भारत सरकार के सरकारी ई-मार्केटप्लेस पर पंजीकरण हेतु सहायता केंद्र
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अगर आप भारत सरकार के विभागों और PSUs में अपने उत्पाद या सेवाएं बेचकर सरकारी टेंडर कैसे जीतें यह जानना चाहते हैं, तो GeM Seller Registration और Udyam Registration पहला अनिवार्य कदम हैं। 2026 के नए GFR नियमों और GeM गाइडलाइन्स के तहत MSMEs को विशेष Purchase Preference और EMD Exemption मिलती है।
यह संपूर्ण गाइड आपको अकाउंट सेटअप, डॉक्यूमेंटेशन, Bid Search, Technical-Financial Bidding और तय समय पर पेमेंट पाने का पूरा व्यावहारिक प्रोसेस समझाती है ताकि आप आसानी से सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल कर सकें।
भारत में B2G (Business-to-Government) पब्लिक प्रोक्योरमेंट के तहत जब केंद्र या राज्य सरकार के मंत्रालयों, विभागों और PSUs को किसी भी तरह के प्रोडक्ट या सर्विस की आवश्यकता होती है, तो वे इसके लिए सार्वजनिक रूप से Government Tender जारी करते हैं। आसान शब्दों में कहें तो, सरकारी टेंडर वह आधिकारिक प्रक्रिया है जिसके माध्यम से सरकार प्राइवेट वेंडर्स, ट्रेडर्स और MSMEs से सामान (Goods), निर्माण कार्य (Works) और सर्विसेज की खरीदारी करती है।
भारत सरकार का वित्त मंत्रालय General Financial Rules (GFR, 2017) के तहत सभी सरकारी खरीदारी को रेगुलेट करता है। GFR के Rule 149 के अनुसार, केंद्र सरकार के सभी विभागों, मंत्रालयों और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSEs) के लिए GeM Portal के माध्यम से ही उपलब्ध वस्तुओं और सेवाओं की खरीद करना अनिवार्य (Mandatory) है। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य सरकारी पैसे की बचत, प्रोक्योरमेंट में पारदर्शिता (Transparency), और सभी सप्लायर्स को समान अवसर (Fair Competition) देना है।
भारत में सरकारी टेंडर का मार्केट बहुत विशाल है, जहां हर साल अरबों रुपये के कॉन्ट्रैक्ट्स दिए जाते हैं। मुख्य सरकारी खरीदारों में शामिल हैं:
अगर आप एक छोटे व्यवसायी या स्टार्टअप हैं, तो सरकारी टेंडर प्रक्रिया में एंट्री लेने के लिए GeM Registration और MSME रजिस्ट्रेशन बेहद आवश्यक हैं। सरकारी पोर्टल पर बिजनेस शुरू करने के फायदे जानने के लिए आप हमारा विस्तृत गाइड Benefits of Selling on GeM for MSMEs udyam and Small Businesses | GeM Portal Seller Guide 2026 पढ़ सकते हैं।
GeM Portal पर सरकारी विभागों द्वारा की जाने वाली हर खरीद General Financial Rules (GFR, 2017) के Rule 149 द्वारा संचालित होती है। सरकार ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य विभागों और PSUs के लिए GeM के माध्यम से सामान और सर्विसेज खरीदना अनिवार्य कर दिया है। यदि आप जानना चाहते हैं कि How Udyam Registration Helps in Getting Government Tenders on GeM Portal | MSME Benefits Guide, तो आपको यह समझना होगा कि GFR की वित्तीय सीमाओं (Financial Thresholds) के अनुसार खरीद प्रक्रिया कैसे काम करती है:
MSME और Udyam रजिस्टर्ड बिजनेस के लिए GFR रूल्स के तहत विशेष प्राथमिकताएं तय की गई हैं। जैसे, छोटे उद्योगों को टेंडर जमा करते समय EMD (Earnest Money Deposit) देने की आवश्यकता नहीं होती और L1 मैचिंग में Purchase Preference का लाभ मिलता है। अधिक जानकारी और आधिकारिक नियमों के लिए आप gem.gov.in पर विजिट कर सकते हैं।
भारत में पब्लिक प्रोक्योरमेंट (Public Procurement) यानी सरकारी खरीद का बाजार बहुत विशाल है। एक आंकड़े के अनुसार, भारत में कुल GDP का लगभग 15% से 20% हिस्सा केवल सरकारी विभागों, केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों, PSU (Public Sector Undertakings) और रक्षा क्षेत्र द्वारा सामान और सेवाओं की खरीद पर खर्च होता है। यह हर साल ट्रिलियन रुपये का मार्केट साइज तैयार करता है। यदि आप एक भारतीय बिजनेसमैन हैं और यह सोच रहे हैं कि सरकारी टेंडर कैसे जीतें, तो आपको इस बड़े बाजार का हिस्सा बनने के लिए अपनी तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।
छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार की Public Procurement Policy for MSEs के तहत एक ऐतिहासिक नियम लागू किया गया है। इसके अनुसार सभी केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और CPSEs के लिए अपनी कुल वार्षिक खरीद का कम से कम 25% हिस्सा Micro and Small Enterprises (MSEs) से खरीदना अनिवार्य (Mandatory Quota) है।
इस 25% रिजर्वेशन कोटा का बंटवारा इस प्रकार किया गया है:
इसके अतिरिक्त, MSMEs को टेंडर में भाग लेते समय Earnest Money Deposit (EMD) Waiver और Tender Document Fee से पूरी छूट दी जाती है। यदि कोई बड़ी कंपनी L1 (सबसे कम बोली लगाने वाली) बनती है, तो MSME विक्रेताओं को L1 प्राइस मैच करके ऑर्डर का हिस्सा पाने का विशेष अवसर (Purchase Preference) भी मिलता है।
सरकार ने इस पूरी खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए GeM Portal को अनिवार्य प्राथमिक माध्यम बना दिया है। आज देश भर के लाखों छोटे-बड़े व्यापारी GeM Seller Registration कराकर सीधे बिना किसी बिचौलिये के गवर्नमेंट बायर्स को सप्लाई कर रहे हैं। सूक्ष्म और लघु उद्योगों के लिए Benefits of Selling on GeM for MSMEs udyam and Small Businesses | GeM Portal Seller Guide 2026 का मुख्य आकर्षण यही है कि यहाँ Direct Purchase, L1 Bidding और Custom Bid के जरिए हर बजट का GeM Tender उपलब्ध है।
अगर आपके पास वैध Udyam Registration (MSME Registration) और GeM Registration है, तो सरकारी खरीद का यह विशाल दायरा आपके बिजनेस को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का सबसे बड़ा और सुरक्षित अवसर प्रदान करता है।
GeM (Government e-Marketplace) भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया एक नेशनल ऑनलाइन ई-कॉमर्स पोर्टल है, जिसे वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय (Ministry of Commerce & Industry) द्वारा अगस्त 2016 में लॉन्च किया गया था। यह पोर्टल केंद्र व राज्य सरकार के विभागों, मंत्रालयों, पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (PSUs) और स्वायत्त निकायों (Autonomous Bodies) को विभिन्न प्रकार के Goods और Services की पारदर्शी खरीद करने की सुविधा देता है। यदि आप समझना चाहते हैं कि सरकारी टेंडर कैसे जीतें, तो सबसे पहले आपको GeM Portal की भूमिका को समझना होगा।
General Financial Rules (GFR) 2017 के Rule 149 के तहत केंद्र सरकार के सभी विभागों और मंत्रालयों के लिए GeM के माध्यम से ही खरीद (Procurement) करना कानूनी रूप से अनिवार्य (Mandatory) कर दिया गया है। यही कारण है कि आज भारत में हर छोटा और बड़ा सरकारी टेंडर GeM Portal के ज़रिए ही जारी किया जाता है।
संक्षेप में कहें तो, बिचौलियों (Middlemen) को खत्म करके सीधे सरकारी बायर तक पहुँच बनाने, समय पर Guaranteed Payment पाने और बिना किसी रिश्वत या पक्षपात के टेंडर प्रोसेस में भाग लेने के लिए आधिकारिक GeM Portal (gem.gov.in) पर GeM Seller Registration करना हर भारतीय उद्यमी के लिए बेहद ज़रूरी है।
2026 में Government e-Marketplace (GeM) का दायरा केवल पारंपरिक सामान जैसे फर्नीचर या स्टेशनरी तक सीमित नहीं रहा है। केंद्र सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों के विभागों द्वारा high-tech, sustainable और specialized services की खरीद में भारी उछाल आया है। यदि आप एक नए विक्रेता या startup हैं, तो इन नई श्रेणियों में catalog listing करके Benefits of Selling on GeM for MSMEs udyam and Small Businesses | GeM Portal Seller Guide 2026 का पूरा लाभ उठा सकते हैं और बिना कड़े कंपटीशन के डायरेक्ट ऑर्डर या टेंडर हासिल कर सकते हैं।
सरकारी विभागों के बेड़े (fleet) को ग्रीन एनर्जी में बदलने के लिए EV Leasing Services की मांग 40% से अधिक बढ़ी है। इसमें कार लीजिंग, इलेक्ट्रिक बसें और EV Charging Station Setup की सेवाएं शामिल हैं। MSMEs के लिए इसमें turnover exemption का लाभ भी उपलब्ध है।
डिजिटल इंडिया पहल के तहत विभिन्न मंत्रालयों को custom AI chatbots, predictive data analytics, automated workflow software और cloud migration solutions की आवश्यकता हो रही है। Software-as-a-Service (SaaS) मॉडल पर ये सर्विस श्रेणियाँ GeM पर बहुत तेज़ी से ग्रो कर रही हैं।
PM-KUSUM योजना और rooftop solar प्रोजेक्ट्स के कारण सोलर पैनल सप्लाई, solar water pumps और energy audit services के लिए प्रतिदिन नए टेंडर जारी हो रहे हैं। EPC (Engineering, Procurement, and Construction) कॉन्ट्रैक्ट्स अब GeM के ज़रिए आसानी से अलॉट किए जा रहे हैं।
सरकारी डेटा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए Managed Security Services (MSSP), VAPT (Vulnerability Assessment and Penetration Testing) audits, और hardware-as-a-service (HaaS) की डिमांड में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
स्वामित्व (SVAMITVA) योजना और कृषि सर्वे के लिए Drone-as-a-Service (DaaS) की श्रेणी में बड़े स्तर पर सरकारी टेंडर निकल रहे हैं। इसमें ड्रोन मैपिंग, लैंड सर्वे और क्रॉप मॉनिटरिंग शामिल हैं।
यदि आप इनमें से किसी भी सेक्टर में कार्य करते हैं, तो GeM Official Portal पर अपनी प्रोफाइल अपडेट करें और प्रासंगिक Product Code (UNSPSC) चुनकर सर्विस कैटलॉग लाइव करें। सही Category चयन से आपके टेंडर जीतने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
पुराने समय में सरकारी टेंडर (Government Tender) हासिल करना छोटे कारोबारियों और MSMEs के लिए एक बहुत ही जटिल और थकाऊ प्रक्रिया होती थी। पारंपरिक टेंडर व्यवस्था में ढेरों पेपरवर्क, बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटना, भारी EMD (Earnest Money Deposit) जमा करना और महीनों तक पेमेंट का इंतजार करना पड़ता था। इसके अलावा, कार्टेलाइजेशन और पारदर्शिता की कमी के कारण नए बिजनेस ओनर्स के लिए निष्पक्ष मौका पाना बेहद मुश्किल था।
लेकिन GeM Portal के आने के बाद भारत में सरकारी खरीद की पूरी प्रक्रिया बदल चुकी है। GeM ने पारंपरिक कागजी व्यवस्था को एक एंड-टू-एंड डिजिटल, ट्रांसपेरेंट और टाइम-बाउंड वर्कफ़्लो में बदल दिया है। छोटे कारोबारियों के लिए GeM पर सेलिंग के लाभ बहुत अधिक हैं क्योंकि यह पोर्टल सभी को एक समान अवसर प्रदान करता है।
इस डिजिटल बदलाव की वजह से आज कोई भी छोटा व्यापारी बिना किसी बिचौलिए के अपने ऑफिस से बैठे-बैठे किसी भी सरकारी विभाग का GeM Tender ऑनलाइन हासिल कर सकता है।
GeM Portal पर सरकारी विभाग और सार्वजनिक उपक्रम (PSUs) पारदर्शी तरीके से प्रोडक्ट्स और सर्विसेज की खरीदारी करते हैं। अगर आप GeM Seller Registration कर चुके हैं, तो यह समझना बहुत जरूरी है कि बैकएंड पर Buyer Requisition से लेकर Payment Disbursement तक पूरी खरीदारी प्रक्रिया (Procurement Ecosystem) कैसे काम करती है।
सरकारी विभागों में खरीद की प्रक्रिया निम्नलिखित 5 प्रमुख चरणों में पूरी की जाती है:
इस पूरी डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था के कारण सरकारी टेंडर में होने वाली देरी और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है। GeM के ऑथराइज्ड प्रोक्योरमेंट नियमों को विस्तार से देखने के लिए आप official GeM portal पर विजिट कर सकते हैं।
अगर आप एक छोटे या मध्यम उद्यमी हैं और GeM Portal पर बड़े सरकारी टेंडर कैसे जीतें की रणनीति बना रहे हैं, तो Udyam Registration आपका सबसे शक्तिशाली टूल है। MSMED Act 2006 और भारत सरकार की Public Procurement Policy for MSEs Order 2012 के तहत पंजीकृत MSME विक्रेताओं को टेंडर प्रक्रिया में विशेष कानूनी सुरक्षा, वरीयता (Priority) और छूट मिलती है।
बिना MSME रजिस्ट्रेशन वाले Bidders को GeM Tender में भाग लेने के लिए अनुमानित टेंडर वैल्यू की 2% से 5% राशि EMD (बयाना राशि) के रूप में जमा करनी पड़ती है। Udyam Certificate धारक Micro & Small Enterprises (MSEs) को Earnest Money Deposit और Tender Document Fee से 100% छूट मिलती है। इससे बिना अपनी Working Capital ब्लॉक किए आप एक साथ दर्जनों सरकारी बिड्स में भाग ले सकते हैं। इसके फायदों की विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ें How Udyam Registration Helps in Getting Government Tenders on GeM Portal | MSME Benefits Guide।
GeM Portal पर सरकारी विभाग टेंडर जारी करते समय भारी Turnover और कई सालों के Past Experience की मांग करते हैं। हालांकि, Ministry of MSME के दिशा-निर्देशों के अनुसार, MSEs को गुणवत्ता और तकनीकी मानकों (Technical Specifications) से समझौता किए बिना Prior Turnover और Prior Experience के मानदंडों में विशेष छूट (Relaxation) दी जाती है। इससे नई और छोटी कंपनियाँ भी बड़े टेंडर के लिए क्वालीफाई कर पाती हैं।
कानूनी रूप से केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों, विभागों और Public Sector Undertakings (PSUs) के लिए अपनी कुल वार्षिक खरीद का कम से कम 25% हिस्सा पंजीकृत MSEs से खरीदना अनिवार्य है। इसमें शामिल हैं:
इसके अलावा, टेंडर मूल्यांकन के दौरान यदि कोई Non-MSME Bidder L1 (न्यूनतम बोली) आता है और आपका Udyam-registered बिज़नेस L1 + 15% के प्राइस बैंड के भीतर है, तो आपको अपनी कीमत L1 के बराबर मैच करने का अवसर दिया जाता है और टेंडर का कम से कम 25% ऑर्डर आबंटित किया जाता है।
यदि आप MSME Ministry की कल्याणकारी योजनाओं और GeM Portal पर EMD Exemption जैसी सुविधाओं का पूरा लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपको नई Udyam Classification Limits को सही से समझना होगा। भारत सरकार ने MSME Registration के लिए Investment (संयंत्र व मशीनरी में निवेश) और Turnover (वार्षिक टर्नओवर) के संयुक्त मापदंडों (Composite Criteria) को स्पष्ट किया हुआ है, जिसके आधार पर आपकी Enterprise Category तय होती है:
वे छोटे व्यवसाय जो शुरुआती या स्थानीय स्तर पर कार्य कर रहे हैं, वे इस कैटेगरी में आते हैं:
वे निर्माण या सेवा इकाइयां जिनका बिज़नेस स्केल सूक्ष्म उद्यमों से बड़ा है:
स्थापित विनिर्माण और सेवा व्यवसाय इस श्रेणी के अंतर्गत वर्गीकृत किए जाते हैं:
GeM Seller Registration और टेंडर में इसका महत्व: जब आप Udyam Portal पर अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर लेते हैं, तो GeM Seller Login के दौरान आपकी श्रेणी अपने आप सिंक हो जाती है। यह जानना महत्वपूर्ण है कि How Udyam Registration Helps in Getting Government Tenders on GeM Portal | MSME Benefits Guide क्योंकि Micro और Small Enterprise की कैटेगरी वाले विक्रेताओं को सरकारी खरीद नीति (Public Procurement Policy) के तहत 25% का अनिवार्य कोटा, Tender Fee में छूट और L1 Matching Benefits मिलते हैं। अपने टर्नओवर का सटीक विवरण Income Tax Return और GST Return के अनुसार ही अपडेट रखें ताकि GeM Tender भरते समय आपका बिज़नेस डिस्क्वालिफाई न हो।
Udyam Registration सिर्फ सरकारी टेंडर में छूट पाने का जरिया नहीं है, बल्कि यह आपके बिज़नेस के working capital और financial stability को भी मजबूत करता है। MSME रजिस्टर्ड बिज़नेस को Income Tax Act के Section 43B(h) और CGTMSE स्कीम के तहत बेहतरीन वित्तीय सुरक्षा और लोन सहायता मिलती है।
Income Tax Act का Section 43B(h) छोटे व्यापारियों के लिए समय पर पेमेंट पाने का सबसे बड़ा हथियार है। इस नियम के तहत, यदि कोई भी कॉर्पोरेट या बड़ा Buyer किसी Micro या Small Enterprise से सामान या सर्विस खरीदता है, तो उसे तय समय सीमा के भीतर भुगतान करना अनिवार्य है:
यदि Buyer 45 दिनों के भीतर MSME Seller को भुगतान नहीं करता है, तो Income Tax Department उस बची हुई राशि को Buyer के खर्चे (expenses) में जोड़ने की अनुमति नहीं देता, जिससे Buyer की taxable income और टैक्स देनदारी बढ़ जाती है। यदि आप भी GeM Portal के माध्यम से बिज़नेस बढ़ाना चाहते हैं, तो How Udyam Registration Helps in Getting Government Tenders on GeM Portal | MSME Benefits Guide पढ़कर समझ सकते हैं कि कैसे यूद्यम प्रमाणपत्र आपको समय पर भुगतान और सरकारी टेंडर में प्राथमिकता दिलाता है।
सरकारी टेंडर (Government Tender) जीतने के बाद ऑर्डर पूरा करने के लिए बड़ी मात्रा में working capital की जरूरत होती है। MSME Ministry की CGTMSE (Credit Guarantee Fund Trust for Micro and Small Enterprises) स्कीम इस परेशानी को खत्म करती है:
GeM Portal पर EMD Waiver (बयाना राशि की छूट), Prior Experience / Turnover Exemption और L1 Purchase Preference का लाभ उठाने के लिए अपने Udyam Registration को GeM Profile से लिंक करना अनिवार्य है। GeM Portal का API सिस्टम सीधे MSME डेटाबेस से आपके 16-डिजिट Udyam Registration Number (URN) को रियल-टाइम में वेरीफाई करता है, जिससे मैन्युअल डॉक्यूमेंट अपलोड की जरूरत खत्म हो जाती है।
महत्वपूर्ण टिप: Validation की प्रक्रिया पूरी होते ही आपकी Seller Profile की Completion Rating बढ़ जाती है। यदि आपने हाल ही में Udyam में कोई अपडेट (जैसे NIC Code या Name Change) किया है, तो GeM Portal पर **Fetch Latest Data** बटन पर क्लिक करके डेटा को रिफ्रेश करना न भूलें ताकि टेंडर में कोई डिस्क्वालिफिकेशन न हो।
अगर आप एक Original Equipment Manufacturer (OEM) हैं और GeM Portal पर अपने ब्रांड के प्रोडक्ट्स सीधे सरकारी विभागों को बेचना चाहते हैं, तो आपको Vendor Assessment की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। GeM Portal पर सिर्फ genuine निर्माताओं को ही OEM Panel की सुविधा दी जाती है, जिसकी जांच Quality Council of India (QCI) द्वारा की जाती है।
QCI द्वारा किया जाने वाला Vendor Assessment मुख्य रूप से दो चरणों में पूरा होता है:
GeM Portal पर सभी निर्माताओं को Vendor Assessment कराना अनिवार्य नहीं है। यदि आप निम्नलिखित श्रेणियों में आते हैं, तो आपको इस प्रक्रिया से exemption (छूट) मिल सकती है:
एक बार आपका OEM Dashboard एक्टिवेट हो जाता है, तो आप अपने ब्रांड के प्रोडक्ट्स के लिए Vendor Authorization Code (VAC) जनरेट कर सकते हैं। यदि आप चाहते हैं कि आपके अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर या डीलर GeM पर आपके प्रोडक्ट्स बेचें, तो आपको उन्हें यह कोड प्रदान करना होगा। बिना OEM Authorization Code के कोई भी थर्ड-पार्टी सेलर आपके ब्रांडेड प्रोडक्ट्स का लिस्टिंग नहीं कर सकता। OEMs से जुड़ी गाइडलाइन्स और नीतिगत अपडेट्स के लिए आप आधिकारिक GeM Portal पर जाकर नियम देख सकते हैं।
GeM Seller Registration और Udyam Registration करते समय MSME व्यवसायियों को अक्सर कुछ तकनीकी और डॉक्यूमेंटेशन से जुड़ी गलतियों का सामना करना पड़ता है। यदि आपके रजिस्टर्ड डेटा में छोटी सी भी मिसमैच हो, तो आपका एप्लीकेशन रिजेक्ट हो सकता है और आप सरकारी टेंडर में भाग लेने से वंचित रह सकते हैं। GeM Portal पर सुचारू रूप से व्यापार करने के लिए इन आम समस्याओं और उनके समाधान को ध्यान से समझें:
सबसे अधिक आने वाली समस्या है - पैन कार्ड, जीएसटी सर्टिफिकेट और आधार कार्ड में नाम या स्पेलिंग का अलग होना। यदि आपके प्रोप्राइटरशिप फर्म या कंपनी का नाम सभी लीगल डॉक्यूमेंट्स में 100% मैच नहीं करता, तो GeM Portal का ऑटोमेटेड वेरिफिकेशन सिस्टम आपकी प्रोफाइल को रिजेक्ट कर देता है।
GeM Seller Login और Udyam Verification दोनों ही प्रक्रियाएं आधार-लिंक्ड मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP पर निर्भर करती हैं। कई बार सर्वर डाउन होने या मोबाइल नंबर अपडेट न होने के कारण OTP प्राप्त नहीं होता।
GeM Account सेटअप के दौरान बैंक खाता सत्यापित करने के लिए पोर्टल ₹1 का Penny Drop टेस्ट करता है। यदि गलत IFSC कोड दर्ज किया गया हो, खाता फ्रीज हो या कैंसिल चेक (Cancelled Cheque) पर नाम धुंधला हो, तो बैंक वैलिडेट नहीं होता।
GeM Portal स्वतः ही इनकम टैक्स विभाग से आपकी Turnover और ITR डिटेल्स फेच करता है। यदि आपकी ITR फाइलिंग PAN से सही तरीके से मैप नहीं है, तो टेंडर में बिडिंग की एलिजिबिलिटी शो नहीं होती।
GeM Portal पर सरकारी विभाग और PSUs अपनी जरूरतों और बजट के हिसाब से सामान और सेवाएं खरीदते हैं। General Financial Rules (GFR) के तहत GeM पर मुख्य रूप से 4 प्रकार के Buying Modes होते हैं, जिन्हें समझकर आप सही GeM Tender के लिए अप्लाई कर सकते हैं और सरकारी टेंडर कैसे जीतें की बेहतर रणनीति बना सकते हैं।
₹25,000 तक के ऑर्डर्स के लिए Buyer को किसी बिडिंग या कंपैरिजन की जरूरत नहीं होती। वह सीधे पोर्टल से किसी भी अप्रूव्ड सेलर का प्रोडक्ट खरीद सकता है। कुछ स्पेशल केसेज या कैटेगरीज में Direct Purchase की यह लिमिट ₹50,000 तक भी होती है। नए सेलर्स के लिए GeM Seller Registration के तुरंत बाद ऑर्डर पाने का यह सबसे तेज़ माध्यम है।
₹25,000 से लेकर ₹5,000,000 (₹5 लाख) तक के प्रोक्योरमेंट के लिए Buyers को GeM Portal पर कम से कम 3 अलग-अलग OEMs/सेलर्स के प्रोडक्ट्स का कम्पेरिज़न करना पड़ता है। जो सेलर टेक्निकल स्पेसिफिकेशन्स मीट करते हुए सबसे कम दाम (Lowest Price / L1) ऑफर करता है, उसे ऑर्डर दे दिया जाता है।
₹5 लाख से अधिक की वैल्यू वाले सभी ऑर्डर्स के लिए E-Bidding अनिवार्य है। बिड ओपन होने के बाद L1 सेलर चुनने के लिए Buyer Reverse Auction (RA) भी कंडक्ट कर सकता है, जहाँ सेलर्स रियल-टाइम में अपनी प्राइजिंग घटाकर L1 बनने की कोशिश करते हैं। MSMEs को इन बिड्स में EMD (Earnest Money Deposit) Waiver मिलता है; इस प्रोसेस की पूरी जानकारी के लिए पढ़ें How Udyam Registration Helps in Getting Government Tenders on GeM Portal | MSME Benefits Guide।
अगर कोई विशिष्ट प्रोडक्ट या कस्टमाइज्ड सर्विस GeM कैटलॉग में लिस्टेड नहीं है, तो Buyer Custom Bids क्रिएट करता है। वहीं दूसरी तरफ, बल्क और स्टैंडर्डाइज्ड खरीदारी के लिए Push Button Procurement का उपयोग किया जाता है, जिससे बड़े ऑर्डर्स की प्रोसेस बेहद पारदर्शी और त्वरित हो जाती है। GeM के नए बायिंग रूल्स चेक करने के लिए आप आधिकारिक पोर्टल gem.gov.in पर विजिट कर सकते हैं।
GeM Portal पर बड़ी मूल्य वाले Government Tenders में भाग लेते समय Two-Packet Bidding (Two-Cover System) प्रक्रिया का पालन किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल योग्य और क्षमतावान विक्रेता ही प्राइस रेस में शामिल हों। जब आप GeM Seller Login करके अपना प्रस्ताव जमा करते हैं, तो आपकी बिड दो अलग-अलग चरणों में प्रोसेस होती है:
टेंडर की अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद बायर (सरकारी विभाग) सबसे पहले सभी बिडर्स के Technical Envelope को खोलता है। इस चरण में आपके प्रोडक्ट या सर्विस की स्पेसिफिकेशन्स और एलिजिबिलिटी डाक्यूमेंट्स की जांच की जाती है:
केवल वही सेलर इस चरण में पहुंचते हैं जो Technical Evaluation में पूर्ण रूप से टेक्निकल क्वालीफाई (Technical Qualified) घोषित होते हैं। जो बिडर्स टेक्निकल मानकों पर खरे नहीं उतरते, उनकी फाइनेंशियल बिड नहीं खोली जाती और उनका टेंडर रिजेक्ट कर दिया जाता है।
टेक्निकल रूप से पास हुए सभी सेलर्स का Price Bid एक साथ खोला जाता है। GeM Portal का सिस्टम पारदर्शी तरीके से दरों की तुलना करता है और सबसे कम रेट (Lowest Price) कोट करने वाले सेलर को **L1 Vendor** निर्धारित करता है। नियमों के तहत सबसे कम बोली लगाने वाले L1 सेलर को ही टेंडर कॉन्ट्रैक्ट अवार्ड किया जाता है।
GeM Portal पर सही टेंडर मोड (Bidding Mode) का चुनाव करना ही यह तय करता है कि आप L1 बनकर GeM Portal पर ऑर्डर हासिल कर पाएंगे या आपका टेक्निकल बिड डिस्क्वालिफाई हो जाएगा। नए MSME और विक्रेताओं के लिए तीनों मुख्य Bidding Modes के व्यावहारिक उदाहरण नीचे दिए गए हैं:
जब किसी सरकारी विभाग को स्टैंडर्ड और रेडीमेड सामान की आवश्यकता होती है, तो वे Product Bids जारी करते हैं।
जब सरकार को कोई कार्य आउटसोर्स करना हो या मैनपावर की आवश्यकता हो, तब Service Bids का उपयोग किया जाता है।
जब टेंडर में कई अलग-अलग कस्टमाइज्ड आइटम्स या प्रोजेक्ट वर्क शामिल होता है जो GeM के स्टैंडर्ड कैटलॉग में आसानी से नहीं मिलते, तब खरीदार BOQ Bids का सहारा लेता है।
GeM Portal पर हर दिन हजारों सरकारी टेंडर (Bids / RAs) पब्लिश होते हैं। सही टेंडर न ढूंढ पाने की वजह से अक्सर कई MSMEs और नए Sellers बड़े अवसरों से चूक जाते हैं। GeM Portal पर अपने बिजनेस के अनुकूल टेंडर सर्च करने के लिए आपको एडवांस सर्च फिल्टर्स की सही जानकारी होनी चाहिए।
GeM पोर्टल प्रोडक्ट्स और सर्विसेज को मैनेज करने के लिए UNSPSC/CPV कोड्स का इस्तेमाल करता है। सर्च बार में सीधे अपने प्रोडक्ट का नाम या सर्विस कोड टाइप करें। इससे आपकी बिजनेस नीश से संबंधित सभी एक्टिव Bids तुरंत स्क्रीन पर दिखाई देने लगेंगी।
अगर आप किसी खास सरकारी विभाग जैसे Ministry of Defence, Indian Railways, या CPWD के टेंडर में भाग लेना चाहते हैं, तो "Ministry/Department" फ़िल्टर चुनें। इससे अनचाहे टेंडर्स हट जाएंगे और आप केवल अपनी टारगेट मिनिस्ट्री के लाइव टेंडर्स देख पाएंगे।
कई Bids में डिलीवरी लोकेशन स्पेसिफिक होती है। अपने राज्य (State) और जिले (District) का फिल्टर लगाकर स्थानीय टेंडर खोजें। लोकल टेंडर्स में सप्लाई आसान होती है और लॉजिस्टिक्स कॉस्ट घटने से L1 bidder बनने की संभावना बढ़ जाती है।
अपनी वर्किंग कैपिटल और क्रेडिट लिमिट के अनुसार Minimum और Maximum Bid Value सेट करें। इससे आपकी फाइनेंशियल कैपेसिटी के बाहर के टेंडर सर्च रिजल्ट में नहीं आएंगे और आपका समय बचेगा।
अगर आपका प्रोडक्ट नॉर्मल प्रोडक्ट लिस्टिंग में नहीं मिल रहा है, तो "Custom Bid" या "BOQ (Bill of Quantities) Bid" टैब में सर्च करें। खरीदार अक्सर स्पेशल रिक्वायरमेंट्स के लिए कस्टम टेंडर पब्लिश करते हैं।
टेंडर सर्च करते समय हमेशा "Closing Date", "Pre-bid Meeting Details", और "EMD Exemption" की जांच करें। यदि आप रजिस्टर्ड MSME हैं, तो आप टेंडर में EMD (Earnest Money Deposit) छूट का लाभ ले सकते हैं। विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ें कि How Udyam Registration Helps in Getting Government Tenders on GeM Portal | MSME Benefits Guide और सही टेंडर पर बिड लगाकर जीतें।
GeM Portal पर किसी भी Bids/RA में भाग लेने और सफलता हासिल करने के लिए सही प्रक्रिया (Step-by-step procedure) का सही क्रम में पालन करना बेहद जरूरी है। डॉक्यूमेंटेशन में एक छोटी सी चूक भी आपकी बिड को Disqualify करवा सकती है। यहाँ GeM पर बोली जमा करने का व्यावहारिक क्रम दिया गया है:
सबसे पहले अपनी Credentials दर्ज करके GeM Portal पर Login करें। Dashboard में ऊपर 'Bids' टैब पर जाएं और 'Ongoing Bids' पर क्लिक करें। अपने Product, Service या Ministry के अनुसार टेंडर सर्च करें और 'Participate' बटन पर क्लिक करें।
टेंडर की सभी अनिवार्य शर्तें (ATC - Additional Terms and Conditions) ध्यान से पढ़ें और Accept करें। यदि आपके पास MSME/Udyam रजिस्ट्रेशन है, तो आपको EMD राशि जमा करने से Exempt किया जा सकता है। आप यह समझने के लिए How Udyam Registration Helps in Getting Government Tenders on GeM Portal गाइड देख सकते हैं। छूट का लाभ उठाने के लिए अपना Valid Udyam Certificate अपलोड करें।
बायर्स द्वारा मांगी गई सभी टेक्निकल स्पेसिफिकेशन्स और डॉक्यूमेंट्स जैसे OEM Authorization Letter, Past Performance Certificate, CA-certified Turnover Certificate, ITR और GST Returns तैयार रखें। सभी फाइल्स स्पष्ट और सुपाठ्य (Legible) PDF फॉर्मेट में होनी चाहिए। आमतौर पर प्रति फाइल साइज़ 10MB से कम होना अनिवार्य है।
टेक्निकल डिटेल्स सबमिट करने के बाद Financial Bid का सेक्शन आता है। यहाँ अपने प्रोडक्ट या सर्विस की Landed Price (जिसमें बेस प्राइस, फ्रेट चार्ज, पैकिंग और GST शामिल हो) भरें। गलत प्राइस कोट करने से बचें, क्योंकि सबमिट होने के बाद प्राइस एडिट नहीं किया जा सकता।
बिड सबमिशन का अंतिम चरण ऑथेंटिकेशन है। आप दो तरीकों से अपनी बोली डिजिटली साइन कर सकते हैं:
वेरिफिकेशन पूरा होते ही सिस्टम 'Bid Submitted Successfully' का मैसेज देगा और आपको Bid Submission Receipt मिलेगी, जिसे भविष्य के संदर्भ के लिए डाउनलोड करके रख लें।
GeM Portal पर सरकारी टेंडर (Government Tender) में भाग लेते समय सबसे बड़ी गलती Bid Document और ATC (Additional Terms & Conditions) को सही से न समझना है। कई बार Sellers बिना पूरी शर्तें पढ़े टेंडर भर देते हैं और टेक्निकल इवैल्यूएशन (Technical Evaluation) के दौरान उनकी Bid Disqualify हो जाती है। टेंडर में अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए आपको इन 4 मुख्य घटकों को ध्यान से डिकोड करना चाहिए:
सबसे पहले चेक करें कि आपकी कंपनी Bid की पात्रता शर्तों को पूरा करती है या नहीं। इसमें मुख्य रूप से:
Buyer द्वारा जोड़ी गई विशिष्ट शर्तों को 'Buyer Added ATC' कहा जाता है। इसमें OEM Authorization Certificate (MAEF), ISO Certification, Sample Approval Clause, और Local Content Declaration (Make in India Policy) जैसी शर्तें शामिल होती हैं। यदि आप इनमें से एक भी डॉक्यूमेंट अपलोड नहीं करते हैं, तो आपकी Bid सीधे Reject हो जाएगी।
मैनपावर और सर्विस टेंडर में SLA सबसे अहम भूमिका निभाता है। इसमें Response Time (उदा. शिकायत के 4 घंटे के भीतर अटेंड करना) और Resolution Time तय होते हैं। सर्विस डिलीवरी में कमी आने पर Buyer आपकी बिल पेमेंट में से डिडक्शन कर सकता है।
टेंडर में लिक्विडेटेड डेमेजेस (Liquidated Damages - LD Clause) को ध्यान से पढ़ें। आमतौर पर समय पर डिलीवरी न देने पर प्रति सप्ताह 0.5% की दर से पेनल्टी लगती है, जो कुल Contract Value का अधिकतम 10% तक हो सकती है।
टेंडर सबमिट करने से पहले हमेशा GeM Portal से पूरा Bid PDF डाउनलोड करें, उसके हर क्लॉज को लिस्ट करें और Check-list बनाकर ही अपने डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें।
GeM Portal पर रोजाना हजारों सरकारी टेंडर (Custom Bids and RA) जारी होते हैं। सही Bidding Strategy और MSME फ़ायदों का उपयोग करके आप अपनी Success Rate को काफी बढ़ा सकते हैं। टेंडर जीतने के लिए नीचे दिए गए 10 एक्शन योग्य टिप्स को फॉलो करें:
जब भी आप किसी Government Tender में भाग लेते हैं, तो आमतौर पर नियमानुसार Bid Security या Earnest Money Deposit (EMD) जमा करना पड़ता है, जो कुल tender value का 2% से 5% तक हो सकता है। लेकिन Udyam Registration वाले सूक्ष्म और लघु उद्योगों (MSEs) के लिए GeM Portal पर EMD में 100% Exemption (पूर्ण छूट) का प्रावधान है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि छोटे विक्रेताओं का working capital ब्लॉक नहीं होता और वे बिना किसी आर्थिक तंगी के एक साथ कई टेंडर्स में बोली लगा सकते हैं। इस छूट का लाभ उठाने के लिए आपके GeM Seller Login अकाउंट में वैलिडेटेड MSME सर्टिफिकेट लिंक होना आवश्यक है। आप यह भी समझ सकते हैं कि How Udyam Registration Helps in Getting Government Tenders on GeM Portal ताकि Bidding के समय दस्तावेज़ीकरण में कोई गलती न हो।
यदि आप सोच रहे हैं कि प्रतिस्पर्धी दरों के बीच सरकारी टेंडर कैसे जीतें, तो सरकार की Purchase Preference Policy आपके लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकती है। केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार, सभी सरकारी विभागों और CPSEs को अपनी वार्षिक खरीद का कम से कम 25% हिस्सा Micro & Small Enterprises (MSEs) से खरीदना अनिवार्य है।
GeM Tender प्रक्रिया में यह L1 + 15% नियम इस प्रकार काम करता है:
इस प्रकार, सही GeM Seller Registration और Udyam विवरण दर्ज करके छोटे व्यापारी L1 न आने के बावजूद भी सरकारी आर्डर हासिल कर सकते हैं। आधिकारिक नियमों और नोटिफिकेशन के लिए आप GeM Portal पर Bidding Terms का अवलोकन कर सकते हैं।
अगर आप भारत में प्रोडक्ट या सर्विस बनाते हैं और सरकारी टेंडर कैसे जीतें की रणनीति बना रहे हैं, तो Public Procurement (Preference to Make in India) Order (PPP-MII) आपके लिए सबसे प्रभावी नीति है। DPIIT की इस पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य घरेलू निर्माताओं (domestic manufacturers) को विदेशी इंपोर्ट और गैर-स्थानीय सप्लायर्स के मुकाबले सरकारी खरीद में प्राथमिकता देना है। DPIIT के निर्देशों के तहत GeM Portal पर हर biding प्रक्रिया में Local Content के आधार पर प्राथमिकता दी जाती है।
PPP-MII नीति के तहत GeM Portal पर पंजीकृत सप्लायर्स को उनके उत्पाद में मौजूद लोकल वैल्यू एडिशन (Local Content) के आधार पर तीन वर्गों में विभाजित किया जाता है:
जब आप GeM Seller Registration करके प्रोडक्ट कैटलॉग अपलोड करते हैं, तब आपको Self-Declaration देना होता है कि आपका Local Content कितना % है। ₹10 करोड़ से अधिक की टेंडर वैल्यू होने पर Auditor या Cost Accountant का सर्टिफिकेट आवश्यक होता है।
टेंडर मूल्यांकन (evaluation) के दौरान, यदि कोई Non-Class-1 विक्रेता L1 (Lowest Bidder) बनता है, और कोई Class-1 Local Supplier L1 बोली के 20% के दायरे (Margin of Purchase Preference) में आता है, तो Class-1 सप्लायर को L1 रेट मैच करके कम से कम 50% ऑर्डर हासिल करने का कानूनी अधिकार मिलता है। यह जानना कि How Udyam Registration Helps in Getting Government Tenders on GeM Portal | MSME Benefits Guide आपके बिजनेस को MSME Exemptions और Make in India preference दोनों का डबल फायदा दिला सकता है।
GeM Portal पर Micro and Small Enterprises (MSEs) को सरकारी टेंडर में विशेष प्राथमिकता देने के लिए **Purchase Preference Policy** लागू की गई है। इस नीति का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यदि आप L1 (सबसे कम बोली लगाने वाला) नहीं भी हैं, फिर भी आप L1 के रेट को मैच करके ऑर्डर का एक बड़ा हिस्सा हासिल कर सकते हैं।
आइए समझते हैं कि L1 + 15% की Price Band कैसे काम करती है और order quantity का बंटवारा कैसे होता है:
Step 1: Price Band कैलकुलेट करना
नियम के अनुसार, MSE Sellers के लिए Eligibility Band = L1 Price + 15% होती है।
यहाँ calculation होगी: ₹100 + 15% = ₹115
Step 2: Matching Option
चूंकि L2 Bidder (MSE) का कोट किया गया रेट (₹112) इस ₹115 की सीमा के भीतर आता है, इसलिए GeM Portal ऑटोमैटिकली L2 बिडर को L1 का रेट (₹100/unit) मैच करने का अवसर देता है।
Step 3: Partial Quantity Allocation
यदि MSE Seller इस ₹100 के रेट को मैच कर लेता है, तो Order Quantity इस प्रकार बांटी जाएगी:
यदि आप यह जानना चाहते हैं कि MSME सर्टिफिकेट से टेंडर में यह सुविधा कैसे प्राप्त करें, तो पढ़ें How Udyam Registration Helps in Getting Government Tenders on GeM Portal। नीति की विस्तृत शर्तों के लिए आप आधिकारिक GeM Portal की नियमावली भी देख सकते हैं।
GeM Portal पर सही सरकारी टेंडर कैसे जीतें, यह जानने के साथ-साथ यह समझना भी उतना ही जरूरी है कि किन टेंडरों में बिड (Bid) नहीं लगानी चाहिए। गलत या जोखिम भरे टेंडर में पार्टिसिपेट करने से आपका working capital ब्लॉक हो सकता है और GeM Account का स्कोर या रेटिंग भी प्रभावित हो सकती है। नए sellers को टेंडर सेलेक्ट करते समय नीचे दिए गए Red Flags पर खास ध्यान देना चाहिए:
कई बार Buyer Departments टेंडर दस्तावेज़ों में ऐसे Custom Additional Terms & Conditions (ATC) जोड़ देते हैं, जो किसी चुनिंदा Vendor को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए बनाए गए लगते हैं। उदाहरण के लिए, अत्यधिक छोटी Delivery Timeline (जैसे 2-3 दिन), बिना किसी स्पष्ट कारण के लोकल ऑफिस की अनिवार्य शर्त, या बहुत ही सीमित Technical Specifications। यदि ATC की शर्तें सामान्य बिज़नेस लॉजिक से परे हों, तो ऐसे टेंडर से दूरी बनाना ही सही फैसला है।
छोटे वैल्यू वाले टेंडर में भी यदि 5 से 10 गुना एनुअल टर्नओवर या कई वर्षों के अनुभव की शर्त रखी गई है, तो सतर्क हो जाएं। हालांकि, अगर आपने How Udyam Registration Helps in Getting Government Tenders on GeM Portal | MSME Benefits Guide के तहत MSME Exemption का लाभ लिया है, तो आपको Prior Turnover और Experience में छूट मिलती है। लेकिन यदि Buyer ने टेंडर सेटिंग्स में MSME Relaxation को डिसएबल (No) कर रखा है, तो बिना पूरी तैयारी के उसमें बिड न लगाएं।
GeM Portal पर टेंडर में भाग लेने से पहले संबंधित Department की Payment Track Record ज़रूर चेक करें। आधिकारिक GeM Portal पर Buyer Dashboard में यह डेटा दिखता है कि Consignee Receipt-cum-Acceptance Certificate (CRAC) जारी होने में कितना समय लगता है। अगर किसी Buyer का 60 से 90 दिनों से अधिक का Payment Delay Record है या उस पर ज्यादा Incidents दर्ज हैं, तो वहां सप्लाय करने से आपका कैश फ्लो बिगड़ सकता है।
GeM Portal पर किसी भी Government Tender में हिस्सा लेने और सरकारी टेंडर कैसे जीतें की रणनीति बनाने के लिए आपके पास डॉक्यूमेंटेशन पूरी तरह सटीक और अपडेटेड होना चाहिए। टेंडर इवैल्यूएशन (Tender Evaluation) के दौरान डॉक्यूमेंट्स में छोटी सी भी गलती आपकी बिड (Bid) को तुरंत टेक्निकल स्टेज पर ही डिसक्वालीफाई (Disqualify) करवा सकती है।
Expert Tip: GeM Seller Login के बाद टेंडर डॉक्यूमेंट्स अपलोड करते समय ध्यान रखें कि सभी स्कैन कॉपी साफ़ हों और CA द्वारा जारी हर सर्टिफिकेट पर 18-डिजिट का UDIN नंबर ज़रूर अंकित हो, वरना टेंडर कमेटी बिड रिजेक्ट कर देती है।
GeM Portal पर सरकारी टेंडर और डायरेक्ट ऑर्डर में भाग लेने के लिए Sellers को अपने अकाउंट में एक निश्चित Caution Money (सुरक्षा राशि) डिपॉजिट करनी होती है। यह डिपॉजिट केवल सीरियस बिजनेसेज को प्लेटफॉर्म पर बनाए रखने और गैर-अनुपालन (non-compliance) को रोकने के लिए लिया जाता है। अगर आप जानना चाहते हैं कि GeM पर व्यापार करने के और क्या फायदे हैं, तो आप Benefits of Selling on GeM for MSMEs udyam and Small Businesses | GeM Portal Seller Guide 2026 पढ़ सकते हैं।
GeM Portal पर आपके पिछले वित्तीय वर्ष (Financial Year) के कुल Annual Turnover के आधार पर Caution Money की स्लैब-वार दरें निम्नलिखित हैं:
Caution Money का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से सीधे official GeM Portal के माध्यम से किया जाता है। इसके मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
नए विक्रेताओं को GeM Seller Login करने के तुरंत बाद अपने डैशबोर्ड पर जाकर Caution Money वॉलेट को रीचार्ज कर लेना चाहिए, ताकि Bidding प्रक्रिया में कोई रुकावट न आए।
GeM Portal पर निकलने वाले L1 Bids और Custom Bids की समयावधि अक्सर काफी कम होती है। कई बार Bid Submit करने के लिए केवल 10 से 15 दिनों का समय मिलता है। ऐसे में अगर आप ऐन मौके पर अपने डॉक्यूमेंट्स ढूंढना, डिजिटल सिग्नेचर (DSC) लगाना या CA से Turnover Certificate बनवाना शुरू करेंगे, तो टेंडर मिस होने का जोखिम काफी बढ़ जाता है। अगर आप वास्तव में समझना चाहते हैं कि सरकारी टेंडर कैसे जीतें, तो सबसे पहला कदम है अपने डॉक्यूमेंट्स की एक वेल-ऑर्गनाइज्ड Cloud Repository (Google Drive या OneDrive) तैयार रखना।
जब आपके सभी डॉक्यूमेंट्स डिजिटल रूप से pre-signed और ready-to-upload होते हैं, तो आप GeM Seller Registration के बाद बिना किसी टेक्निकल देरी के मात्र 15 मिनट में अपनी Bid Successfully Submit कर सकते हैं। यही प्रोफ़ेशनल अप्रोच आपको प्रतिस्पर्धा में अन्य विक्रेताओं से आगे रखती है।
जब आप GeM Portal पर टेंडर या डायरेक्ट ऑर्डर (Direct Order) जीत लेते हैं, तो पोस्ट-अवार्ड फुलफिलमेंट (Post-award Fulfillment) की प्रक्रिया शुरू होती है। नए विक्रेताओं के मन में अक्सर यह डर रहता है कि सरकारी सप्लाई के बाद पेमेंट अटकेगी। हालांकि, GeM सिस्टम ने डिलीवरी और भुगतान की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, डिजिटल और समयबद्ध (Time-bound) बना दिया है।
टेंडर अवॉर्ड होने के बाद आपको अपने GeM Seller Login डैशबोर्ड पर Contract Notification प्राप्त होता है। माल भेजने की प्रक्रिया को इन स्टेप्स में पूरा किया जाता है:
सामान प्राप्त होने के बाद खरीदार (Buyer) उसकी गुणवत्ता और मात्रा की जांच करता है। इसके बाद पोर्टल पर CRAC (Consignee Receipt Certificate) जनरेट किया जाता है। GeM नियमों के अनुसार, माल मिलने के 10 दिनों के भीतर खरीदार को CRAC जारी करना अनिवार्य है। यदि खरीदार 10 दिनों तक कोई प्रतिक्रिया नहीं देता या रिजेक्शन दर्ज नहीं करता, तो पोर्टल द्वारा स्वचालित रूप से Auto-CRAC जनरेट हो जाता है।
CRAC सफलतापूर्वक जारी होने के बाद ऑटोमेटेड पेमेंट ट्रांसफर का प्रोसेस शुरू होता है:
सरकारी खरीदारों से समय पर भुगतान मिलना छोटे उद्यमियों के लिए बड़ी राहत है। यदि आप भी टेंडर प्रक्रिया और विक्रेता लाभों के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं, तो Benefits of Selling on GeM for MSMEs udyam and Small Businesses | GeM Portal Seller Guide 2026 पढ़ें और अपनी वर्किंग कैपिटल को सुरक्षित रखते हुए सरकारी ऑर्डर पूरे करें।
GeM Portal पर जब भी आपको कोई बड़ा सरकारी टेंडर (Government Tender) या direct contract मिलता है, तो buyer department अनुबंध के सही क्रियान्वयन (contract fulfillment) की गारंटी के लिए Security Deposit या ePBG (Electronic Performance Bank Guarantee) मांगता है। नए नियमों के अनुसार, आमतौर पर order value का 3% से 5% हिस्सा ePBG के रूप में जमा करना होता है, जिसे contract issue होने के 15 दिनों के भीतर portal के जरिए submit करना अनिवार्य है।
अगर GeM Seller Delivery Schedule की डेडलाइन को मिस करता है, तो GeM Portal के General Terms and Conditions (GTC) के अनुसार Liquidated Damages (LD) पेनल्टी लगाई जाती है:
अपनी working capital और rating सुरक्षित रखने के लिए हमेशा टेंडर की डिलीवरी टाइमलाइन समझें और आधिकारिक GeM Portal के अपडेटेड GTC गाइडलाइंस का पालन करें।
GeM Portal पर सरकारी टेंडर जीतना और ऑर्डर पूरा करना जितना फायदेमंद है, उतनी ही सख्त इसकी Incident Management Policy भी है। यदि कोई सेलर टाइमलाइन या प्रोडक्ट क्वालिटी में लापरवाही बरतता है, तो बायर्स उनके खिलाफ पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। नियमों का पालन न करने पर सेलर का अकाउंट निलंबित (Suspend) या पूरी तरह ब्लैकलिस्ट (Blacklisted) किया जा सकता है।
जब कोई Buyer सामान की डिलीवरी में देरी (Delivery Delay), गलत स्पेसिफिकेशन, नकली सामान (Counterfeit Products) या बिना वैध कारण के ऑर्डर रिजेक्ट करने जैसी समस्याएं देखता है, तो वह GeM Dashboard के जरिए Incident Raise करता है। यदि आपके सेलर प्रोफाइल पर 3 या उससे अधिक Unresolved Incidents हो जाते हैं, तो GeM Algorithm आपके अकाउंट पर Red-Flag Notice ट्रिगर कर देता है। रेड-फ्लैग लगने पर आपका प्रोडक्ट कैटलॉग फ्रीज हो सकता है और आप नए GeM Tender में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
इंसिडेंट दर्ज होने के बाद, सेलर को अपनी सफाई पेश करने के लिए आमतौर पर 10 दिनों का समय (Response Window) दिया जाता है। यदि आप समय पर जवाब नहीं देते या आपका स्पष्टीकरण असंतोषजनक होता है, तो सिस्टम ऑटोमैटिक Administrative Show-Cause Notice जारी कर देता है। इसके बाद मामले की समीक्षा GeM Incident Management Committee द्वारा की जाती है।
अपनी बिडिंग क्षमता को सुरक्षित रखने के लिए डॉक्यूमेंट्स हमेशा सही रखें। MSME के तहत मिलने वाली छूट और बिडिंग लाभों को विस्तार से समझने के लिए हमारा लेख How Udyam Registration Helps in Getting Government Tenders on GeM Portal | MSME Benefits Guide ज़रूर पढ़ें।
छोटे व्यवसाय कैसे GeM Portal का सही इस्तेमाल करके बड़े ऑर्डर पा सकते हैं, इसे समझने के लिए जयपुर (राजस्थान) की एक छोटी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट 'श्री राम स्टील वर्क्स' का उदाहरण देखते हैं। यह यूनिट पहले केवल स्थानीय प्राइवेट मार्केट में सप्लाई करती थी और इनका सालाना टर्नओवर ₹20 लाख के आसपास था।
मार्केट में कंपटीशन और वर्किंग कैपिटल (Working Capital) की ब्लॉकेज के कारण बिजनेस ग्रो नहीं कर पा रहा था। 2025 के अंत में, उन्होंने अपना Benefits of Selling on GeM for MSMEs udyam and Small Businesses | GeM Portal Seller Guide 2026 का लाभ उठाने का फैसला किया। सबसे पहले उन्होंने Udyam Registration कराया और फिर आधिकारिक पोर्टल gem.gov.in पर GeM Seller Registration की प्रक्रिया पूरी की।
रजिस्ट्रेशन के 2 महीने बाद, उन्हें रेलवे के एक लोकल डिविजन द्वारा निकाला गया ₹35 लाख का ऑफिस फर्निचर और स्टील रैक्स का Government Tender दिखा। एक छोटे सप्लायर के लिए यह काफी बड़ा ऑर्डर था:
ऑर्डर सुरक्षित करने के बाद उन्होंने तय समय (30 दिन) के भीतर डिलीवरी पूरी की। GeM Portal की पारदर्शी प्रणाली और CRAC (Consignee Receipt-cum-Acceptance Certificate) जनरेट होने के बाद, डिलीवरी के केवल 10 दिनों के भीतर पूरा भुगतान उनके बैंक खाते में आ गया।
आज 'श्री राम स्टील वर्क्स' GeM Seller Login के जरिए हर महीने नए Custom Bids और Direct Purchase ऑर्डर्स में हिस्सा ले रही है। उनकी सालाना सेल अब ₹1.2 करोड़ से अधिक हो चुकी है। यह केस स्टडी साबित करती है कि अगर आपका Udyam Registration और प्रोफाइल सेटअप सही है, तो आप आसानी से जान सकते हैं कि सरकारी टेंडर कैसे जीतें और बिना किसी बिचौलिए के अपने एमएसएमई बिजनेस को तेजी से बढ़ा सकते हैं।
GeM Portal पर सफलतापूर्वक व्यापार शुरू करना और सरकारी टेंडर कैसे जीतें, यह समझना कई छोटे व्यवसाय स्वामियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। प्रोफाइल वेरिफिकेशन में छोटी सी गलती या गलत डॉक्यूमेंट सबमिशन के कारण आपका आवेदन रिजेक्ट हो सकता है या टेंडर बिड खारिज हो सकती है। हमारी प्रोफेशनल कंसल्टेंसी सेवाएं आपको संपूर्ण GeM Registration, Udyam Registration और बिडिंग प्रक्रिया में बिना किसी त्रुटि के एक्सपर्ट सहायता प्रदान करती हैं।
हम सुनिश्चित करते हैं कि आपके सभी डॉक्यूमेंट आधिकारिक GeM Portal के गाइडलाइन्स के अनुसार ही प्रोसेस हों। हमारी डेडिकेटेड टीम की मदद से अब तक 5,000+ से अधिक विक्रेता आसानी से ऑनबोर्ड हो चुके हैं और सरकारी विभागों में लाखों के ऑर्डर हासिल कर रहे हैं। यदि आप भी बिना किसी परेशानी के GeM Tender में हिस्सा लेकर अपने व्यवसाय को स्केल करना चाहते हैं, तो आज ही हमारी सहायता टीम से परामर्श लें।
हां, यदि आप MSME/Micro Enterprise के रूप में टेंडर में विशेष छूट पाना चाहते हैं, तो Udyam Certificate होना बहुत जरूरी है। इसके बिना आप L1 Purchase Preference और EMD Exemption जैसी सुविधाओं का दावा नहीं कर सकते। अधिक जानकारी के लिए पढ़ें कि How Udyam Registration Helps in Getting Government Tenders on GeM Portal | MSME Benefits Guide।
Public Procurement Policy के तहत पंजीकृत MSMEs और DPIIT-recognized Startups को Bidding प्रक्रिया के दौरान EMD (Bid Security) जमा करने से 100% छूट मिलती है। इसके लिए अपने GeM Seller Account Profile में Udyam Certificate नंबर और डिटेल्स लिंक करनी होती है। टेंडर सबमिट करते समय Portal पर 'Exemption Requested' का ऑप्शन सेलेक्ट करके अपना सर्टिफिकेट अपलोड करना होता है।
GeM की नीति के अनुसार, Buyer (सरकारी विभाग) द्वारा प्रोडक्ट रिसीव और वेरीफाई करने के बाद CRAC (Consignee Receipt and Acceptance Certificate) जारी किया जाता है। CRAC जनरेट होने के ठीक 10 कार्य दिवसों (Working Days) के भीतर Seller को Payment जारी करना अनिवार्य है। देरी होने पर Buyer Dept पर 1% प्रति माह की पेनल्टी/ब्याज दर लागू होती है।
GeM पर ऐसे कई Bids प्रकाशित होते हैं जिनमें Micro & Small Enterprises (MSEs) और Startups के लिए Prior Experience और Minimum Turnover की शर्तों से छूट (Relaxation) दी जाती है। आप GeM Portal के Advanced Search Filter में जाकर 'Exempt Experience/Turnover' टेंडर्स को फ़िल्टर करके आवेदन कर सकते हैं।
Primary Registration के लिए आधार कार्ड (मोबाइल नंबर से लिंक), PAN Card, सक्रिय GSTIN, Bank Account डिटेल्स (Cancelled Cheque), ईमेल आईडी और Udyam Certificate अनिवार्य हैं। यदि आप Brand Owner हैं तो Trademark Certificate भी जोड़ सकते हैं।
भारत सरकार का GeM Portal और Udyam Registration देश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए सरकारी व्यापार (B2G Sales) के सबसे बड़े दरवाजे खोल चुका है। हर साल ₹4 लाख करोड़ से अधिक की Government Procurement प्रक्रिया इसी डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए पूरी की जाती है। यदि आप भी अपने Business को एक नए मुकाम पर ले जाना चाहते हैं और सरकारी टेंडर कैसे जीतें की राह पर आगे बढ़ना चाहते हैं, तो आज ही अपनी रजिस्ट्रेशन और डॉक्यूमेंटेशन की तैयारी शुरू करना सबसे रणनीतिक कदम होगा।
Early Registration और एक्टिव बिडिंग (Active Bidding) से आपको प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर Early Mover Advantage मिलता है। Public Procurement Policy के तहत registered MSME sellers को सरकार द्वारा विशेष रियायतें दी जाती हैं, जिससे आपका Financial Risk कम हो जाता है:
यदि आप अपने व्यवसाय को सरकारी सप्लाई चेन से जोड़कर स्थायी Revenue Stream बनाना चाहते हैं, तो हमारे विशेष गाइड Benefits of Selling on GeM for MSMEs udyam and Small Businesses | GeM Portal Seller Guide 2026 को पढ़ें, जहाँ हमने बिज़नेस ग्रोथ और क्रेडिट सपोर्ट की पूरी जानकारी दी है।
देर न करें! अपने आवश्यक दस्तावेज़ जैसे Aadhaar Card, PAN Card, GSTIN और Cancelled Cheque तैयार रखें और आधिकारिक GeM Portal पर जाकर अपना GeM Seller Login बनाएं। 2026 में सही कैटेगरी चुनकर, कंपेटिटिव प्राइसिंग सेट करके और नियमित रूप से टेंडर ट्रैक करके आप आसानी से सरकारी ऑर्डर हासिल कर सकते हैं।
अगर आप सचमुच यह जानना चाहते हैं कि सरकारी टेंडर कैसे जीतें, तो आपको एक सिस्टमैटिक 30-दिनों की अप्रोच अपनानी होगी। GeM Portal पर सफलता अचानक नहीं मिलती, बल्कि सही डॉक्यूमेंटेशन और स्ट्रैटेजी से मिलती है। अपने बिज़नेस को Government Tender के लिए तैयार करने का हफ़्ते-दर-हफ़्ते एक्शन प्लान नीचे दिया गया है:
पहले हफ़्ते का मुख्य लक्ष्य अपने सभी लीगल और टैक्स पेपर्स सही करना है:
दूसरे हफ़्ते में पोर्टल पर अपनी बिजनेस प्रोफाइल मजबूत करें:
तीसरे हफ़्ते में GeM Tender सर्च करने और बिडिंग प्रोसेस को समझने पर फोकस करें:
चौथे हफ़्ते में आप लाइव बिडिंग के लिए तैयार हैं:
| Procurement Mode (खरीद का प्रकार) | Order Value Limit (ऑर्डर वैल्यू की सीमा) | MSME / Udyam Benefits & Exemptions (छूट और लाभ) | Key Documents & Eligibility (आवश्यक योग्यता और दस्तावेज़) |
|---|---|---|---|
| Direct Purchase (डायरेक्ट परचेज) |
Up to ₹25,000 (Automotive parts के लिए ₹50,000 तक) |
बिना बिडिंग सीधे ऑर्डर; Small & Micro Sellers को प्राथमिकता | Active GeM Seller Account, Udyam Registration, Verified Bank Details, PAN & GSTIN |
| L1 Price Comparison (L1 तुलनात्मक खरीद) |
₹25,000 से ₹5,00,000 तक | 3 अलग-अलग OEMs के प्रॉडक्ट्स में सबसे कम प्राइस (L1) वाले MSME से डायरेक्ट खरीद | GeM Catalog Listing, Product OEM Authorization (यदि लागू हो), Stock Availability |
| e-Bidding / Reverse Auction (RA) (ई-बिडिंग एवं रिवर्स ऑक्शन) |
₹5,00,000 से अधिक (सभी सरकारी विभाग) | EMD Fee Exemption: 100% छूट Relaxation: Prior Experience और Turnover मानदंडों में छूट (MSEs के लिए) |
Technical & Financial Bid, CA Certified Turnover, Compliance Sheet, Work Experience Certificates |
| Custom Bid / BOQ Tender (कस्टम एवं बीओक्यू बिड) |
High Value & Specialized Orders (विशेष सेवाओं के लिए) | Purchase Preference: MSEs को L1 + 15% प्राइस बैंड में मैचिंग का अवसर (25% कोटा सुरक्षित) | Custom Product Specifications, Tender Specific Authorization (MAEF), MSME Class Certificate |
| MSME Reserved Procurement (आरक्षित सरकारी टेंडर) |
358 आरक्षित आइटम्स एवं ₹200 करोड़ तक के टेंडर | 100% Reserved for Micro & Small Enterprises; Non-MSME/Global Sellers का प्रवेश वर्जित | Valid Udyam Certificate (Micro/Small Category), GeM Profile Verified as MSE, Self-Declaration |
| Updated: August 2026 | Source: GeM Portal & MSME Procurement Policy Guidelines 2026 | |||
GeM Seller Registration के लिए आपका PAN Card, Aadhaar Card (मोबाइल नंबर से लिंक), एक्टिव Bank Account, IFSC code और Email ID अनिवार्य हैं। यदि आपका बिजनेस GST में रजिस्टर्ड है, तो GSTIN नंबर दें। MSME बेनिफिट्स पाने के लिए Udyam Registration सर्टिफिकेट की आवश्यकता होती है। साथ ही पिछले 3 साल की ITR डिटेल्स भी तैयार रखें।
Source: Government e-Marketplace (GeM)
हां, Public Procurement Policy के तहत Udyam Registered MSMEs को GeM Portal पर सरकारी टेंडर में EMD (Earnest Money Deposit) जमा करने से पूरी छूट मिलती है। हालांकि, विक्रेताओं को EMD की जगह टेंडर डाक्यूमेंट्स के अनुसार Bid Security Declaration फॉर्म सबमिट करना पड़ सकता है। इससे छोटे बिजनेसेस के लिए working capital बचाना आसान हो जाता है।
Source: Ministry of MSME
GeM Portal पर अनुशासित व्यापार सुनिश्चित करने के लिए टर्नओवर के आधार पर Caution Money जमा करनी होती है। ₹1 करोड़ से कम टर्नओवर के लिए ₹5,000, ₹1 से ₹10 करोड़ के लिए ₹10,000 और ₹10 करोड़ से अधिक टर्नओवर के लिए ₹25,000 जमा करने होते हैं। यह राशि विक्रेता द्वारा नियमों का उल्लंघन या टेंडर पेनल्टी की स्थिति में काटी जा सकती है।
Source: Government e-Marketplace (GeM)
टेंडर प्रक्रिया में सबसे कम बोली (Lowest Price Offer) लगाने वाले सेलर को L1 Bidder कहा जाता है। L1+15% Rule के तहत, यदि कोई MSME सेलर L1 प्राइस से 15% के दायरे में आता है, तो उसे L1 प्राइस मैच करने पर टेंडर का कम से कम 25% ऑर्डर शेयर प्राप्त करने का अधिकार मिलता है।
Source: Ministry of Commerce and Industry
GeM Portal के नियमानुसार, बायर्स (सरकारी विभाग) को CRAC (Consignee Receipt and Acceptance Certificate) जारी होने के 10 दिनों के भीतर सेलर को पेमेंट करना अनिवार्य है। यदि बायर्स तय समय सीमा में पेमेंट नहीं करते हैं, तो उन्हें देरी के लिए ब्याज देना पड़ सकता है। इससे MSME विक्रेताओं को समय पर वर्किंग कैपिटल मिल जाती है।
Source: Government e-Marketplace (GeM)
हां, यदि आपका बिजनेस GST की निर्धारित थ्रेशोल्ड लिमिट से कम है या आप GST-exempted प्रोडक्ट्स बेचते हैं, तो आप बिना GSTIN के भी GeM Seller Registration कर सकते हैं। इसके लिए आपको PAN, Bank Account और Self-Declaration सबमिट करना होगा। हालांकि, पूर्ण टेंडर एक्सेस और अनलिमिटेड लिस्टिंग के लिए GST Number होना फायदेमंद रहता है।
Source: Government e-Marketplace (GeM)