती है?

DPIIT recognized Startups और Udyam Registered MSMEs को GeM Vendor Assessment से छूट मिल सकती है। इसके अलावा, रजिस्ट्रेशन बिल्कुल फ्री है और कई सरकारी टेंडर्स में EMD (Earnest Money Deposit) में भी राहत दी जाती है, जिससे छोटे बिजनेसेज बिना किसी वित्तीय बोझ के बिजनेस बढ़ा सकें।
Source: Ministry of MSME / DPIIT

GeM पर सरकारी ऑर्डर मिलने पर कितना Transaction Charge लगता है?

GeM Portal पर ₹5 लाख तक के ऑर्डर्स पर कोई Transaction Charge नहीं लगता है। ₹5 लाख से अधिक वैल्यू के ऑर्डर्स पर 0.1% से 0.5% (अधिकतम कैप के साथ) Transaction Fee और GST लागू होता है, जो ऑर्डर स्लैब के आधार पर कैलकुलेट किया जाता है।
Source: Government e-Marketplace (GeM)

GeM License Renewal के लिए हर साल कितनी फीस देनी होती है?

GeM Portal पर अकाउंट रिन्यू करने के लिए कोई सालाना License Renewal Fee नहीं होती है। यह रजिस्ट्रेशन लाइफटाइम के लिए होता है। हालांकि, विक्रेताओं को अपनी कंपनी प्रोफाइल, ITR डिटेल्स, GST स्टेटस और कैटलॉग को हर साल फ्री में अपडेट करना अनिवार्य होता है।
Source: Government e-Marketplace (GeM)

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Last Updated: 27/06/2026 © Gem Online Portal. All Rights Reserved